गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है लोहाघाट में हजरत कालू सैय्यद बाबा का उर्स

Kamlesh Bhatt | ETV UP/Uttarakhand
Updated: May 30, 2016, 11:30 AM IST
गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल है लोहाघाट में हजरत कालू सैय्यद बाबा का उर्स
लोहाघाट में तीन दिवसीय हजरत कालू सैय्यद बाबा के उर्स का आयोजन

लोहाघाट में तीन दिवसीय हजरत कालू सैय्यद बाबा के उर्स का आयोजन किया जा रहा है. उर्स में हिन्दू, मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल देखने को मिल रही है. चंपावत जिला मुख्यालय से पन्द्रह किलोमीटर दूर लोहाघाट में हजरत कालू सैय्यद बाबा का उर्स मनाया जाता है. स्थानीय लोग शहर से मजार तक चादर पोशी के कार्यक्रम में शामिल होते हैं

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लोहाघाट में तीन दिवसीय हजरत कालू सैय्यद बाबा के उर्स का आयोजन किया जा रहा है. उर्स में हिन्दू, मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल देखने को मिल रही है.

चंपावत जिला मुख्यालय से पन्द्रह किलोमीटर दूर लोहाघाट में हजरत कालू सैय्यद बाबा का उर्स मनाया जाता है. स्थानीय लोग शहर से मजार तक चादर पोशी के कार्यक्रम में शामिल होते हैं. गौर करने वाली बात यह है कि इस चादर पोशी में हिन्दू महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल होती हैं. हिन्दू महिलाएं न सिर्फ चादर पोशी में उत्साह के साथ शिरकत कर रही हैं. बल्कि मजार पर मुस्लिम महिलओं के साथ ही चादर चढ़ा कर मन्नते भी मांग रही हैं.

कौमी एकता ऐसी मिशाल रहे हजरत कालू सैय्यद बाबा के उर्स को दोनों धर्म जहां एक साथ मिलकर मनाते है. वास्तव में यह उर्स सही मायने में गंगा जमनी तहजीब की सच्ची मिसाल है.
लोहाघाट में कौमी एकता की ये मिशाल न सिर्फ स्थानीय लोगों की ताकत है. बल्कि जाति धर्म में बांटने वालों के लिए एक सबक भी है.

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First published: May 30, 2016, 11:30 AM IST
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