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चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन ने कसी कमर

देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों में सर्वश्रैष्ठ विश्व प्रसिद्द भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने में जहां महज अब 5 दिन का समय शेष रह गया है. वहीं, इसको लेकर प्रशासन के साथ-साथ बीआरओ भी यात्रा तैयारियों में जुटा हुआ है.
देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों में सर्वश्रैष्ठ विश्व प्रसिद्द भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने में जहां महज अब 5 दिन का समय शेष रह गया है. वहीं, इसको लेकर प्रशासन के साथ-साथ बीआरओ भी यात्रा तैयारियों में जुटा हुआ है.

देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों में सर्वश्रैष्ठ विश्व प्रसिद्द भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने में जहां महज अब 5 दिन का समय शेष रह गया है. वहीं, इसको लेकर प्रशासन के साथ-साथ बीआरओ भी यात्रा तैयारियों में जुटा हुआ है.

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देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों में सर्वश्रैष्ठ विश्व प्रसिद्द भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने में जहां महज अब 5 दिन का समय शेष रह गया है. वहीं, इसको लेकर प्रशासन के साथ-साथ बीआरओ भी यात्रा तैयारियों में जुटा हुआ है.

पिछले कई सालों से खड्डों में तब्दील हो गई सड़क पर डामरीकरण से इस बार जहां चारधाम यात्रियों को सुविधा मिलेगा. वहीं, स्थानीय लोगों को भी धूल मिट्टी से राहत मिलेगी.

विश्व प्रसिद्द भू वैकुंठ धाम स्थित भगवान बद्रीविशाल के कपाट इस साल 11 मई को खुलने है जिसको लेकर स्थानीय प्रशासन की तैयारी जोरों पर है. यात्रा से जुड़े प्रमुख विभागों के लोग जहां बद्रीनाथ में व्यवस्थाओं को दुरस्त करने में लगे है. वहीं, सड़क की जिम्मेदारी संभाले बीआरओ भी सड़क पर हाटमिक्स कर मार्ग को सुगम बनाने की कोशिस में जुटा है.



कमान अधिकारी गौरव कुमार की माने तो पिछले कई सालों से गड्डो में तब्दील हो चुके बद्रीनाथ मार्ग को इस वक्त कर्णप्रयाग से बद्रीनाथ तक ब्लैके टाप करने की कोशिस बीआरओ के द्वारा की जा रही है. जिससे चारधाम आने वाले यात्री वाहनों को परेशानी का सामना न करना पडे. वहीं, गड्डों में तब्दील सड़क के दुरस्त होने से स्थानीय लोगों ने भी राहत की सांस ली है.
चारधाम यात्रा में यातायाय और ट्रैफिक जाम की समस्या न हो इसके लिए पुलिस प्रशासन की ओर से अतिरिक्त पार्किंग के लिए कुछ नए स्थान को चिन्हित किया है. एसपी प्रीती प्रियदर्शिनी का कहना है कि बद्रीनाथ धाम की सुरक्षा को देखते हुए इस बार डीएफएमडीज, एचएचएमडीज और एक्स्ट्रा स्केनर का भी प्रयोग किया जाएगा. जिससे धाम में आने वाले हर एक व्यक्ति पर नजर बनी रहे.

आपदा के बाद से चारधाम यात्रा को लेकर जिस तरह से लोगों में उत्साह है और यात्रा के बेहतर चलने की उम्मीद इस बार जगी है उससे न सिर्फ यहां का धार्मिक पर्यटन बढ़ेगा बल्कि सुरक्षित उत्तराखंड का संदेश भी बाहर जाएगा. बस यात्रा व्यवस्था को लेकर जो प्रशासन के दावे है वो वक्त पर सच साबित होने चाहिए.
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