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देवभूमि पहुंची हेमा मालिनी ने कहा- नोटबंदी एकदम सही कदम

दोपहर बाद हेमा मालिनी हरकी पैड़ी हरिद्वार पहुंची. यहां पर हेमा मालिनी ने गंगा पूजन किया.

दोपहर बाद हेमा मालिनी हरकी पैड़ी हरिद्वार पहुंची. यहां पर हेमा मालिनी ने गंगा पूजन किया.

किसी शायर की गजल. ड्रीमगर्ल. जी हां ड्रीमगर्ल के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेत्री एवं भाजपा सांसद हेमा मालिनी सोमवार को देवभूमि उत्तराखंड पहुंची. जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हेमा मालिनी का स्वागत किया. दोपहर बाद हेमा मालिनी हरकी पैड़ी हरिद्वार पहुंची.

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किसी शायर की गजल...ड्रीमगर्ल..जी हां ड्रीमगर्ल के नाम से मशहूर फिल्म अभिनेत्री एवं भाजपा सांसद हेमा मालिनी सोमवार को देवभूमि उत्तराखंड पहुंची. जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर हरिद्वार सांसद रमेश पोखरियाल निशंक के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने हेमा मालिनी का स्वागत किया. इस मौके  पर हेमा ने कहा कि नोटबंदी एक सही कदम है. आज के  पहले किसी ने इतना बोल्ड कदम नहीं उठाया.

दोपहर बाद हेमा मालिनी हरकी पैड़ी हरिद्वार पहुंची. यहां पर हेमा मालिनी ने गंगा पूजन किया. गंगा सभा के पदाधिकारियों की ओर से हेमा मालिनी का स्वागत किया गया. हेमा मालिनी के हरकी पैड़ी आने की सूचना पर बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता भी हरकी पैड़ी पहुंचे और उन्होंने हेमा मालिनी को पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया.

सोमवार शाम को हेमा मालिनी ऋषिकेश पहुंची. यहां उन्होंने परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद मुनि के साथ गंगा आरती की. मीडिया से रूबरू होते हुए हेमा ने कहा कि गंगा स्वच्छता मोदी जी बेहतर कार्य कर रहे हैं.

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Uttarakhand News : चंपावत जिले में बना रिकॉर्ड, पद्म अवॉर्ड के लिए पहली बार भेजा गया कोई नाम

उत्तराखंड की चर्चित सामाजिक कार्यकर्ता रीता गहतोड़ी.

23 सालों में अगर कोई घटना हो, तो निश्चित ही उसे ऐतिहासिक कहा जा सकता है. जानिए सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने वाली किस समाजसेवी महिला का नाम चंपावत ने केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय को भेजा है.

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चंपावत. देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री के लिए प्रशासन ने पहली बार चंपावत ज़िले से किसी महिला का नाम नामांकित कर गृह मंत्रालय को भेजा है. चंपावत के ज़िला बनने के 23 सालों के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि यहां से कोई नाम इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए नामांकित किया गया हो. अस्ल में, मई के महीने में केंद्र सरकार ने पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन राज्यों से मांगे थे, जिनके तहत 26 जनवरी 2022 को मिलने वाले पद्म श्री अवॉर्ड के लिए ज़िला प्रशासन ने रीता गहतोड़ी का नाम प्रस्तावित किया है, जो 2013 में उत्तराखंड के सबसे बड़े तीलू रौतेली पुरस्कार की विजेता रह चुकी हैं.

कौन हैं रीता और क्या उप​लब्धियां हैं उनके नाम?
रीता गहतोड़ी राज्य में सामाजिक कार्यों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाला जाना पहचाना नाम हैं. चंपावत ज़िले में ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी हैं. रीता सर्वप्रथम 2008 में एक अफगानिस्तानी नागरिक साबरा को न्याय दिलाने में मदद करने के बाद सुर्खियों में आई थीं. मूल रूप से लोहाघाट स्थित चांदमारी की रहने वाली रीता दूसरी बार उस समय सुर्खियों में आई थीं, जब उन्होंने 2012 में सामाजिक वर्जनाएं तोड़ते हुए अपने पिता हीरावल्लभ गहतोड़ी की अर्थी को कंधा देकर श्मशान घाट में मुखाग्नि दी थी. वह हर साल पिता का श्राद्ध भी खुद करती हैं.

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पद्म पुरस्कार के लिए चंपावत से पहली बार कोई नाम प्रस्तावित किया गया.

सामाजिक परंपराओं को तोड़ने वाली रीता वाल्मीकि समाज के लोगों के उत्थान के लिए अब भी कार्य कर रही हैं. कोरोना काल के दौरान कोविड मरीज़ों की देखरेख में उन्होंने जिस तरह योगदान दिया, उसके सम्मान में पुलिस ने उन्हें कोरोना वॉरियर का दर्जा दिया. वर्तमान में वह किशोर न्याय बोर्ड और कोविड टास्क फोर्स की सदस्य भी हैं.

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ऐसे भेजा गया रीता के नाम का प्रस्ताव
26 जनवरी को दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए गृह मंत्रालय से प्रति वर्ष आवेदन मांगे जाते हैं. इस साल 27 मई को गृह मंत्रालय ने सभी प्रदेशों से इसके लिए चिन्हित लोगों की सूची मांगी थी. इसके संबंध में डीएम ने पुलिस व स्थानीय प्रशासन से जांच कराने के बाद रीता के नाम का आवेदन प्रशासन द्वारा संस्तुति करते हुए गृह मंत्रालय को भेज दिया है.

Uttarakhand Election: पहाड़ का मन टटोलकर लौटे दुष्यंत गौतम, BJP के चुनावी प्लान का दिया संकेत

उत्तराखंड बीजेपी प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने चंपावत और उधमसिंह नगर का दौरा किया.

Uttarakhand assembly polls 2022: भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने 9, 10 और 11 सितंबर को ऊधम सिंह नगर और चंपावत जिले का दौरा कर पार्टी कार्यकर्ताओं को अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने का संदेश दिया.

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चंपावत. उत्तराखंड भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम अपने पहले दौरे पर पहाड़ और मैदान रुख देख गए हैं. साथ ही संकेत भी दे गए कि 2022 में जीत दर्ज करने वाले नेता ही टिकट का हकदार होगा. यही नहीं मुख्यमंत्री पुष्कर धामी की विधानसभा खटीमा में 2022 चुनाव में पार्टी का चेहरा कौन होगा के कयासों पर भी उन्होंने साफ और स्पष्ट रूप से जानकारी दे दी. सीएम पुष्कर सिंह धामी ही आने वाले चुनाव में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा होंगे और नेतृत्व भी धामी का होगा, ऐसा बयान देकर प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम सभी कयासों पर विराम लगा गए.

बीते सप्ताह 9, 10 और 11 सितंबर को भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ऊधम सिंह नगर और चंपावत जिले के अपने पहले दौरे पर आए थे. इस दौरान प्रदेश प्रभारी ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ सीधा संवाद किया. उन्होंने कार्यकर्ताओं से साफ कहा कि 2022 के चुनाव में टिकट उन्हें ही मिलेगा, जिनके जीतने की उम्मीद होगी. विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की ओर से किए जा रहे सर्वे पर उन्होंने कहा कि यह बीजेपी का अंदरूनी सर्वे है, जिसके आधार पर बाद में फैसले लिए जाएंगे.

भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के दौरान गौतम ने उन्हें विपक्षी हमले के लिए भी तैयार किया. उन्होंने कार्यकर्ताओं को प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर कैसे और किस तरह से हमलावर रहना है, इसका मंत्र दिया. प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम ने तराई ऊधम सिंह नगर, सीएम धामी की विधानसभा खटीमा के साथ ही चंपावत और लोहाघाट विधानसभा में भी भाजपा मंडल के पदाधिकारियों से संवाद किया.

