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लोहाघाट के रामलीला मैदान में जुटे पाक को धूल चटाने वाले योद्धा

Kamlesh Bhatt | ETV UP/Uttarakhand
Updated: December 17, 2016, 9:56 AM IST
लोहाघाट के रामलीला मैदान में जुटे पाक को धूल चटाने वाले योद्धा
विजय दिवस पर लोहाघाट के रामलीला मैदान में तीन पीढ़िया इकट्ठा हुई

लोहाघाट के रामलीला मैदान में तीन पीढ़िया इकट्ठा हुई. मौका था 1971 के भारत पाक युद्ध के ऐतिहासिक विजय दिवस को मनाने का. इस अवसर पर जमा हुए पूर्व फौजियों ने अपने अनुभव साझा किए.1971 के भारत पाक युद्ध के जवान के सीने पर लगे मेडल अपनी शौर्य गाथा को खुद बया कर रहे हैं. 1971 की इस लड़ाई के हिस्सा रहे कैप्टन अमर सिंह बताते हैं कि ढाका से 30 किलोमीटर पहले इच्छुक नहर के ऊपर बने पुल को पाक सेना ने गिरा दिया था.

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लोहाघाट के रामलीला मैदान में तीन पीढ़िया इकट्ठा हुई. मौका था 1971 के भारत पाक युद्ध के ऐतिहासिक विजय दिवस को मनाने का. इस अवसर पर जमा हुए पूर्व फौजियों ने अपने अनुभव साझा किए.

1971 के भारत पाक युद्ध के जवान के सीने पर लगे मेडल अपनी शौर्य गाथा को खुद बया कर रहे हैं. 1971 की इस लड़ाई के हिस्सा रहे कैप्टन अमर सिंह बताते हैं कि ढाका से 30 किलोमीटर पहले इच्छुक नहर के ऊपर बने पुल को पाक सेना ने गिरा दिया था. जिसे 12 दिसम्बर को सिर्फ रात को सिर्फ 10 घण्टे में तैयार किया गया, जिससे पाक के हौसले परस्त हो गए.

वहीं दीवान सिंह ने बताया कि महाराष्ट्र के जवान ने हिंदी भाषा में में होने चलते 9 कुमाऊँ को 9 कमान आ रही हैं, बोल दिया. जिससे पाकिस्तान के जवान डर गए. वहीं 1971 की इस लड़ाई के हिस्सा रहे जवान पाकिस्तान को तोड़ कर बांग्लादेश के उदय पर गर्व महसूस करते हैं.

जबकि 1948 भारत पाक युद्ध में वीर चक्र प्राप्त 96 साल के कमर सिंह सामन्त का कहना हैं कि पाकिस्तान न पहले जीता है, न अब जीतेगा. विजय दिवस एक ऐतिहासिक दिन है जिस पर हर भारतीय को गर्व है. जवानों की शरहद पर मौजूदगी की वजह से हम यहां सांस ले रहे हैं.

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First published: December 17, 2016, 9:56 AM IST
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