‘प्रकृति ने अपार सौंदर्य बख़्शा है उत्तराखंड को, होम स्टे जैसी योजनाओं से उठाएं फ़ायदा’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पिरूल घास से उत्पादित बिजली खरीदने की पूरी जिम्मेदारी लेती है.


Updated: June 19, 2018, 9:28 PM IST
‘प्रकृति ने अपार सौंदर्य बख़्शा है उत्तराखंड को, होम स्टे जैसी योजनाओं से उठाएं फ़ायदा’
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत मंगलवार को चमोली के तहसील घाट में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में शामिल हुए.

Updated: June 19, 2018, 9:28 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने नौजवानों को होमस्टे जैसी योजनाओं को अपनाकर स्वरोजगार के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि राज्य सरकार निरन्तर पर्यटक सुविधाओं को विकसित करने का प्रयास कर रही है. उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड को प्रकृति ने अपार सौन्दर्य प्रदान किया है, यहां के प्राकृतिक सौन्दर्य की एक झलक पाने के लिए हर वर्ष लाखों पर्यटक आ रहे हैं नौजवनों का इसका फ़ायदा उठाना चाहिए.

चमोली के तहसील घाट में आयोजित बहुउद्देशीय शिविर में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और घाट क्षेत्र के विकास के लिए भी हर सम्भव प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि पिरूल घास से डीज़ल, तारकोल, तारपीन का तेल तथा बिजली पैदा की जा रही है. गांव के आसपास पिरूल घास जमा कर आसानी से बिजली पैदा की जा सकती है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार पिरूल घास से उत्पादित बिजली खरीदने की पूरी जिम्मेदारी लेती है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि काश्तकारों को मटर तथा गुलाब की खेती कर अपनी आजीविका को बढ़ाने के लिए भी प्रेरित किया. उन्होंने कहा कि बाजार में एक किलो गुलाब के तेल की कीमत लगभग 12 लाख है. ऊंचाई वाले स्थानों में गुलाब की खेती कर किसान अच्छी आजीविका कमाई जा सकती है.

मुख्यमंत्री ने बहुउद्देशीय शिविर में लोगों की समस्याऐं सुनी. शिविर में फरियादियों ने सड़क, शिक्षा, पेयजल, विद्युत, आवास, मुआवजा, आर्थिक सहायता आदि से जुडी लगभग 315 समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखी. बहुउद्देशीय शिविर में जनता द्वारा रखी गई सभी समस्याओं, शिकायतों व सुझावों का प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए.

मुख्यमंत्री ने शहीद सैनिक जगदीश पुरोहित की पत्नी एवं पिता को सम्मानित भी किया.

मुख्यमंत्री ने घाट बाजार में गन्दगी की समस्या को देखते हुए बाजार में प्लास्टिक कूडा निस्तारण के लिए आधुनिक मशीन लगाने, घाट-देहरादून परिवहन सेवा शीघ्र शुरू करने, राइका ल्वाणी में 4 अतिरिक्त कक्षा कक्ष, राइका बूरा में 2 अतिरिक्त कक्षा कक्ष निर्माण, नन्दादेवी मंदिर कुरूड में रास्ता सुधारीकरण तथा बैरासकुण्ड मंदिर का सौन्दर्यीकरण करने की घोषणा की.

मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास के लिए सितेल से लेटाला, प्राणमती, शर्मागांव, बडगुना (कनोल तोक) तक मोटर मार्ग का नव निर्माण, सलबगड बूरा मोटर मार्ग के किलोमीटर 9 से बूरा-आला-जोखना-सितेल तक मोटर मार्ग का नव निर्माण, बंगाली से रूईसान तक सड़क का नव निर्माण तथा सुतोल-कनोल से वाण तक सड़क का नव निर्माण का शासनादेश जारी किए. उन्होंने लोनिवि को घाट डिग्री कॉलेज तक सड़क निर्माण के लिए भी आंगणन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

बहुउद्देशीय शिविर में घाट क्षेत्र की जनता ने मुख्यमंत्री को 14 सूत्री मांग पत्र भी सौंपा. जिसमें नन्दप्रयाग-घाट मोटर मार्ग के चौड़ीकरण और डामरीकरण, डिग्री कॉलेज भवन की स्वीकृति और निर्माण, पॉलीटेक्निक की स्वीकृति, तहसील में उप निबन्धक का पद सृजित करने, क्षेत्र के हाईस्कूल और इण्टर कॉलेजों में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरने, सितेल में हॉस्पिटल भवन, सरपाणी में एएनएम सेन्टर, बैरासकुण्ड व घूनी में एलौपैथिक चिकित्सालय की स्वीकृति, विभिन्न मोटर मार्ग एवं पेयजल योजना की स्वीकृति शामिल है.
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