इस संवाद के दौरान गौतम ने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को 2022 विधानसभा चुनाव के लिए तैयार रहने को कहा. जिले के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि प्रदेश प्रभारी के दौरे से पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह है. बहरहाल, देखना रोचक होगा कि चुनाव मैनेजमेंट में माहिर भाजपा किस तरह अपने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार कर पाती है.

उत्तराखंड : पारंपरिक खेल में एक-दूसरे पर फेंके फल-फूल और पत्थर, 75 बग्वाली वीर घायल

रक्षाबंधन के दिन 11 बजकर 2 मिनट पर शुरू हुआ पारंपरिक खेल बग्वाल.

यह पारंपरिक बग्वाल मां बाराही धाम देवीधुरा मंदिर प्रांगण में खेला गया. महज 7 मिनट 25 सेकेंड चली बग्वाल में 75 बग्वाली वीर और दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ लोग मामूली रूप से घायल हो गए. स्वास्थ्य विभाग ने इन घायलों का इलाज किया.

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चंपावत. उत्तराखंड के चंपावत जिले में रक्षाबंधन के दिन पारंपरिक बग्वाल खेल में 75 बग्वाली वीर और दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ लोग मामूली रूप से घायल हो गए. यह बग्वाल मां बाराही धाम देवीधुरा मंदिर प्रांगण में खेला गया. फल फूलों के साथ यह बग्वाल खेली गई. महज 7 मिनट 25 सेकेंड चली बग्वाल में 75 बग्वाली वीर और दर्शक दीर्घा में बैठे कुछ लोग मामूली रूप से घायल हो गए.

7 मिनट 25 सेकेंड चला खेल

रक्षाबंधन की सुबह ब्रज बाराही मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद खोलीखांड दूबचौड़ मैदान में चार खाम और सात थोकों के रणबांकुरों ने मां के जयकारे के साथ मैदान की परिक्रमा की. वालिक और लमगड़िया खाम तैयार भी नहीं हुई थी कि अति उत्साह में गहड़वाल और चम्याल खाम के रणबाकुरों में बग्वाल शुरू कर दी. बग्वाल शुरू होने के एक मिनट बाद वालिक और लमगड़िया खाम के योद्धाओं ने मोर्चा संभाला. पुजारी का आदेश मिलते ही 11 बजकर 2 मिनट पर दोनों ओर से फल और फूल फेंके जाने लगे. कुछ मिनट बाद पत्थर भी चलने लगे, जिससे चारों खामों के 75 बग्वाली वीर घायल हो गए. 11 बजकर 9 मिनट और 25 सेकंड पर पुजारी ने शंखनाद कर बग्वाल रोकने का आदेश दिया.

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7 मिनट 25 सेकेंड तक चले इस खेल में दोनों ओर से फल, फूल और पत्थर बरसाए गए.

घायल योद्धाओं ने एक-दूसरे का हाल पूछा

कुल 7 मिनट 25 सेकंड तक चली बग्वाल के बाद दोनों तरफ के योद्धाओं ने एक-दूसरे की कुशल क्षेम पूछी. इससे पहले बग्वाल खेलने के लिए वालिक, चम्याल, लमगड़िया और गहड़वाल खामों के अलावा सात थोकों के जत्थे मां के गगनभेदी जयकारों के साथ तरकश में नाशपाती के फल और हाथ में बांस से बनी ढाल (फर्रे) से सुसज्जित होकर दूबचौड़ मैदान पहुंचे. मां बज्र बाराही के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया था. देवीधुरा बाजार की ओर से गहड़वाल खाम व चम्याल खाम और मंदिर की ओर वालिक व लमगड़िया खाम के लड़ाके युद्ध के लिए तैयार थे. पुजारी ने चंवर डुलाते हुए जैसे ही मैदान में प्रवेश किया बग्वाल रोक दी गई.

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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने किया उपचार

बग्वाल में घायल लोगों का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपचार किया. देवीधुरा बग्वाल युद्ध में घायल 75 योद्धाओं का उपचार बिच्छू घास से भी किया गया. मान्यता है कि पत्थर लगने से घायल व्यक्ति के घाव पर बिच्छू घास लगाने से वह जल्दी ठीक होता है.

उत्तराखंड : चंपावत में भूस्खलन, दर्जनों फंसे रहे, उत्तरकाशी में पीड़ितों से मिले CM

चंपावत में आठ जगह भूस्खलन के बाद ट्रैफिक कई जगह फंस गया. (File Photo)

भारी बारिश के कहर के बाद उत्तरकाशी के कंकराडी गांव जाकर सीएम धामी ने पीड़ितों को मदद देने के साथ ही एक गांव के विस्थापन के आदेश दिए. वहीं, चंपावत में नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक सुचारू नहीं हो सका.

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चंपावत/उत्तरकाशी. उतराखंड के चंपावत ज़िले में भारी बारिश के चलते भूस्खलन की लगातार घटनाओं के बाद टनकपुर घाट नेशनल हाईवे पर जैसे मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा. हाईवे जगह जगह बंद हो जाने के चलते करीब 150 लोग रास्ते में फंस गए. वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी ज़िले का दौरा किया और उन परिवारों से मुलाकात की, जिनके परिजन बादल फटने के हादसे के शिकार हुए थे. इन परिवारों से मुलाकात करते हुए धामी ने कई तरह की मदद देने की बात कही. वहां, चंपावत में प्रशासन को खासी मशक्कत करना पड़ी.

ज़िला आपदा प्रबंधन अधिकारी मनोज पांडेय ने बुधवार को करीब 150 लोगों के चंपावत में फंसे होने की जानकारी देते हुए कहा कि मलबा हाईवे पर गिर जाने के चलते विश्रामघाट के रास्ते में ट्रैफिक जाम रहा. मंगलवार से बुधवार के बीच इस हाईवे पर आठ जगहों पर भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिनमें करीब 150 लोग अटक गए. पांडेय का दावा है कि मंगलवार शाम तक सात जगहों पर मलबा हटा दिया गया था.

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देवीधुरा से हल्द्वानी के रास्ते निकाले गए लोग
चंपावत के हाईवे पर जगह जगह फंसे हुए लोगों को देवीधुरा होते हुए हल्द्ववानी के रास्ते से डायवर्ट कर निकाला गया. हालांकि विश्रामघाट की तरफ रास्ता अवरुद्ध होने के चलते लोग फंसे रहे. पांडेय के हवाले से आखिरी अपडेट खबरों के मुताबिक करीब दो दर्जन लोग फंसे हुए थे. यह भी गौरतलब है कि चंपावत समेत उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में मौसम विभाग ने भारी बारिश के आसार भी जताए.

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सीएम ने कहा, विस्थापित करो गांव
दूसरी तरफ, बुधवार को सीएम धामी उत्तरकाशी के मंडो गांव में बादल फटने के पीड़ित परिवारों से मिले और हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी के साथ गांवों में पहुंचे सीएम ने ज़िले के कलेक्टर को मंडो गांव को विस्थापित करने के आदेश भी दिए. यहां दो गांवों में लोगों के घर घर जाकर सीएम ने मुलाकात और बातचीत की. इस दौरान सीएम ने मृतकों के परिजन को 1 लाख रुपये की मदद सीएम रिलीफ फंड से और 4 लाख की मदद आपदा राहत फंड से देने की बात कही.

दावा: सपने में आए भगवान शिव ने बताई मंदिर की जगह, भक्तों ने खुदाई की तो हुआ चमत्कार

सांकेतिक फोटो. Image-shutterstock.com

Uttarakhand News: कहा जाता है देवीभूमि उत्तराखंड (Uttarakhand) के कण कण में भगवान विराजमान हैं. चंपावत जिले के एक गांव में इस हकीकत को बयां करती तस्वीर दिखी है.

