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आग ही आग: चमोली में जला जैशाल का जंगल, जोशीमठ में गौशाला स्वाहा होने से जान माल का बड़ा नुकसान

आग ही आग: चमोली में जला जैशाल का जंगल, जोशीमठ में गौशाला स्वाहा होने से जान माल का बड़ा नुकसान

चमोली ज़िले में जंगल व गांव में आग लगने की घटनाएं दर्ज हुईं.

चमोली ज़िले में जंगल व गांव में आग लगने की घटनाएं दर्ज हुईं.

Fire Incidents : तापमान (Uttarakhand Temperature) के लगातार बढ़ने और वन विभाग के पास पर्याप्त इंतज़ाम न होने से पर्यावरण प्रेमी चिंतित हैं. पिछले 5 सालों की बात करें तो लगातार पहाड़ी जनपद (Hilly Districts) में आग लगने की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इससे निजात के उपाय नहीं हो सके. जानिए सभी ताज़ा डिटेल्स.

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नितिन सेमवाल
जोशीमठ. उत्तराखंड के पहाड़ों में तापमान बढ़ने के साथ जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं. गढ़वाल मंडल (Garhwal Region) की बात करें तो पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, चमोली, रुद्रप्रयाग जनपद में आग का सिलसिला जारी है. वन विभाग (Forest Department of Uttarakhand) लाचार बना हुआ है तो पर्यावरण प्रेमी इन हालात पर चिंता जता रहे हैं. बुधवार को चमोली के बद्रीनाथ प्रभाग (Badrinath) के तहत जैशाल के जंगलों के जलने की खबर आई. वहीं, जोशीमठ विकासखंड में एक गौशाला में आग से मवेशियों की जान का बड़ा नुकसान हुआ.

2016 में जंगल जलने की घटनाएं सबसे ज़्यादा हुई थीं, जब गढ़वाल के सभी ज़िलों के वन प्रभावित हुए थे और सेना के हेलीकॉप्टर से आग बुझाने की कोशिश तक की गई थी. इसके बाद से इस समस्या को लेकर पुख्ता इंतज़ाम नहीं किए जा सके हैं. बुधवार को चमोली जनपद के बद्रीनाथ वन प्रभाग के अंतर्गत जैशाल गांव के जंगलों में आग लगने से लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई. आसपास के इलाकों में धुआं फैल गया. आग बुझाने की कोशिश में तेज़ हवाओं के साथ लपटें और तेज़ होती रहीं.

लगातार बढ़ रहा है तापमान
पर्यावरण प्रेमी बताते हैं कि पहाड़ों में लगातार गर्मी बढ़ने की वजह से आग लगने की घटनाएं हो रही हैं. वन विभाग की बात करें तो आग बुझाने के इंतज़ाम ठोस नहीं हैं, जिसकी वजह से जंगलों को आग से बचाया जाना मुहाल है. पर्यावरणविदों की मानें तो तापमान बढ़ने से चीड़ के जंगलों के जलने का खतरा बढ़ जाता है. इधर, जोशीमठ विकासखंड के करछों गांव में गौशाला में आग लगने से गांव भर में अफरा तफरी मच गई.

कैसे लगी गौशाला में आग?
अचानक आग लगने से पूरी गौशाला जलकर राख हो गई जिसमें 4 मवेशियों के साथ माल का नुकसान भी हुआ. प्रभावित बुद्धि सिंह फर्स्वाण ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चला, लेकिन मंगलवार की अलसुबह अचानक जब लपटें और धुआं फैलने लगा तो आसपास के लोगों ने शोर मचाया और गांव में अफरा-तफरी मच गई. ग्रामीणों ने आग बुझाने की कोशिश तो की लेकिन आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया.

जोशीमठ के तहसीलदार प्रदीप सिंह नेगी ने बताया कि सुबह लगभग 4:30 बजे सूचना मिलने के बाद प्रशासन की टीम मौके पर गई थी. टीम ने गौशाला में हुए नुकसान का जायजा लिया है और अब मुआवज़े के लिए कार्रवाई की जाएगी.

Tags: Forest fire, Uttarakhand Forest Department, Uttarakhand news

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