अपने पूरे कुनबे के साथ शहर के अंदर पहुंचा भालू, Video देखकर रह जाएंगे दंग

वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त तक भालूओं के हमले में दो लोगों की मौत और पचास लोग घायल हो चुके हैं.
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त तक भालूओं के हमले में दो लोगों की मौत और पचास लोग घायल हो चुके हैं.

Bear Viral Video: उत्तराखंड में गुलदार, बाघ और हाथी के बाद अब भालुओं (Bears) के हमले ने बढ़ाई चिंता. वन विभाग भी शीतकाल में भालुओं की बढ़ती चहलकदमी से परेशान है.

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चमोली. उत्तराखंड (Uttarakhand) में गुलदार, बाघ और हाथी के बाद अब भालुओं (Bears) के बढ़ते हमलों ने चिंता बढ़ा दी है. पिछले दो दशक में उत्तराखंड में भालुओं के हमले में 16 सौ से अधिक लोग घायल हुए, तो 60 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. इसी हप्ते चमोली (Chamoli) में भालू के हमले में तीन से अधिक लोग घायल हो गए. वहीं, मामला एक बार फिर सुर्खियों में है. शीतकाल में हाइबरनेशन में चले जाने वाले भालू बस्तियों के आसपास मंडराते नजर आ रहे हैं. सीमांत चमोली जिले के जोशीमठ (Joshimath) क्षेत्र के रविग्राम से इसी हप्ते भालुओं का एक ताजा वीडियो (Bear Viral Video) सामने आया है. इसमें एक वयस्क भालू अपने दो बच्चों के साथ बस्तियों के आसपास घूमता हुआ देखा जा सकता है.

शीतकाल में भी भालुओं की बढ़ती चहलकदमी से वन विभाग परेशान है. वन विभाग के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग का कहना है कि अभी तक के शोधों में ये जानकारी सामने आई है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण बर्फबारी में कमी आयी है. भालुओं को शीत का एहसास कम हो रहा है, जिसके चलते उनका हाइबरनेशन में जाने का समय कम हो गया है. फिर भी इस पर विस्तृत शोध कराए जाने की जरूरत है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भालुओं के बढ़ते हमले पर चिंता जताई है. उन्होंने फॉरेस्ट अफसरों को इस दिशा में काम करने को कहा है .मुख्यमंत्री ने इसके लिए बकायदा पिथौरागढ़ और चमोली जैसे सीमांत जिलों में एक-एक भालू रेस्क्यू सेंटर खोलने की भी घोषणा की.


भालूओं के हमले में दो लोगों की मौत
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अगस्त तक भालूओं के हमले में दो लोगों की मौत और पचास लोग घायल हो चुके हैं. तो साल 2000 से लेकर 2019 तक 1,575 लोग भालूओं के हमले में घायल हुए हैं. इस दौरान 56 लोग भी भालू के हमले में मारे गए. उत्तराखंड फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के चीफ जयराज ने भी इस पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि फॉरेस्ट डिपार्टमेंट इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है.



उत्तराखंड में सिर्फ भालू ही नहीं गुलदार उससे भी बड़ी समस्या है
उत्तराखंड में सिर्फ भालू ही नहीं गुलदार उससे भी बड़ी समस्या है. अकेले इस साल अगस्त तक गुलदार के हमलों में उत्तराखंड में 14 लोगों की डेथ हो चुकी है, तो 39 लोग घायल हुए हैं. इसी तरह हाथी के हमलों में पांच लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है. ताज्जुब की बात ये है कि उत्तराखंड में न तो कभी ये गणना हुई कि कितने गुलदार मौजूद हैं और न ये गणना की गई कि भालुओं की संख्या कितनी है. फ़ॉरेस्ट डिपार्टमेंट इस बार दिसम्बर से पहली बार गुलदार की गणना कराने जा रहा है. हालांकि, तकनीकी दृष्टिकोण से ये काम बेहद जटिल है, लेकिन यदि गणना होती है, तो एक मोटा- मोटा अनुमान सामने आ जाएगा. इससे भविष्य में गुलदार को लेकर जो योजनाएं बनानी होगी उसमे मदद मिलेगी.
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