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चंपावत. कहा जाता है देवीभूमि उत्तराखंड (Uttarakhand) के कण कण में भगवान विराजमान हैं. चंपावत जिले के एक गांव में इस हकीकत को बयां करती तस्वीर दिखी है. चंपावत के चेकुनीबोहरा गांव में बीते सोमवार को एक पहाड़ी की खुदाई के दौरान 11वीं से 13वीं शताब्दी के मंदिर के भग्नावशेष मिलें हैं. पहले मां अनिता देवी फिर बेटे सागर महर को सपने में दिखे भगवान शिव के बताए स्थान पर नवरात्र से ठीक एक दिन पहले चमत्कार होने का दावा किया जा रहा है. पहाड़ी खोदने पर 11वीं से 13वीं ईसवी का प्राचिन शिव मंदिर मिला.

कहतें हैं सपने भी सच होतें हैं. भगवान शिव के दिन कहे जाने वाले बीते सोमवार को एक मां- बेटे को आये सपने में घर के पास की पहाड़ी में मंदिर दबे होने के संकेत मिलतें हैं. सुबह सपना देखने वाले शिव भक्त सागर ने गांव वालों के साथ खुदाई की तो भगवान शिव का एक प्राचिन मंदिर मिल गया, जिसमें भगवान गणेश, चतुर्भुज देवी की मूर्तियां भी मिली है. यही नहीं खुदाई के दौरान भी मां बेटे को उस स्थान पर देव डागर का अवतार हो गया.



चंद राजाओं की राजधानी
चंद राजाओं की राजधानी कहे जाने वाली चंपावत के चेकुनीबोहरा गांव की एक पहाड़ी में खुदाई के दौरान मिलें मन्दिर और मूर्तियों को लेकर जानकर बताते हैं खुदाई में मन्दिर में मिलें भग्नावशेष. चंपावत में कत्यूरी शासन और चंद राजाओं के दौर में बने मन्दिर की तरह है. मौजूदा समय उन मंदिरों का संरक्षण पुरातत्व विभाग कर रहा है. खुदाई में प्राचीन शिव मंदिर मिलने के बाद खुदाई स्थल पर स्थानीय लोगों के साथ जिसे भी पता चला वह उस खुदाई स्थल की जगह जाता दिखा जहां प्राचीन मंदिर मिला है.

उत्तराखंड में करोड़ों रुपयों का चिटफंड घोटाला कर लखनऊ में छिपा था सरगना प्रदीप अस्थाना

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी.

Uttarakhnad News: उत्तराखंड की चम्पावत पुलिस ने चिटफंड नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी घोटाले के मुख्य सरगना प्रदीप कुमार अस्थाना को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले को लेकर प्रदेश कई जिलों में रिपोर्ट दर्ज हैं.

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चम्पावत. उत्तराखंड की चम्पावत पुलिस ने चिटफंड नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी घोटाले के मुख्य सरगना प्रदीप कुमार अस्थाना को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है. आरोपित से पूछताछ करने के बाद पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया है. पुलिस को आशंका है कि प्रदीप कुमार अस्थाना ने उत्तराखंड और यूपी में करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी को अंजाम दिया होगा. मुख्य सरगना की गिरफ्तारी से घोटाले से जुड़े और कई राज खुल सकते हैं. एसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि नॉन बैंकिग फाइनेंस से संबंधित अल्मोड़ा में चार, पिथौरागढ़ में छह, बागेश्वर में आठ एवं चम्पावत में तीन अभियोग समेत कुल 21 मामले दर्ज हैं.

एसपी सिंह के मुताबिक चम्पावत पुलिस द्वारा उक्त घोटाले के मुख्य सरगना की धरपकड़ के लिए मुखबिरों को सतर्क कर सर्विलांस सैल को निगरानी पर लगाया गया था. सरगना के संबंध में जानकारी के लिए अन्य जनपदों व प्रदेशों से सम्पर्क साधा गया.  पुलिस ने शनिवार को घोटाले के मुख्य सरगना प्रदीप कुमार अस्थाना को थाना विभूति खंड, लखनऊ उत्तर प्रदेश गिरफ्तार कर लिया. एसपी ने बताया कि आरोपित को चम्पावत लाकर उससे पूछताछ कर वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

40 केस दर्ज
एसपी सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आरोपित के खिलाफ उत्तराखंड एवं उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के लगभग 30 से 40 मुकदमे पंजीकृत होना प्रकाश में आया है. बता दें कि पिथौरागढ़, बागेश्वर, अल्मोड़ा एवं चम्पावत जिले में नॉन बैंकिग फाइनेंस कम्पनी घोटाले को लेकर  पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र अजय रौतेला ने पर्यवेक्षण अधिकारी चम्पावत के एसपी लोकेश्वर सिंह को नियुक्त किया गया है. जल्द ही मामले में बड़ी सफलता पुलिस को मिलने की उम्मीद है.

पाकिस्तानी मूल की फरीदा मलिक की जमानत हुई खारिज, नोएडा से गिरफ्तार

जमानत खारिज होने के बाद नोएडा से पाकिस्तानी मूल की महिला को गिरफ्तार कर लिया गया.

जमानत पर चल रही फरीदा मलिक को चंपावत पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने उसकी 4 वर्ष की सश्रम कैद बरकरार रखी है.

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चंपावत. जुलाई 2019 में बिना पासपोर्ट (Passport), वीजा (Visa) के बनबसा बॉर्डर (Banbasa Border) पर पकड़ी गई पाकिस्तान मूल (Pakistani-origin) की अमेरिकी महिला की अपील खारिज हो गई है. जमानत पर चल रही फरीदा मलिक को चंपावत पुलिस (Champawat Police) ने यूपी के नोएडा (Noida) से गिरफ्तार किया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत 4 वर्ष की सश्रम कैद बरकरार रखी है.

चंपावत एसपी लोकेश्वर सिंह चौहान के मुताबिक, फरीदा मलिक को 12 जुलाई 2019 को बनबसा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था. सीजेएम कोर्ट ने 5 मार्च 2020 को फरीदा को दोषी पाते हुए 4 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी. उसे अल्मोड़ा जेल में बंद कर दिया गया था. बाद में फरीदा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी. इसके बाद फरीदा ने सीजेएम के आदेश को जिला न्यायालय में चुनौती दी थी. बीते 22 फरवरी को जिला न्यायालय ने फरीदा की याचिका खारिज कर करते हुए उसकी जमानत भी निरस्त कर दी थी. साथ ही, उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कर दिया था.

बनबसा थाना पुलिस ने शुक्रवार शाम फरीदा को नोएडा के सेक्टर-18 से गिरफ्तार कर लिया था, जिसे अब लोहाघाट जेल भेज दिया गया है. गौरलतब है कि इंडो-नेपाल बॉर्डर से लगा बनबसा क्षेत्र हमेशा संवेदनशील रहा है. आंकड़े बताते हैं पिछले 2 साल में अवैध तरीके से घुसपैठ करने के दौरान 9 विदेशी नागरिक पकड़े गए हैं. पकड़े गए लोग पाकिस्तानी मूल, चीनी और तिब्बती हैं. 1 मई 2019 को बनबसा बॉर्डर पर SSB ने बिना वीजा इजरायली नागरिक पकड़ा था. 27 जुलाई 2019 को बिना वीजा 4 चीनी नागरिकों के साथ तिब्बती नागरिक पकड़ा गया था.

पूर्णागिरि जनशताब्दी को रेल मंत्री ने दिखाई हरी झंडी, बोले-उत्तराखंड में 4200 करोड़ से ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नई लाइन का हो रहा निर्माण

उत्तराखंड की जनता को दिल्ली जाने के लिए एक सुगम यात्रा सुविधा भी उपलब्ध हो गई है.

