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श्रीनगर गढ़वाल: कैशलेस एटीएम से लोग परेशान, नहीं मिल रहा समाधान

श्रीनगर गढ़वाल: कैशलेस एटीएम से लोग परेशान, नहीं मिल रहा समाधान

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 500 और 1000 रुपये के नोटबंदी के फैसले के 30 दिनों बाद भी जहां एटीएम में पर्याप्त धनराशि नहीं होने से लोग परेशान हैं. वहीं श्रीनगर गढ़वाल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. शहर के अधिकांश बैकों के एटीएम कैश न होने से खाली पड़े हैं तो किसी एक बैंक के एटीएम पर कैश होने पर सड़कों से एटीएम तक लोगों की लम्बी लाइनें लगी हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 500 और 1000 रुपये के नोटबंदी के फैसले के 30 दिनों बाद भी जहां एटीएम में पर्याप्त धनराशि नहीं होने से लोग परेशान हैं. वहीं श्रीनगर गढ़वाल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. शहर के अधिकांश बैकों के एटीएम कैश न होने से खाली पड़े हैं तो किसी एक बैंक के एटीएम पर कैश होने पर सड़कों से एटीएम तक लोगों की लम्बी लाइनें लगी हैं.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 500 और 1000 रुपये के नोटबंदी के फैसले के 30 दिनों बाद भी जहां एटीएम में पर्याप्त धनराशि नहीं होने से लोग परेशान हैं. वहीं श्रीनगर गढ़वाल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है. शहर के अधिकांश बैकों के एटीएम कैश न होने से खाली पड़े हैं तो किसी एक बैंक के एटीएम पर कैश होने पर सड़कों से एटीएम तक लोगों की लम्बी लाइनें लगी हैं.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 500 और 1000 रुपये के नोटबंदी के फैसले के 30 दिनों बाद भी जहां एटीएम में पर्याप्त धनराशि नहीं होने से लोग परेशान हैं. वहीं श्रीनगर गढ़वाल में भी इसका असर देखने को मिल रहा है.

शहर के अधिकांश बैकों के एटीएम कैश न होने से खाली पड़े हैं तो किसी एक बैंक के एटीएम पर कैश होने पर सड़कों से एटीएम तक लोगों की लम्बी लाइनें लगी हैं. सबसे ज्यादा खाताधारक वाले स्टेट बैंक के पूरे शहर में मौजूद एटीएम कैश नहीं होने से खाली पड़े हैं.

नौकरीपेशा लोग हों या फिर उच्च शिक्षा ले रहे छात्र-छात्राएं या फिर आम आदमी हर कोई एटीएम पर इस उम्मीद में पहुंच रहा है कि शायद उससे पैसे निकलने लगें, लेकिन बिना पैसों के खाली एटीएम पर मायूस होकर उन्हें वापस लौटना पड़ रहा है.

स्टेट बैंक के सब्जी मंडी स्थित स्टेट बैंक के एटीएम पर कैश लेने पहुंची गढ़वाल विश्वविद्यालय की छात्रा कुसुम का कहना है कि उन्होंने स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों के एटीएम पर पैसा निकालने की कोशिश की लेकिन एटीएम पर पैसा ही नहीं है जिस वजह से उन्हें निराश होना पड़ रहा है.

उसका कहना है कि हॉस्टल की फीस भी भरनी है और दूसरे से उधार ले-लेकर किसी तरह से काम चला रही हूं, लेकिन खाने तक के लिए भी जेब में पैसे नहीं हैं ऐसे में दूसरे से भी कब तक पैसा मांगें. कुसुम हालांकि ये कहना भी नहीं भूलती कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फैसला तो अच्छा लिया है, लेकिन बैंक के कुप्रबंधन के कारण स्थितियां बिगड़ी है.

नगर में मौजूद विभिन्न बैंकों के लगभग दो दर्जन एटीएम्स में अधिकांश में कैश मौजूद नहीं होने से वो शोपीस साबित हो रहे हैं. हालांकि गुरूवार को एक दो बैंकों के एटीएम पर शाम होते-होते कैश खत्म हो गया तो बद्रीनाथ मार्ग स्थित यूनियन बैंक के एटीएम पर कैश मौजूद होने पर लोगों की लम्बी कतारें लगी रहीं.

लम्बी कतारों में घंटों खड़े रहने के बाद आखिरकार परेशान लोगों को 2000 रूपये का नोट तो मिला लेकिन उनके सामने दिक्कत बड़े नोट से खरीददारी में आ रही परेशानी से है. हालांकि लोगों के चेहरों पर घंटों बाद कैश मिलने पर खुशी भी दिखी.

कैश लेने के लिए पौन घंटे कतार में खड़े रहने के बाद यूनियन बैंक एटीएम पर 2000 रूपये मिलने पर खुश पंकज बसंल का कहना है कि इस समय पैसे की बहुत जरूरत है और सुबह भी वे एटीएम पर आये थे लेकिन भीड़ बहुत ज्यादा होने के कारण वे लौट गए थे और अब शाम को आखिरकार उन्हें कैश मिला है तो उन्हें इसकी खुशी है.

Tags: Pauri news, Uttarakhand news

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