बिजली और संचार व्यवस्था से महरूम हैं चमोली के 443 गांव

सरकार के मुताबिक इन गांवों को जल्द ही सौभाग्य योजना के तहत विद्युत व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा, जिसके लिये कई ब्लाकों में टेंडर भी हो चुके हैं.

Prabhat Purohit | ETV UP/Uttarakhand
Updated: February 10, 2018, 3:18 PM IST
बिजली और संचार व्यवस्था से महरूम हैं चमोली के 443 गांव
चमोली के कई गांवों में नहीं पहुंची बिजली.
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Updated: February 10, 2018, 3:18 PM IST
एक तरफ जहां हम 21वीं सदी के डिजिटल इंडिया की बात कर रहे हैं वहीं चमोली जिले के कई गांव ऐसे हैं, जो आज भी बिजली और संचार व्यवस्था के लिए तरस रहे हैं. जनपद चमोली के अति दूरस्थ घेस हिमनी क्षेत्र में आज भी बिजली और मोबाइल केवल किताबों तक ही सीमित हैं. जिले के 443 गांव ऐसे हैं, जहां आज भी बिजली नहीं पहुंच पाई है. जिसके कारण ग्रामीण चिमनी के भरोसे ही रात काटने पर मजबूर हैं.

सरकार  के मुताबिक इन गांवों को जल्द ही सौभाग्य योजना के तहत विद्युत व्यवस्था से जोड़ दिया जाएगा, जिसके लिये कई ब्लाकों में टेंडर भी हो चुके हैं.

सीडीओ विनोद गिरी ने बताया कि तीन ब्लॉक में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. उन्होंने बताया कि भारत सरकार और राज्य सरकार दोनों के निर्देशों के क्रम इस साल तक सभी गांवों में बिजली पहुंच जाएगी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना 2018 तक देश के अंतिम गांव तक दीनदयाल ग्रामीण विद्युत योजना और सौभाग्य योजना के तहत हर घर को बिजली देने का लक्ष्य है.

ग्रामीणों ने बताया कि गांव में बिजली और संचार सेवाएं नहीं होने से उन्हें काफी परेशानी होती है. उन्होंने बताया कि गांव में बिजली न होने से उनसे बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है.

जनपद चमोली में कई गांव जैसे आज तक बिजली से महरूम रहे, कहीं फिर सरकारी मशीनरी की लेट लतीफी के चलते ग्रामीण बिजली और संचार व्यवस्था के अभाव में आदिम जीवन जीने को मजबूर हैं.
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