प्रशासन की लापरवाही के कारण बदहाल हालात में हैं श्यामलाताल झील

चारों तरफ पहाड़ी से घिरी एक सुंदर झील, दूर तक मनमोह देने प्रकृति के दृश्य, रहने के लिए टीआरसी भवन, शांति के लिए विवेकानन्द आश्रम और ताल का में सैर के लिए नाव लेकिन मौजूदा समय में सब बदहाल है.


Updated: July 17, 2018, 4:31 PM IST
प्रशासन की लापरवाही के कारण बदहाल हालात में हैं श्यामलाताल झील
श्मलाताल झील

Updated: July 17, 2018, 4:31 PM IST
चम्पावत जिले की प्रकृति के गोद में बसे बेहद खूबसूरत  श्यामलाताल झील सिस्टम की अनदेखी के चलतें बदहाली का रोना रो रही है. मिनी नैनीताल ताल कहें जाने श्यामलाताल झील की खूबसूरत तस्वीरें बता रही हैं कि यहां पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं. एक पर्यटक जिस उम्मीद के साथ घर से परिवार के साथ घूमने  निकलता है वो सबकुछ श्यामलाताल झील में मौजूद है. चारों तरफ पहाड़ी से घिरी एक सुंदर झील, दूर तक मनमोह देने प्रकृति के दृश्य, रहने के लिए टीआरसी भवन, शांति के लिए विवेकानन्द आश्रम और ताल का में सैर के लिए नाव लेकिन मौजूदा समय में सब बदहाल है.

पर्यटक यहां आकर सुविधा न मिलनें पर खुद को मायूस पातें हैं, तो स्थानीय लोग कुमाऊं विकास निगम और सिस्टम पर श्यामलाताल कीअनदेखी का आरोप लगा रहे हैं. दूसरी तरफ चम्पावत विधायक कैलाश गहतोड़ी ने कहा कि श्यामलाताल बेहद खूबसूरत है. उन्होंने बताया कि टीआरसी भवन के निर्माण को  लेकर विवाद चल रहा है जिसे जल्द सुलझा लिया जायेगा.

राज्य सरकार को सबसे पहले जरूरत है श्यामलाताल झील के मिटते अस्तित्व को बचाने की है. इसके साथ वक्त के साथ बदहाल हो चुकी व्यवस्थाओं को दुबारा पटरी में लाकर सुधारने की है. पर्यटक पहाड़ों की वादियों में बसें श्यामलाताल का दीदार करने आये और क्षेत्र के लोगों को रोजगार भी मिल सके और पहाड़ों से बढ़ता पलायन भी रुक सकें.

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(रिपोर्ट - कमलेश भट्ट)
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