Indian Railways News: रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि उत्तराखंड के लिये रेलवे के कई अहम प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है. उत्तराखंड में 4200 करोड़ रूपये की लागत से ऋषिकेश-कर्ण प्रयाग (125.09 किमी.) नई लाइन निर्माण का कार्य प्रगति पर है. वहीं, हरिद्वार-लक्सर खंड (27 किमी.) के दोहरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है. आधारभूत रेल संरचना को सुदृढ़ करने हेतु वर्ष 2014-19 में प्रति वर्ष औसत 672 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया, जो कि वर्ष 2009-14 तक के प्रति वर्ष औसत बजट आवंटन 187 करोड़ रूपये की तुलना में 259 प्रतिशत अधिक हैै.

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नई दिल्ली/टनकपुर. रेल मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने उत्तराखंड (Uttarakhand) की जनता को टनकपुर-दिल्ली पूर्णागिरि जनशताब्दी स्पेशल ट्रेन की सौगात दी. ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से यह मांग थी जो आज पूरी हो गई है.
इस ट्रेन के संचालन से जहां मां पूर्णागिरी के दर्शन हेतु जाने के लिए एक सुगम साधन उपलब्ध हो गया है. वहीं इस गाड़ी के चलने से उत्तराखंड की जनता को दिल्ली जाने के लिए एक सुगम यात्रा सुविधा भी उपलब्ध हो गई है. साथ ही इससे क्षेत्रीय पर्यटन को बढ़ावा मिलने से रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने उत्तराखंड को लेकर रेलवे के कई अहम प्रोजेक्ट का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उत्तराखंड में 4200 करोड़ रूपये की लागत से ऋषिकेश-कर्ण प्रयाग (125.09 किमी.) नई लाइन निर्माण का कार्य प्रगति पर है. वहीं, हरिद्वार-लक्सर खंड (27 किमी.) के दोहरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है. उत्तराखंड में आधारभूत रेल संरचना को सुदृढ़ करने हेतु वर्ष 2014-19 में प्रति वर्ष औसत 672 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया, जो कि वर्ष 2009-14 तक के प्रति वर्ष औसत बजट आवंटन 187 करोड़ रूपये की तुलना में 259 प्रतिशत अधिक हैै.
वर्ष 2019-20 में उत्तराखंड में रेल परियोजनाओं एवं संरक्षा कार्यों के लिये 903 करोड़ आवंटित किया गया जो कि वर्ष 2009-14 तक के औसत प्रति वर्ष बजट आवंटन 187 करोड़ से 383 प्रतिशत अधिक है. वर्ष 2020-21 के बजट में उत्तराखंड में रेल प्रोजेक्ट्स  एवं संरक्षा कार्याें हेतु 1780 करोड़ रूपये आवंटित किया गया जो वर्ष 2009-14 तक के औसत प्रतिवर्ष बजट आवंटन 187 करोड़ रूपये से 852 प्रतिशत अधिक है.
इससे आगे बढ़कर वर्ष 2021-22 हेतु 4432 करोड़ का आवंटन किया गया है जो कि वर्ष 2009-2014 तक औसत प्रतिवर्ष आवंटन 187 करोड़ की तुलना में 22 गुना से भी अधिक है. उत्तराखंड में चल रही रेल परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तराखंड विकास के नये क्षितिज पर पहुँचेगा.
गोयल ने कहा कि विगत कुछ वर्षों में इस क्षेत्र में रेलवे द्वारा उल्लेखनीय कार्य किये गये, जिसके अन्तर्गत वर्ष 2017 में पीलीभीत-टनकपुर खंड का गेज कन्वर्जन पूरा कर टनकपुर रेलवे स्टेशन को ब्राॅड गेज लाइन से जोड़ा गया.
दिल्ली से पीलीभीत तक का खंड विद्युतीकृत है तथा पीलीभीत से टनकपुर (62 किमी.) तक का विद्युतीकरण कार्य भी पूर्ण कर लिया गया है. रेल संरक्षा आयुक्त (Rail Safety Commissioner) के निरीक्षण के उपरान्त टनकपुर से दिल्ली तक सीधे विद्युत इंजन से गाड़ी चलायी जा सकेगी.
कार्यक्रम में वीडियो लिंक के माध्यम से केंद्रीय शिक्षा मंत्री डा. रमेश पोखरियाल ’निशंक’ उपस्थित थे. टनकपुर में आयोजित समारोह में सांसद अजय टम्टा, सांसद अजय भट्ट, सांसद अनिल बलूनी के अलावा विधायक कैलाश चन्द्र गहतोड़ी, विधायक पुष्कर सिंह धामी तथा विधायक पूरन सिंह फत्र्याल, रेलवे बोर्ड से सदस्य ओ.एण्ड बी.डी. पुर्णेन्दु मिश्रा भी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे.
अपर महाप्रबन्धक, पूर्वोत्तर रेलवे अमित कुमार अग्रवाल ने कहा कि 27 फरवरी, 2021 से 05325 टनकपुर-दिल्ली पूर्णागिरी जनशताब्दी विषेष गाड़ी टनकपुर से 11.25 बजे प्रस्थान कर दिल्ली 21.35 बजे पहुँचेगी तथा 05326 दिल्ली-टनकपुर पूर्णागिरी जनशताब्दी विशेष गाड़ी दिल्ली से 06.10 बजे प्रस्थान कर टनकपुर 16.10 बजे पहुँचेगी.
इस गाड़ी में जनरेटर सह लगेज यान के 02, द्वितीय श्रेणी चेयरकार के 08 एवं वातानुकूलित चेयरकार के 02 कोचों कुल 12 एल.एच.बी. कोच लगाये जायेंगे. अग्रवाल ने कहा कि टनकपुर स्टेशन पर उन्नत यात्री सुविधायें उपलब्ध करायी गयी है. मंडल रेल प्रबन्धक, इज्जतनगर आशुतोष पंत ने आभार जताया और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक, इज्जतनगर नीतू ने कार्यक्रम का संचालन किया.

उत्तराखंडः सहेली को बदनाम करने के लिए लड़की ने बनाया फ़र्ज़ी फ़ेसबुक अकाउंट, डाले आपत्तिजनक पोस्ट

पुलिस ने फर्जी आईडी बनाने वाली लड़की को गिरफ्तार कर लिया है.

दोनों सहेलियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था जो इस लड़की को इतना चुभ गया कि उसने अपनी सहेली से बदला लेने के लिए यह सब किया.

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चंपावत. किसी समय दूर-दराज के दोस्तों से मिलने और नए दोस्त बनाने का ज़रिया रहा सोशल मीडिया अब हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है. राजनीतिक दलों के आईट सेल की बात तो छोड़ ही दें अब सामान्य लड़के-लड़कियां भी इसका इस्तेमाल बदले निकालने के लिए करने लगे हैं. सीमांत ज़िले चंपावत के पाटी थाना क्षेत्र में अजब-गजब मामला सामने आया है. यहां सहेली से लड़ाई होने पर एक युवती ने फ़ेसबुक पर उसका फ़र्ज़ी अकाउंट बनाया और आपत्तिजनक पोस्ट करने लगी. पीड़ित पुलिस के पास पहुंची और जांच में चौंकाने वाली हकीकत सामने आई.

सहेली ने दिया धोखा 

सोशल मीडिया पर आदमियों के फ़ेक अकाउंट बनाकर लड़कियों से दोस्ती करने या फिर प्रेमजाल में फंसाने के मामले तो कई सामने आ चुके हैं लेकिन लड़की के अपनी सहेली से बदला लेने के लिए किया गया यह पहला मामला है. बताया जा रहा एक ही गांव की रहने वाली दोनों लड़कियां सहेलियां भी हैं.

एक दिन दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था जो एक लड़की को इतना चुभ गया कि उसने अपनी सहेली से बदला लेने की योजना बनाई और इसमें हथियार बनाया फ़ेसबुक को. उसने अपनी सहेली के नाम से फ़ेक अकाउंट बनाया और उसकी तस्वीरें एडिट कर उस अकाउंट में डालने लगी.

