चमोली त्रासदी: रेस्क्यू ऑपेरशन में आ रही दिक्कतें, राज्यपाल ने भी किया इलाके का दौरा

चमोली त्रासदी के पांच दिन बाद भी टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पाई.

चमोली त्रासदी के पांच दिन बाद भी टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पाई.

Chamoli Disaster: चमोली त्रासदी में घटना के पांच दिन बाद भी तपोवन टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पाई है. रेस्क्यू ऑपरेशन में अब दिक्कतें आने लगी हैं. सुबह से ड्रिल के जरिये टनल के भीतर जो खुदाई चल रही थी, वह फिलहाल रोक दी गई है क्योंकि ड्रिल मशीन टूट गई है.

  • Share this:
चमोली. चमोली त्रासदी घटना के पांच दिन हो गए हैं. टनल में फंसे लोगों तक पहुंचने में सफलता नहीं मिल पा रही है. डीजीपी अशोक कुमार का कहना है कि रेस्क्यू ऑपरेशन में अब दिक्कतें आने लगी हैं. एनटीपीसी के ही अधिकारियों को टनल के अंदर की स्थिति का पता है, इसलिये उनके साथ ही स्ट्रैटेजी के साथ ही अब रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सुबह 3 बजे से ड्रिल के जरिये जो खुदाई चल रही थी, वह फिलहाल ड्रिल मशीन के टूटने के वजह से रुक गई है.

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार दोपहर 12:30 बजे तक बचाव दल ने 204 लापता में से 35 शव बरामद किए हैं. 10 शवों की शिनाख्त की गई है. ऋषिगंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी भी हो रही है. पुलिस अधीक्षक चमोली यशवंत सिंह चौहान ने नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया है.

Youtube Video


वहीं राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने भी चमोली के आपदाग्रस्त तपोवन इलाके का दौरा कर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया. अधिकारियों और कार्मिकों से बात करके राहत और बचाव कार्यों की जानकारी ली. साथ ही निर्देश दिए कि रेस्क्यू ऑपरेशन तीव्रता से निरंतर चलते रहना चाहिए. रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे कार्मिकों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए. राज्यपाल ने आपदा में लापता लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उनको हर संभव सहायता पहुंचाने का आश्वासन दिया. उन्होंने प्रभावित गांवों में रेडक्रास के माध्यम से भी सहायता देने के निर्देश दिए.
मीडिया से अनौपचारिक बातचीत के दौरान राज्यपाल श्रीमती मौर्य ने कहा कि हमें राहत एवं बचाव कार्य में लगे कार्मिकों की भी चिंता करनी होगी. उन्होंने कहा कि पुलिस, प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं आईटीबीपी के सभी अधिकारी एवं कार्मिक गंभीरता एवं प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं. उम्मीद है कि जल्द से जल्द प्रभावित टनल खुले, लोगों को मदद पहुंचाई जा सके. आपदा सचिव एसए मुरुगेशन का कहना है कि इस रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरा करने का जल्द से जल्द प्रयास किया जा रहा. हालांकि दिक्कत आ रही है लेकिन अधिकारियों की टीम लगातार इस कोशिश में है कि कैसे चैनल को खोलकर फंसे लोगों को बचाया जा सके.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज