एक हफ़्ते में 12 मौत... आपदा के इस समय में अनाथ है चमोली! धन सिंह ने कहा- वह प्रभारी मंत्री नहीं

प्रकाश पंत के विभाग तो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत देख रहे हैं लेकिन उनके प्रभार वाले जिलों में अभी तक किसी को प्रभारी मंत्री नहीं बनाया गया है.

Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: August 14, 2019, 11:14 AM IST
एक हफ़्ते में 12 मौत... आपदा के इस समय में अनाथ है चमोली! धन सिंह ने कहा- वह प्रभारी मंत्री नहीं
चमोली में सोमवार को भारी बारिश के बाद बांजबगड गांव में आए मलबे में दबकर मां-बेटी की मौत हो गई थी.
Manish Kumar
Manish Kumar | News18 Uttarakhand
Updated: August 14, 2019, 11:14 AM IST
चमोली में मौत का ताण्डव चल रहा है. पिछले एक हफ्ते में ही आपदा के चलते 12 लोगों की मौत हो गयी है जबकि दो अब भी लापता हैं. इस बार की आपदा इतनी भयानक है कि पिछले साल पूरे मॉनसून सीज़न में जितने लोगों की मौत हुई थे इस साल उससे ज्यादा लोग अभी तक काल के गाल में समा गए हैं. संकट का यह दौर जारी रह सकता है क्योंकि भारी बारिश अभी बाकी है. लेकिन, इस भीषण संकट के समय चमोली अनाथ है क्योंकि उसके आंसू पोंछने वाले कोई प्रभारी मंत्री नहीं है.

प्रकाश पंत थे प्रभारी मंत्री 

कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत पंत चमोली के प्रभारी मंत्री थे. उनके निधन के बाद चमोली अनाथ हो गया है. पंत के विभाग तो मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत देख रहे हैं लेकिन उनके प्रभार वाले जिलों में अभी तक किसी को प्रभारी मंत्री नहीं बनाया गया है. यही वजह है कि इतनी मौतों के बाद भी सरकार में कोई बड़ा ज़िम्मेवार चमोली नहीं गया है.

ऐसे में सवाल तो उठता ही है कि आखिर चमोली और रुद्रप्रयाग का प्रभार किसी मंत्री को अभी तक क्यों नहीं दिया गया है? यदि न्यूज़ 18 ने इसकी तहकीकात न की होती तो इस सवाल पर पर्दा ही पड़ा रहता. अभी कुछ ही दिन पहले नियोजन विभाग के एक बड़े अफसर ने न्यूज़ 18 को बताया था कि चमोली और रुद्रप्रयाग की ज़िम्मेदारी राज्यमंत्री धन सिंह रावत को सौंपी गई है. सीएम त्रिवेन्द्र रावत ने उन्हीं के लिए आदेश किए हैं.

ज़िला योजना की बैठक ली थी धन सिंह ने  

चमोली में लगातार मौतों के बाद भी जब धन सिंह रावत वहां नहीं पहुंचे तो न्यूज़ 18 ने उन्हीं से इस बारे में पूछा. धन सिंह रावत ने यह बात सिरे से खारिज कर दी कि उन्हें चमोली, रुद्रप्रयाग का प्रभार सौंपा गया है. उन्होंने कहा कि उनके पास सिर्फ़ टिहरी और उत्तरकाशी का प्रभार है. चमोली और रुद्रप्रयाग के बारे में उन्हें कुछ पता नहीं है.

हालांकि धन सिंह ने यह ज़रूर बताया कि उन्हें जून के महीने में जिला योजना की बैठक लेने के लिए चमोली भेजा गया था और उन्होंने बैठक ली भी थी. लेकिन इन जिलों के प्रभारी मंत्री बनाए जाने के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
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सवाल ये है कि क्या धन सिंह रावत को चमोली और रुद्रप्रयाग का प्रभारी मंत्री बनाने का कोई आदेश शासन से हुआ है? जवाब है शायद नहीं क्योंकि यदि ऐसा हुआ होता तो मंत्री इससे इनकार नहीं कर सकते थे. दूसरा प्रकाश पंत के विभागों को सीएम त्रिवेन्द्र देखेंगे इस बाबत जब आदेश जारी हुए तो उनके निधन से खाली हुए जिले के प्रभारी मंत्री बनाए जाने के आदेश क्यों नहीं जारी हुए?

इसलिए ज़रूरत है चमोली को 

बता दें कि चमोली को इस समय मदद और सांत्वना की बहुत ज़रूरत है. ज़िले में 6 अगस्त से शुरु हुआ मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. 6 अगस्त को पहाड़ी से मलबा एक बस पर गिरा जिसमें 6 की जान चली गई. 9 अगस्त को थराली के फल्दिया में मां-बेटी मलबे में दब गए जिनको अभी तक निकाला नहीं जा सका है.

12 अगस्त को भी बादल फटने से घाट इलाके में 6 लोगों की मौत हो चुकी है. इतनी तबाही के बाद भी यदि सरकार का कोई नुमांइदा इनके घावों पर मरहम लगाने न पहुंचे तो इसे संवेदनहीनता की इंतहा ही कहा जा सकता है.


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First published: August 13, 2019, 1:22 PM IST
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