7 मामले आए सामनेे 

यही नहीं वह उस अकाउंट पर डाली गई तस्वीरों में आपत्तिजनक कमेंट भी करती थी. यह बात पीड़िता को पता चली तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई. पुलिस के साइबर सेल ने जांच की तो वह उस शातिर सहली तक पहुंच गई. पूछताछ में अपने अपना अपराध स्वीकार भी कर लिया है.

पुलिस ने फर्जी आईडी बनाने वाली लड़की को गिरफ्तार कर लिया है. चंपावत के एसपी लोकेश्वर सिंह का कहना है जिले में सोशल मीडिया पर फेक आईडी बना कर बदनाम करने के 7 और मामले सामने आए हैं, जिन पर कार्रवाई की जा रही है.

Corona ने बदला रिवाज, उत्तराखंड में पत्थर की जगह फल-फूल से खेला गया आस्था का खेल

रक्षाबंधन के मौके पर देवीधुरा में  बग्वाल खेलने की परंपरा रही है.

कोरोना (Corona) को देखते हुए इस बार मात्र पांच मिनट बग्वाल (Bagwal) खेलने का फैसला लिया गया. इस दौरान दोनों पक्षों के योद्धाओं ने एक-दूसरे पर फूल और फल से प्रहार किये.

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चम्पावत. उत्तराखंड के चंपावत (Champawat) के देवीधुरा में चार खामों के बीच आस्था की बग्वाल (Bagwal) खेली गई. रक्षाबंधन (Rakshabandhan) के मौके पर मां बाराही के मैदान में चम्याल खाम, वालीक खाम, गहरवाल खाम, लमगड़िया खाम के बीच बग्वाल खेली गई. हालांकि चार खामों के मुखिया और प्रशासन के बीच कोरोना (COVID-19) काल की वजह से सिर्फ सांकेतिक बग्वाल खेलने पर सहमति बनी थी. उसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग देवीधुरा पहुंचे. बग्वाल खेलने में भीमताल के विधायक राम सिंह कैड़ा भी शामिल रहे. राम सिंह कैड़ा व मंदिर समिति के सदस्यों ने बग्वाल की परम्परा न तोड़कर कम संख्या में खेलने की बात कही.

कोरोना के देखते हुए मात्र 5 मिनट खेली गई बग्वाल

रक्षाबंधन के दिन देवीधुरा में बग्वाल मेले के दौरान दोनों पक्षों के योद्धाओं ने पांच मिनट तक एक-दूसरे पर फल और फूल बरसाए. खोलीखांड दूबचौड़ मैदान में चार खाम और सात थोकों के रणबांकुरों ने मां के जयकारे के साथ मैदान की परिक्रमा की. सबसे पहले लमगड़िया खाम और चम्याल खाम के योद्धा मैदान में पहुंचे. उसके बाद वालिक खाम और अंत में गहड़वाल खाम के रणबांकुरे मैदान में आए. मैदान में लमगड़िया और वालिक खाम के योद्धा एक तरफ थे, तो दूसरी तरफ गहड़वाल खाम और चम्याल खाम के योद्धाओं ने मोर्चा संभाला. पुजारी का आदेश मिलते ही दिन के 11.25 बजे दोनों ओर से फल और फूल फेंके जाने लगे. 11:30 बजे पुजारी ने शंखनाद कर बग्वाल रोकने का आदेश दिया. इस दौरान अंतिम क्षणों में दोनों तरफ से आंशिक रूप से पत्थर भी चले. हालांकि इस बार बग्वाल में दोनों पक्षों की ओर से कोई भी योद्धा घायल नहीं हुआ.

पांच मिनट तक चली बग्वाल के बाद दोनों तरफ के योद्धाओं ने एक दूसरे की कुशल क्षेम पूछी. इस बार युद्ध में दोनों पक्षों की ओर से एक भी योद्धा घायल नहीं हुआ. बग्वाल के लिए मैदान में पहुंचने से पूर्व वालिक, चम्याल, लमगड़िया तथा गहड़वाल खामों के अलावा सात थोकों के जत्थे मां के गगनभेदी जयकारों के साथ तरकश में नाशपाती के फल तथा हाथ में फर्रे (बांस से बनी ढाल) से सुसज्ज्ति होकर मां का जयकारा लगाना शुरू कर दिया. मंदिर की परिक्रमा के बाद देवीधुरा बाजार की ओर गहड़वाल खाम व चम्याल खाम तथा मंदिर की ओर वालिक व लमगडिय़ा खाम के लड़ाके युद्ध के लिए तैयार थे. देखते ही देखते मां बाराही व महाकाली के जयघोष के साथ दोनों ओर से फलों की बौछार शुरू हो गई. पुजारी ने पांच मिनट बाद चंवर डुलाते हुए जैसे ही मैदान में प्रवेश किया बग्वाल रोक दी गई.

तहसीलदार पर भड़के विधायक 

वही दूसरी तरफ चंपावत के देवीधुरा में बग्वाल के दौरान भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा नायब तहसीलदार सचिन कुमार पर भड़क गए. दरअसल बग्वाल शुरू होने से पहले नायब तहसीलदार ने पुजारी के हाथ से माइक लेकर बोलने लगे. एसडीएम, सीओ की मौजूदगी में नायब तहसीलदार ने बग्वाल न खेलने को लेकर जिस तरीके बात की बाराही मन्दिर के मैदान में समर्थकों के साथ खड़े विधायक कैड़ा को यह नागवार गुजरा, जिसके बाद गर्म मिजाज में दिखे विधायक भड़क गए.

भारतीयों पर हमले के बाद उत्तराखंड में नेपाल से सटे 90 KM क्षेत्र में प्रशासन अलर्ट

भारत-नेपाल सीमा की फाइल फोटो

बिहार (Bihar) की सीतामढ़ी पर नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स की तरफ से चली गोली से एक भारतीय (Indian) कि मौत हो गई थी. जिसके बाद उत्तराखंड के चंपावत जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर प्रशासन अर्लट हो गया है.

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चंपावत. बिहार (Bihar) की सीतामढ़ी पर नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स की तरफ से चली गोली से एक भारतीय (Indian) कि मौत हो गई थी. जिसके बाद उत्तराखंड के चंपावत जिले के इंडो-नेपाल बॉर्डर पर प्रशासन अलर्ट हो गया है. जिले की 90 किलोमीटर सीमा इंडो-नेपाल बॉर्डर से लगी हुई है. बिहार बॉर्डर पर हुई गोलीबारी की घटना के बाद पंचेश्वर, चूका, बूम, टनकपुर, बनबसा में पुलिस खुफिया तंत्र के साथ एसएसबी अर्लट है. हालांकि जिले के पुलिस कप्तान लोकेश्वर सिंह के मुताबिक हालात सामान्य हैं. सभी विभाग अपने उच्च अधिकारियों के संपर्क में बने हुए हैं. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं. ऐतिहात के तौर पर उत्तराखंड से लगे बार्डर के इलाकों पर अलर्ट जारी किया गया है.

बता दें कि बंधक बनाए गए भारतीय नागरिक को नेपाल पुलिस ने छोड़ दिया है. बताया जा रहा है कि इस मामले को स्थानीय स्तर पर ही सुलझा लिया गया. इसमें बिहार के सीतामढ़ी की जिलाधिकारी के साथ एसपी और स्थानीय एसएसबी के अफसरों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.



इसलिए उपजा विवाद
नेपाल पुलिस द्वारा रिहा किए गए लगन राय ने बताया कि उनका बेटा नेपाल की सीमा में था और वह ससुराल के परिजनों से मिलने नेपाल के सरलाही में गया. लगन राय ने कहा, 'मेरे लड़के ने बताया कि समधियाने से लोग आए हैं, तो मैं भी चला गया. इसी क्रम में बेटे ने बताया कि उसे नेपाल पुलिस ने मारा है. 'मैंने नेपाल पुलिस से बस इतना कहा कि अपने ससुरालवालों से मिलने आया है, आपको नहीं मारना चाहिए था. इसपर कुछ बहस हुई जिसके बाद से ही नेपाल पुलिस उग्र हो गई और थाने से कुछ सिपाहियों को बुलवा लिया और अचानक 5-7 फायरिंग कर दी. इसमें एक की मौत हो गई.'

