होम /न्यूज /उत्तराखंड /Joshimath Earthquake: भू-धंसान के बाद भूकंप की दस्तक, जानें क्या पड़ेगा असर

Joshimath Earthquake: भू-धंसान के बाद भूकंप की दस्तक, जानें क्या पड़ेगा असर

उत्तराखंड में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 दर्ज की गई.

उत्तराखंड में भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 दर्ज की गई.

Natural Disaster: चमोली जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी में बताया कि भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं ल ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट : सोनिया मिश्रा

जोशीमठ. उत्तराखंड के चमोली में जोशीमठ में भू-धंसान की आपदा के बीच अब धरती भी डोलने (Joshimath Earthquake) लगी है. जहां एक ओर भू-धंसान से सैकड़ों घर प्रभावित हैं, वहीं मंगलवार दोपहर आए भूकंप से स्थानीय लोग सहम उठे. दोपहर 2:29 मिनट पर गढ़वाल और कुमाऊं के कई क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप का केंद्र नेपाल बताया गया. आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.4 मापी गई है. दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश में भी भूकंप महसूस किया गया.

जानकारी के अनुसार चमोली, देहरादून, श्रीनगर गढ़वाल, चंपावत, पंतनगर, भीमताल, बागेश्वर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, पहाड़पानी और नैनीताल में भूकंप के झटके महसूस किए गए. भूकंप महसूस होते ही लोग घरों व दुकानों से बाहर निकल आए. फिलहाल कहीं से भी किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.

किसी नुकसान की खबर नहीं

चमोली जिले के आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी में बताया कि भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए हैं लेकिन अभी तक कहीं से कोई नुकसान की सूचना नहीं मिली है. जोशीमठ में भी किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है. सभी टीमें सतर्क हैं और हर स्थिति पर प्रशासन की नजर है.

सिस्मिक जोन 4 और 5

बता दें कि उत्तराखंड के ज्यादातर इलाके सिस्मिक जोन 4 और 5 में हैं. वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के विज्ञानियों ने बताया कि भूकंप की दृष्टि से उत्तराखंड बेहद संवेदनशील है. उत्तराखंड का ज्यादातर इलाका सिस्मिक जोन 4 और 5 के अंतर्गत आता है और इसीलिए प्राकृतिक आपदा और भूकंप जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.

भूकंप से इस असर की आशंका

वहीं उत्तराखंड की हिमालयन बेल्ट भी लगातार आनेवाले भूकंप के चलते काफी संवेदनशील है. ऐसे में जोशीमठ क्षेत्र को काफी सेंसिटिव माना जा सकता है. भूकंप के झटकों से जोशीमठ के मकानों और जमीनों पर आईं दरारें और चौड़ी हो सकती हैं. वहीं भूकंप से नई दरारें भी उभर सकती हैं.

Tags: Chamoli News, Earthquake News, Joshimath news

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें