आईटीआई कॉलेजों में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम

उत्तराखंड के आईटीआई कॉलेजों में ग्रामीण स्तर पर आजीविका से जुडे पाठ्यक्रमों को शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है. जिसके तहत आईटीआई कालेजों में दूध और डेयरी, जड़ी बूटी और पशुपालन से संबधित नई ट्रेड खोलने के लिए होमवर्क किया जा रहा है. औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल का कहना है कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में इनसे स्वरोजगार के अवसर बढेंगे.

Rahul Singh Shekhawat | ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 7, 2016, 6:31 PM IST
आईटीआई कॉलेजों में शुरू होंगे नए पाठ्यक्रम
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Rahul Singh Shekhawat | ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 7, 2016, 6:31 PM IST
उत्तराखंड के आईटीआई कॉलेजों में ग्रामीण स्तर पर आजीविका से जुडे पाठ्यक्रमों को शामिल करने की कवायद शुरू हो गई है. जिसके तहत आईटीआई कालेजों में दूध और डेयरी, जड़ी बूटी और पशुपालन से संबधित नई ट्रेड खोलने के लिए होमवर्क किया जा रहा है.

औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल का कहना है कि उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में इनसे स्वरोजगार के अवसर बढेंगे. इसलिए उन्होंने आईटीआई पाठयक्रम को रोजगारपरक बनाने के लिए विभागीय अफसरों को निर्देश दिए हैं.

इससे आईटीआई कालेजों में दूध और डेयरी, जडी बूटी एवं पशुपालन सरीखी ट्रेड शुरू करके दूरस्थ इलाकों में आजीविका की संभानाएं बढ़ सकें.

इसके अलावा दुर्गापाल ने विभागीय समीक्षा के दौरान अफसरों को आईटीआई कालेजों में शिक्षकों के पद भरने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि विभिन्न कालेजों में प्रिंसिपल और अनुदेशकों के पदों के रिक्त रहने से पठन और पाठन प्रभावित हो रहा है.

उनका कहना है कि प्रिंसिपल की भरती प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि उत्तराखंड के औदयोगिक प्रशिक्षण संस्थान के छात्रों को गुणवत्तापरक शिक्षा मिल सके.
First published: October 7, 2016, 12:35 PM IST
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