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दिल्ली में कोरोना से मरने वालों के लिए पंजाबी बाग श्मशान में कम पड़ी जगह, यहां भेजने पड़े शव

खटीमा में लोगों में कोरोना को लेकर जागरुकता की कमी... अस्पताल में बिना मास्क, बिना दूरी बनाए भरे हुए हैं लोग

खटीमा अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे.

ऐसा लग रहा है कि कोरोना वायरस के खतरे को लेकर भीड़ से दूर रहने और सावधानियां बरतने का संदेश लेकिन चंपावत के लोगों तक पहुंचा ही नहीं है.

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खटीमा अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी champawat hospital corona reality check, कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे.
चंपावत. देश में कोरोना वायरस का ख़तरा लगातार बढ़ रहा है और ये वायरस उत्तराखंड भी पहुंच चुका है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी लोग कोरोना के खतरे को देखते हुए भीड़ से दूर रहने और सावधानियां बरतने की बात कर रहे हैं लेकिन ऐसा लग रहा है कि सीमांत ज़िले चंपावत के लोगों तक ये संदेश पहुंचा नहीं है या अब तक वह कोरोना के ख़तरे को समझे नहीं हैं. न्यूज़ 18 की टीम रिएलिटी चेक के लिए खटीमा के सरकारी अस्पताल में पहुंची तो दिखा कि भले ही डॉक्टर मास्क लगाकर मरीज़ों को देख रहे हैं लेकिन मरीज़ में कोरोना को लेकर ऐहतिहात नहीं बरत रहे हैं.






खटीमा अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी champawat hospital corona reality check, कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे.
खटीमा के 100 बैड के अस्पताल का न्यूज़ 18 की टीम ने जाजया लिया.






खटीमा अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी champawat hospital corona reality check, कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे.
अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे. डॉक्टरों की ओपीडी हो या वेटिंग रूम... बच्चे, जवान, बुजर्ग न तो मास्क पहने दिखे न ही एक मीटर की दूरी बनाए हुए.




खटीमा अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी champawat hospital corona reality check, कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे.
सीएमएस सुषमा नेगी ने न्यूज़ 18 के माध्यम से लोगों से अपील की कि बहुत ज़रूरी होने पर ही अस्पताल में मरीज़ के साथ कोई आए.




खटीमा अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी champawat hospital corona reality check, कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे.
हालांकि अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के हाथ सेनिटाइज़र से साफ किए जा रहे हैं.


खटीमा अस्पताल में आ रहे मरीज़ों के साथ उनके तीमारदार, सभी champawat hospital corona reality check, कोरोना को लेकर लापरवाह दिखे.
एक बात देश और दुनिया के हर व्यक्ति को समझनी होगी और तुरंत समझनी होगी... कोरोना से सावधानी ही बचाव है और अपनी लापरवाही से आप खुद को ही नहीं अपने परिवार को, अपने अड़ोस-पड़ोस और फिर देश-दुनिया को खतरे में डाल रहे हो.

पहली बार कैंडी क्रश खेलने की वजह से आए थे चर्चा में भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित एके गुप्ता

चंपावत के पूर्व डीएफओ एके गुप्ता आखिरकार  भ्रष्टाचार के आरोप में  दो साल बाद निलंबित हो ही गए. करोड़ों का घोटाला करने वाले तत्कालीन डीएफओ गुप्ता पहली बार 2015 में चंपावत में कुमाऊं कमिश्नर की बैठक में कैंडी क्रश खेलने की वजह से सुर्खियों में आए थे. उनके रसूख का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है तत्तकालीन वन मंत्री ने इसे उनके मोबाइल का वॉलपेपर बता दिया था.

चंपावत के पूर्व डीएफओ एके गुप्ता आखिरकार  भ्रष्टाचार के आरोप में  दो साल बाद निलंबित हो ही गए. करोड़ों का घोटाला करने वाले तत्कालीन डीएफओ गुप्ता पहली बार 2015 में चंपावत में कुमाऊं कमिश्नर की बैठक में कैंडी क्रश खेलने की वजह से सुर्खियों में आए थे. उनके रसूख का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है तत्तकालीन वन मंत्री ने इसे उनके मोबाइल का वॉलपेपर बता दिया था.

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 नेपाल के कैसीनो में बर्बाद हो गए हैं भारत के कई परिवार... नेपालियों के लिए जाना है मना

चंपावत. नेपाल के महेन्द्रनगर में खुले कैसीनो भारत के कई परिवारों को अब तक बर्बाद कर चुके हैं. भारत की सीमा से महज़ 20 किमी दूर खुले इन कैसीनो में जुआ, नशा और बार बालाओं का डांस सिर्फ़ भारतीयों के लिए है. यह जानकर आपको अचरज हो सकता है लेकिन नेपाल के इन कैसीनो में नेपाली नागरिकों के आने पर पूरी तरह रोक है ताकि वह बर्बाद न हों.

चंपावत. नेपाल के महेन्द्रनगर में खुले कैसीनो भारत के कई परिवारों को अब तक बर्बाद कर चुके हैं. भारत की सीमा से महज़ 20 किमी दूर खुले इन कैसीनो में जुआ, नशा और बार बालाओं का डांस सिर्फ़ भारतीयों के लिए है. यह जानकर आपको अचरज हो सकता है लेकिन नेपाल के इन कैसीनो में नेपाली नागरिकों के आने पर पूरी तरह रोक है ताकि वह बर्बाद न हों.

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चंपावत में SSB जवान ने अपनी सर्विस रवॉल्वर से खुद को मारी गोली, मौत

बिजली विभाग के लाइनमैन ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली (सांकेतिक तस्वीर)

चंपावत (Champawat) जिले में रविवार को सशस्त्र सीमा बल (sashastr seema bal, SSB) के एक जवान ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली.

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चंपावत. उत्तराखंड (Uttarakhand) के चंपावत (Champawat) जिले में रविवार को सशस्त्र सीमा बल (sashastr seema bal, SSB) के एक जवान ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या (Suicide) कर ली.

घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस के आला अधिकारियों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा. फिलहाल, जवान के आत्महत्या करने के कारणों का पता लगाने में पुलिस जुट गई है.

जवान के खुदकुशी के कारणों पता लगाने में जुटी पुलिस

बहरहाल, उत्तराखंड में सशस्त्र सीमा बल के जवान के खुदकुशी करने से लोगों में ये चर्चा का विषय बना हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक एसएसबी जवान ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार है. इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस के तमाम आला अधिकारी पहुंच रहे हैं और इसकी जांच कर रहे हैं. हालांकि अभी यह नहीं पता चल पाया है कि आखिर ऐसी क्या बात हो गई कि जवान इस तरह आत्महत्या करने पर मजबूर होना पड़ा.

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बदलाव... बीएससी, एमएड भी हैं इस बार चंपावत ज़िला पंचायत में... 15 में 8 सदस्य महिलाएं   

चंपावत ज़िला पंचायत में एक सदस्य को छोड़ दें तो सभी सदस्य 38 साल से कम उम्र के हैं और .  बीएड, एमएड, बीकॉम, बीबीए, बीएसी, मैथ्स ऑनर्स की डिग्रियों से लैस हैं.

बीएड, एमएड, बीकॉम, बीबीए, बीएसी, मैथ्स ऑनर्स की डिग्रियों (degree) से लैस है चंपावत ज़िला पंचायत (Champawat Zila Panchayat) की नई टीम.

