Uttarakhand Flood: आपदा में लापता लोगों के परिजनों ने ऋषिगंगा परियोजना स्थल पर किया विरोध प्रदर्शन

चमोली जिले के तपोवन में आई आपदा में सैकड़ों की संख्या में लोग लापता हैं, चार दिन बीतने के बाद भी इनका पता नहीं चल सका है

चमोली जिले के तपोवन में आई आपदा में सैकड़ों की संख्या में लोग लापता हैं, चार दिन बीतने के बाद भी इनका पता नहीं चल सका है

लापता श्रमिकों के परिजन यहां परियोजना के अधिकारियों के साथ दो घंटे तक बहस में उलझे रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा के बाद बचाव और राहत अभियान (Rescue Operation) उस प्रकार नहीं चलाया जा रहा है जैसे उसे चलाया जाना चाहिए था

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 12, 2021, 1:33 AM IST
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रैंणी (चमोली). उत्तराखंड के चमोली (Chamoli) जिले की ऋषिगंगा घाटी में आई विकराल बाढ़ (Uttarakhand Flood) में तबाह हुई ऋषिगंगा जलविद्युत परियोजना (Hydro Power Project) स्थल से लापता हुए लोगों के परिजनों ने बुधवार को अधिकारियों पर बचाव अभियान सही से नहीं चलाने का आरोप लगाया. लापता श्रमिकों के परिजन यहां परियोजना के अधिकारियों के साथ दो घंटे तक बहस में उलझे रहे. उन्होंने आरोप लगाया कि आपदा के बाद बचाव और राहत अभियान उस प्रकार नहीं चलाया जा रहा है जैसे उसे चलाया जाना चाहिए था.

ऋषिगंगा परियोजना में कार्यरत पंजाब के रहने वाले एक व्यक्ति जुगल के भाई ने कहा, 'आपदा आए चार दिन हो चुके हैं लेकिन अभी सारा ध्यान कनेक्टिविटी बहाल करने पर है. लापता हुए लोगों को बचाना इनकी प्राथमिकता नहीं लग रही है.' उसने कहा, 'जब जुगल का फोन नंबर मिलाया जा रहा है तो उसके मोबाइल की घंटी बज रही है.'

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वहीं लापता लोगों के परिजनों का आक्रोश झेलने वाले ऋषिगंगा के परियोजना प्रबंधक कमल चौहान ने कहा कि लापता लोगों की तलाश के लिए प्रशासन द्वारा उनकी मदद नहीं ली जा रही है.
बता दें कि बीते रविवार को चमोली जिले के तपोवन में ग्लेशियर टूटने से भारी तबाही मची थी. इस हादसे के शिकार अभी तक 32 लोगों के शव मिले हैं जबकि करीब 200 लोग लापता बताए जा रहे हैं. ग्लेशियर टूटने के चलते अलकनंदा नदी में भयानक बाढ़ आ गई थी जिससे कई इलाके प्रभावित हुए हैं. (भाषा से इनपुट)
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