सरकार के योजनों को पलीता लगा रहा है सरकारी अधिकारियों का रवैया

प्रदेश को पर्यटन प्रदेश बनाने के दावों पर सरकारी अधिकारियों का रवैया भारी पड़ रहा है.

News18Hindi
Updated: March 7, 2018, 6:32 PM IST
सरकार के योजनों को पलीता लगा रहा है सरकारी अधिकारियों का रवैया
चमोली के देवलीबागड़ स्थित राफ्टिंग सेंटर को स्थानीय लोगों को रोज़गार देने के मकसद से बनाया जा रहा था मगर जीएमवीएन और पर्यटन विभाग की आपसी तनातनी से यह मकसद पूरा नहीं हो पाया.
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Updated: March 7, 2018, 6:32 PM IST
राज्य सरकार का दावा और कोशिश है कि राज्य में पलायन रुके और रिवर्स पलायन शुरू हो. इसके लिए पर्यटन एक महत्वपूर्ण ज़रिया साबित हो सकता है लेकिन प्रदेश को पर्यटन प्रदेश बनाने के दावों पर सरकारी अधिकारियों का रवैया भारी पड़ रहा है.

चमोली के देवलीबागड़ स्थित राफ्टिंग सेंटर को स्थानीय लोगों को रोज़गार देने के मकसद से बनाया जा रहा था मगर जीएमवीएन और पर्यटन विभाग की आपसी तनातनी से यह मकसद पूरा नहीं हो पाया. समय पर बजट न मिलने की वजह से यह भवन रोजगार देने लायक तो नहीं बन पाया अलबत्ता खंडहर ज़रूर बनने लगा है.

सेंटर में चारों ओर चारों तरफ झाड़ियां उगने लगी हैं और टूरिस्ट हट्स में घोड़े खच्चर का आशियाना बना गया है. अपनी उम्मीदों, सपनो को यूं हवा होता देख स्थानीय लोगों विभाग के प्रति गुस्सा पनप रहा है.

पर्यटन विभाग के अधिकारी कहते हैं कि केंद्र सरकार से शेष बजट न मिलने के चलते निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है और यह प्रोजेक्ट जीएमवीएन के अधीन है.

युवाओं को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार देने के मकसद से भले ही इस रिवर राफ्टिंग सेंटर का निर्माण किया जा रहा था मगर जिस स्थिति विदेशी लकड़ियों से बने ये टूरिस्ट हट आज खण्डहर होने लगे हैं, उससे लगता नहीं कि रोजगार का ये सपना पूरा हो पाएगा.

(चमोली से प्रभात पुरोहित की रिपोर्ट)
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