चमोली में बादल फटा, उत्तराखंड के 5 ​जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उफनते नाले से आवासीय मकानों में मलबा घुसने के कारण दरारें पड़ने लगीं हैं. स्कूल, पेयजल लाइन, खेती की जमीन, गौशालाएं आदि सब मलबे के कारण बर्बाद हो गईं हैं.

News18 Uttarakhand
Updated: August 14, 2019, 12:42 PM IST
चमोली में बादल फटा, उत्तराखंड के 5 ​जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
चमोली में बादल फटा, उत्तराखंड के 5 ​जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी
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Updated: August 14, 2019, 12:42 PM IST
उत्तराखंड में चमोली जिले के गैरसैंण में मंगलवार तड़के मौसम खराब होने की वजह से अचानक बादल फट गया, लेकिन इससे कोई जनहानि नहीं हुई है. इस घटना के बाद से लोगों में दहशत का माहौल है. वहीं इस दौरान लगातार हो रही भारी बारिश के कारण उफनते नाले से आवासीय मकानों में मलबा घुसने के कारण दरारें पड़ने लगीं हैं. इससे स्कूल, पेयजल लाइन, खेती की जमीन, गौशालाएं आदि सब मलबे के कारण बर्बाद हो गईं हैं. तबाही का आलम यह है कि पैदल मार्ग भी पानी में बह गया है.

बारिश से गिरे 11 मकान

बारिश के चलते प्रदेश में भूस्खलन से 79 मोटर मार्गों पर वाहनों का आवागमन थम गया है. स्थिति यह है कि बारिश के कारण बार बार भूस्खलन हो रहा है. हालांकि मलबा हटाने का काम जारी है. इसलिए गाड़ियां धीमी गति से चल रही हैं. वहीं बागेश्वर की कनलगढ़ में हो रही झमाझम बारिश से पुल डूब गया है. इसके अलावा जिले के कपकोट और कांडा में भारी बारिश के कारण 11 मकान ढह गए हैं. लगातार 24 घंटों की लगातार हो रही बारिश से नदी-नालों में बाढ़ सी आ गई है.

मौसम खराब-bad weather
बारिश के चलते भूस्खलन से 79 मोटर मार्गों पर वाहनों का आवागमन थम गया है.


इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट 

उत्तराखंड में बारिश के कारण कई जगह तबाही का मंजर सामने नजर आ रहा है. मौसम विभाग की मानें तो अभी राहत नहीं मिलने वाली है. वहीं आने वाले 24 घंटे में और ज्यादा बारिश की आशंका बनी हुई है. मौसम विभाग ने देहरादून, पौड़ी, नैनीताल, चमोली और उत्तरकाशी में भारी बारिश होने की संभावना जताई है. इतना ही नहीं अल्मोड़ा से लेकर रुद्रप्रयाग में भी भारी हो सकती है.

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मालूम हो कि भारी बारिश के कारण सड़कों पर मलबा जमा होने की वजह से पिथौरागढ़ में 12 से ज्यादा सड़कें बंद हैं. वहीं कुमाऊं और गढ़वाल दोनों के ही हालात बेहद खराब हैं. जरूरी सामानों के लिए ग्रामीण अभी प्रशासन पर निर्भर हैं.

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First published: August 7, 2019, 8:15 AM IST
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