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चंपावत. उतराखण्ड (Uttarakhand) में इस बार के चुनावों में बड़ी संख्या में युवा चुनकर आए हैं ख़ासतौर पर ज़िला पंचायत (Zila Panchayat) और क्षेत्र पंचायतों (Kshetra Panchayat) में. दरअसल इस बार उत्तराखंड पंचायती राज संशोधन अधिनियम 2019 (Uttarakhand Panchayati Raj Amendment Act 2019) के लागू होने की वजह से क्षेत्र और ज़िला पंचायत में दो से ज़्यादा जीवित बच्चों वाले लोग चुनाव नहीं लड़ पाए हैं. इसकी वजह से युवाओं के लिए जगह बन गई है. चंपावत की ज़िला पंचायत में न सिर्फ़ ऊर्जावान बल्कि पढ़े-लिखे युवा चुनाव जीते हैं.  बीएड, एमएड, बीकॉम, बीबीए, बीएसी, मैथ्स ऑनर्स की डिग्रियों से लैस है ज़िला पंचायत की नई टीम.

युवा ज़िला पंचायत 

चंपावत की ज़िला पंचायत इस बार युवा है. एक सदस्य को छोड़ दें तो 15 सदस्यों वाली इस ज़िला पंचायत में सभी सदस्य 38 साल से कम उम्र के हैं. इनमें भी सबसे छोटी तल्लादेस क्षेत्र की 22 साल की संगीता महर हैं.

इस ज़िला पंचायत की ख़ास बात यह भी है कि इसमें बहुमत महिलाओं का है. ज़िला पंचायत में 15 सदस्यों में 8 महिलाएं हैं, इसलिए ये सामान्य सीट पर भी दावेदारी पेश कर रही हैं. चंपावत ज़िला पंचायत की सदस्य राज्यपाल पुरस्कार प्राप्त किरन देवी भी हैं.

एक नज़र ज़िला पंचायत सदस्यों पर

  • रायकोट कुंवर ज़िला पंचायत सदस्य बनीं भाजपा की प्रीति पाठक ने बीएससी की है.

  • रैगांव ज़िला पंचायत सदस्य बनीं भाजपा की ज्योति राय ने हिंदी और समाजशास्त्र में एमए किया है.

  • टनकपुर से ज़िला पंचायत सदस्य बनीं भाजपा की किरन देवी राज्यपाल पुरस्कार पा चुकी हैं और उन्होंने बीएससी मैथ ऑनर्स की है.

  • भजनपुर बनबसा से निर्दलीय ज़िला पंचायत सदस्य बने पुष्कर कापड़ी की शिक्षा स्नातक है.

  • बिरगुल ज़िला पंचायत क्षेत्र से जीते यूकेडी के भूपेंद्र महर ने बीबीए किया हुआ है.

  • शक्तिपुरबुंगा से ज़िला पंचायत सीट जीतकर आईं सरिता बोहरा ने एमए, बीएड किया है.

  • खरही ज़िला पंचायत सीट से जीतीं रेखा गोस्वामी ने बीएड, एमकॉम किया है.

  • मटियानी से ज़िला पंचायत सीट जीतकर आए भाजपा के एलएम कुंवर ने एमए किया है.

  • ज़िला पंचायत में सबसे कम उम्र की 22 साल की संगीत महर भण्डारबोहर तल्ला देश क्षेत्र से निर्दलीय विजयी हुई हैं और बीए पास हैं.

  • कानिकोट क्षेत्र से ज़िला पंचायत सदस्य बनीं सीमा ने डीएलएड, एमए तक शिक्षा प्राप्त की है.

  • जनकांडे सीट से ज़िला पंचायत सदस्य बने भाजपा के विजय बोहरा स्नातक हैं.

  • पाटन पंचायत से ज़िला पंचायत सदस्य बने निर्दलीय हरीश राम ने इंटरमीडिएट तक पढ़ाई की है.

  • पटनगांव से ज़िला पंचायत प्रह्लाद सिंह अधिकारी और धुरा सीट से निर्दलीय ज़िला पंचायत दीपा जोशी ने भी इंटरमीडिएट से आगे की पढ़ाई की है.


young pradhan, अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा ब्लॉक की ग्राम सभा दौघौड़िया में भी 22 साल के जगमोहन शर्मा प्रधान बने हैं.
अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा ब्लॉक की ग्राम सभा दौघौड़िया में भी 22 साल के जगमोहन शर्मा प्रधान बने हैं.


यहां भी 22 साल का युवक प्रधान

अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा ब्लॉक की ग्राम सभा दौघौड़िया में भी 22 साल के जगमोहन शर्मा प्रधान बने हैं. जगमोहन ने दिग्गज नेता हंसा दत्त मेलकानी को शिकस्त दी है. क्षेत्र में सबसे कम उम्र के प्रधान बने जगमोहन अब क्षेत्र में विकास के मुद्दों को उठाने की बात कर रहे हैं.

यह युवा नेता क्षेत्र के दुर्गम रास्तों को आसान बनाने, पानी-बिजली की समस्या से निजात दिलाने, स्कूल, अस्पताल की समस्याओं को प्रशासन से लेकर शासन तक पहुंचाने की बात कर रहे हैं. वह विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ ग्रामवासियों को दिलवाने के लिए भी संकल्पित हैं.

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शादी के नाम पर लड़कियों की हो रही थी सौदेबाजी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम ने 6 को पकड़ा

शादी के नाम पर लड़कियों की हो रही थी सौदेबाजी, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग टीम ने 6 को दबोचा

खटीमा में पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (Anti Human Trafficking Unit) ने शादी के नाम पर लड़कियों का सौदा करने वाले गिरोह के 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है.

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उत्तराखंड में चंपावत (Champawat) जिले के खटीमा में पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (Anti Human Trafficking Unit) ने शादी के नाम पर लड़कियों का सौदा करने वाले गिरोह के 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. बनबसा एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने अमाऊं में अंतरराज्यीय गिरोह (Interstate gang) महिला सरगना समेत 3 महिला और 3 पुरुषों को गिरफ्तार (Arresting) किया है. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक यह गिरोह उतराखंड और दूसरे राज्यों में लड़कियों को शादी का झांसा देकर जाल में फंसाता था.

सूचना मिलने पर गिरोह का हुआ भंडाफोड़

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने मुखबिर से मिली सूचना के बाद इस गिरोह से जुड़े लोगों की धरपकड़ की है. साथ ही गिरोह के चंगुल से दो मासूम लड़कियों को भी मुक्त कराया है. मामला मानव तस्करी और ठगी से जुड़े होने के कारण पुलिस ने धारा 366, 370, 420, 120 (बी), 34 आईपीसी (Indian Penal Code) के तहत मुकदमा दर्ज कर अभियुक्तों (Accused) को जेल भेज दिया है. मामले की जानकारी एएसपी देवेंद्र पींचा ने दी है.

दोनों लड़कियों की काउंसलिंग जारी

मानव तस्करी-human trafficking
दोनों लड़कियों की काउंसलिंग जारी है (सांकेतिक तस्वीर)


एएसपी ने कहा कि 2 लड़कियों को शादी के नाम पर बेचने का काम चल रहा था, तभी मुखबिर (Informant) से मिली सूचना के आधार पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने दबिश देकर मौके से सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. मौके से मिली दोनों लड़कियों की काउंसलिंग (Counseling) की जा रही है.

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ब्लाइंड रेप और मर्डर केस सॉल्व करने के लिए टनकपुर के सीओ पंत को मिलेगा यह विशेष मेडल

पंत को यह सम्मान काठगोदाम में लाडली रेप और हत्या प्रकरण में बेस्ट जांच के लिए दिया जाएगा. पंत की जांच के बाद इस मामले में दोषी को अदालत ने मृत्युदंड दिया था.

विपिन पंत ने 10 से ज्यादा ब्लाइंड केस खोले हैं जबकि 2 मामलों में अपराधी को फांसी की सजा भी मिली है.

