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बद्रीनाथ के कपाट खुले, ‘जय बद्री विशाल’ के जयकारों से गूंज उठा धाम

पूरे विधि विधान और वैदिक मंत्रोचार के साथ सुबह ठीक 4 बजकर 15 मिनट पर धाम के कपाट खोल दिया गया है.

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उत्तराखंड के चारधाम में से चौथे और अंतिम धाम बद्रीनाथ के कपाट खुल गए हैं. पूरे विधि विधान और वैदिक मंत्रोचार के साथ सुबह ठीक 4 बजकर 15 मिनट पर धाम के कपाट खोल दिया गया है. जय बद्री विशाल के जयकारों से पूरा बद्रीनाथ धाम गूंज उठा है. अब से अगले करीब 6 महीने तक धाम के कपाट खुले रहेंगे.

मान्यता है कि आज जहां ये धाम स्थित है, वहां पहले भगवान शिव निवास किया करते थे, लेकिन बाद में भगवान विष्णु इस जगह पर रहने लगे. भगवान शिव और भगवान विष्णु न केवल एक दूसरे को बहुत मानते थे बल्कि दोनों एक दूसरे के आराध्य भी थे.

परंपरा के अनुसार बद्रीनाथ धाम में छह महीने मानव और छह माह देव पूजा होती है. शीतकाल के दौरान देवर्षि नारद यहां भगवान नारायण की पूजा करते हैं. इस दौरान भगवान बद्री विशाल के मंदिर में सुरक्षा कर्मियों के सिवा और कोई भी नहीं रहता. बता दें कि 20 नवंबर 2018 को कपाट बंद कर दिए गए थे. साथ ही चार धाम यात्रा पर भी विराम लग गया था.



बता दें कि इसके पहले 7 मई को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुल चुके हैं. साथ ही 9 मई को केदारनाथ धाम के कपाट खोल दिए गए थे. आज सुबह (10 मई) को बद्रीनाथ धाम के कपाट खुल गए हैं.
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