चमोली में लिगांनुपात में गिरावट ने उजागर की कई खामियां, जांच शुरू

चमोली में लिंगानुपात को लेकर स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग के जारी किए अलग-अलग आंकड़ें, जिलाधिकारी बोले - जांच के बाद होगी कार्रवाई.

Prabhakar Singh | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 24, 2018, 11:23 PM IST
चमोली में लिगांनुपात में गिरावट ने उजागर की कई खामियां, जांच शुरू
प्रतीकात्मक फोटो.
Prabhakar Singh | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 24, 2018, 11:23 PM IST
उत्तराखंड के चमोली जिले के देश में घटते लिंगानुपात वाले 100 जिलों में शुमार हो जाने से जिले प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं. उत्तराखंड जिले के लिंगानुपात लगातार घटता जा रहा है. हाल में नीति आयोग की रिपोर्ट में भी उत्तराखंड में लिंगानुपात में काफी लगातार कमी दर्ज की गई है. जिले में लगातार लिंगानुपात घटने ने सिस्टम की कई खामियों को भी उजागर किया है.

चमोली जिले में 0 से 6 वर्ष तक के 1000 बेटों पर 889 बेटियों ने ही जन्म लिया है. वहीं जिले के  घाट, जोशीमठ और नारायण बगड़ जैसे तीन ब्लॉकों में स्थिति और भी चिन्ताजनक होती जा रही है. जिसको लेकर अब अल्ट्रासाउंड संचालित करने वाले क्लीनिकों पर भी नजर रखी जा रही है.

जिला अधिकारी आशीष जोशी के मुताबिक, प्रत्येक ग्राम स्तर पर भी निगरानी समिति तैयार की जाएगी. जिससे ये भी पता लग जाएगा कि किस ग्रामस्तर या न्यायपंचायत स्तर पर बेटियों की संख्या घट रही है.

स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास के अलग-अलग आंकड़ों को लेकर डीएम आशीष जोशी ने कहा कि ये अन्तर किस कारण आ रहा है, उसकी भी जांच करवाई जा रही है.

'यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता' की धारणा के साथ जीने वाले देश में लिंगानुपात के मामले में देश के 100 जिलों में सुमार चमोली जिले में बेटियों की घटती संख्या से न सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ गई है. बल्कि आम जनता को भी इसके प्रति जिम्मेदारी से निगरानी करनी पड़ेगी, वरना वो दिन दूर नहीं जब देवी की पूजा के लिये देव कन्याएं ही नहीं मिलेंगी.
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