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चम्पावत जिले के टनकपुर में तैनात सीओ विपिन पंत को भारत सरकार की ओर से ब्लाइंड केस की सटीक छानबीन के लिए सम्मानित किया जाएगा. पंत को Union Home Minister’s Medal for Exellance in Investing के लिए चुना गया है. उन्हें यह सम्मान काठगोदाम में लाडली रेप और हत्या प्रकरण में बेस्ट जांच के लिए दिया जाएगा. उत्तराखण्ड पुलिस विभाग से यह सम्मान पाने वाले पंत इकलौते अफसर हैं. पंत की जांच के बाद इस मामले में दोषी को अदालत ने मृत्युदंड दिया था.

मुश्किल थी जांच 

चम्पावत ज़िले के टनकपुर में तैनात सीओ विपिन पंत को केंद्रीय गृह मंत्रालय मेडल देकर सम्मानित करेगा. विपिन पंत राज्य के इकलौते ऐसे अफसर हैं जिनको इस बार यह सम्मान हासिल हो रहा है. पंत को यह सम्मान 2014 में काठगोदाम में मासूम लाडली के साथ रेप और हत्या प्रकरण में बेस्ट जांच के लिए दिया जा रहा है.

Police Medal, उत्तराखण्ड पुलिस विभाग से यह सम्मान पाने वाले पंत इकलौते अफसर हैं.
उत्तराखण्ड पुलिस विभाग से यह सम्मान पाने वाले पंत इकलौते अफसर हैं.


पंत ने बताया कि यह केस एक मुश्किल केस था और इसे सॉल्व करने में उन्हें काफ़ी मेहनत करनी पड़ी थी, 24-24 घंटे जागना पड़ा था. उन्होंने अपराध को साबित करने में साइंटिफ़िक एविडेंस, सर्विलांस एविडेंस और सर्कमस्टैंशियल एविडेंस जुटाए थे. इनके आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए उसे फ़ांसी की सज़ा दी थी.

2 बार राज्यपाल पुरस्कार विजेता 

यह भी बता दें कि विपिन पंत को राज्य में ब्लाइंड केस खोलने वाले अधिकारी के रूप में जाना जाता है. जिन्होंने 10 से ज्यादा ब्लाइंड केस खोले हैं जबकि 2 मामलों में अपराधी को फांसी की सजा भी मिली है.

पंत के नाम एक और उपलब्धि है. 2004 में बनबसा में एसओ रहने के दौरान पंत ने वह भेष बदलकर नेपाल गए थे और वहां नेपाली माओवादियों के कब्जे से हरियाणा के दो पर्यटकों को छुड़ाकर भारत लाए थे. पुलिस विभाग में बेहतर सेवा के लिए उन्हें 2 बार राज्यपाल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया है.

इस पुरस्कार के लिए पंत ने अपने सीनियर ऑफ़िसर्स का धन्यवाद अदा किया, जिन्होंने उनके नाम की सिफ़ारिश इस सम्मान के लिए की थी. उन्होंने इसे इसे राज्य का सम्मान और अपने लिए बड़ी उपलब्धि बताया.

 

धौन में गिर गई पूरी पहाड़ी ही... देखिए ज़बरदस्त विज़ुअल्स

सुबह 10 बजे से रास्ता खुलने के इतंजार में सड़क के दोनों तरफ़ खड़े सैकड़ो वाहनों को 5 घण्टे बाद वापस लौटना पड़ा.

सुबह 10 बजे से रास्ता खुलने के इतंजार में सड़क के दोनों तरफ़ खड़े सैकड़ो वाहनों को 5 घण्टे बाद वापस लौटना पड़ा.

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चंपावत के धौन के पास सुबह से हो रहा भूस्खलन पूरी पहाड़ी के गिरने के साथ ही बंद हुआ जिसके बाद अगले 24 घण्टे तक NH9 पूरी तरह बन्द हो गया है. सुबह 10 बजे से रास्ता खुलने के इतंजार में सड़क के दोनों तरफ़ खड़े सैकड़ो वाहनों को 5 घण्टे बाद वापस लौटना पड़ा. आलवेदर सड़क चौड़ीकरण के बाद कमजोर हुई इस पहाड़ी को साफ़ करने में प्रशासन को 24 घण्टे तक लग सकते हैं. प्रशासन ने ऐहतिहातन ट्रैफ़िक को देवीधुरा से हल्द्वानी रूट पर डायवर्ट कर दिया है.

सुबह से हो रहा था भूस्खलन 

बता दें कि धौन के पास NH9 में सुबह पहले 0552 पर भूस्खलन होने से रास्ता बंद हो गया था, जिसे 0705 पर खोल लिया गया था. इसके बाद 1026 पर फिर भूस्खलन हुआ जिसकी वजह से यह रास्ता फिर बंद हो गया. टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड पर पहाड़ी से लगातार भारी भरकम बोल्डर गिर रहे थे.

साढ़े तीन बजे पूरी पहाड़ी ही भरभराकर कर गिर गई. रास्ता खुलने के इंतज़ार में खड़े लोगों में से एक ने इसकी वीडियो बना लिया जो उन्होंने न्यूज़ 18 के साथ शेयर किया है. आप भी देखिए कैसे पूरी पहाड़ी भरभराकर गिर रही है.

बने हैं कई नए लैंड स्लाइड ज़ोन 

दरअसल उत्तराखंड में बारिश की वजह से लगातार भूस्खलन की ख़बरें आ रही हैं. ऑल वेदर रोड के लिए की गई कटिंग की वजह से भी कई नए लैंड स्लाइड ज़ोन बन गए हैं. टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड एनएच9 पर ही सूखीढांग, टिपनटॉप, स्वाला और बेलगेट धौन नए लैंड स्लाइड ज़ोन बने हैं.

इस साल मॉनसून शुरु होने के बाद इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन का जो सिलसिला शुरु हुआ है उसकी वजह से अब तक यह राजमार्ग 30-40 घंटे तक बंद रहा है.

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टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड पर लगातार भूस्खलन, चंपावत में NH9 घण्टों से बंद

चंपावत में धौन के पास NH9 सुबह साढ़े दस बजे से बन्द है. यहां पहाड़ी से लगातार  भारी भरकम बोल्डर गिर रहे हैं.

चंपावत में धौन के पास NH9 तीन घण्टे से बन्द है. यहां पहाड़ी से लगातार भारी भरकम बोल्डर गिर रहे हैं.

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चंपावत में धौन के पास NH9 आज सुबह से दो बार बंद हो गया है. सुबह पहले 0552 पर भूस्खलन से यह मार्ग बंद हुआ था जिसे 0705 पर खोल लिया गया. इसके बाद 1026 पर फिर भूस्खलन हुआ जिसकी वजह से यह रास्ता तक बंद है. दरअसल राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने इस नए लैंड-स्लाइड ज़ोन पर लगातार भूस्खलन हो रहा है (देखें वीडियो).

प्रभारी सचिव भी फंसे

टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड पर पहाड़ी से लगातार भारी भरकम बोल्डर गिर रहे हैं. इसकी वजह से इस रास्ते को खोलना भी मुश्किल हो रहा है. जाम में चंपावत के ज़िला प्रभारी सचिव शैलेश बगौली भी फंस गए थे जो बाद में वह देवीधुरा-हल्द्वानी रूट से देहरादून के लिए रवाना हुए.

दरअसल उत्तराखंड में बारिश की वजह से लगातार भूस्खलन की ख़बरें आ रही हैं. ऑल वेदर रोड के लिए की गई कटिंग की वजह से भी कई नए लैंड स्लाइड ज़ोन बन गए हैं. टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर रोड एनएच9 पर ही सूखीढांग, टिपनटॉप, स्वाला और बेलगेट धौन नए लैंड स्लाइड ज़ोन बने हैं.

इस साल मॉनसून शुरु होने के बाद इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन का जो सिलसिला शुरु हुआ है उसकी वजह से अब तक यह राजमार्ग 30-40 घंटे तक बंद रहा है.

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