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नोटबंदी: भारत ही नहीं नेपाल के बाजार भी सूने, यहां ही नहीं वहां भी परेशानी

Kamlesh Bhatt | ETV UP/Uttarakhand
Updated: November 14, 2016, 2:45 PM IST
नोटबंदी: भारत ही नहीं नेपाल के बाजार भी सूने, यहां ही नहीं वहां भी परेशानी
500-1000 के नोट बंद होने से नेपाल में भी असर

500-1000 की करेंसी के बाजार में बन्द होने का असर भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी इसका व्यापक असर पड़ रहा है. भारत की इस करेंसी का बंद होने का असर नेपाल में आखिर क्यों पड़ रहा है. नेपाल के गड्ढाचौकी में भारतीय करेंसी एक्सचेंज करने वाला काउंटर यह बता रहा है कि मोदी के फैसले का असर यहाँ भी हुआ है.

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500-1000 की करेंसी के बाजार में बन्द होने का असर भारत में ही नहीं बल्कि पड़ोसी देश नेपाल में भी इसका व्यापक असर पड़ रहा है. भारत की इस करेंसी का बंद होने का असर नेपाल में आखिर क्यों पड़ रहा है.

नेपाल के गड्ढाचौकी में भारतीय करेंसी एक्सचेंज करने वाला काउंटर यह बता रहा है कि मोदी के फैसले का असर यहाँ भी हुआ है. दरसल भारत और नेपाल के बीच रोटी, बेटी का समबंद्ध भी है. यही वजह की नेपाल में भी भारत की करेंसी चलती है. नेपाल से लगी सीमा से लगे इलाकें में रहने वाले भारतीय यहां भारतीय मुद्रा से बड़े स्तर पर सामान खरीदने और बेचने का व्यापार करते हैं. नोटबंदी के इस फैसले ने भारत के व्यापार में असर तो डाला ही है. लेकिन नेपाल के व्यापारी भी इस फैसले के बाद नेपाल में आर्थिक मंदी की बात कर रहे हैं.

दरसल भारत की सीमा से बिल्कुल सटे नेपाल के ब्रहमदेव, गड्ढाचौकी, महेन्द्रनगर, चाँदनी, बाबाथान के बाजार हैं. इन शहरों में व्यापार कर रहे नेपाल के व्यवसायी पूरी तरह से भारतीय लोगों पर निर्भर हैं. लिहाजा भारत में बंद हो चुके 500, 1000 के नोट में इन व्यापारियों के पास भी होंगे ही. दुकानदारों का कहना है कि अब न तो ग्राहक आ रहे हैं न बंद हो चुकी भारतीय करेंसी कोई ले रहा है. न नेपाल के बैंक ले रहे हैं. जिसकी वजह से नेपाल के लोगों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है.

अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि भारत में ही नहीं नेपाल में भी लोग काफी परेशानी महसूस कर रहे हैं.

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First published: November 14, 2016, 2:45 PM IST
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