उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से 130 करोड़ रुपये का नुक़सान, CM ने कहा राहत कार्यों में पैसे की कमी नहीं होगी

CM ने कहा कि लोगों की तरह ही गांवों से सेब को सड़क तक लाने की व्यवस्था बनाई जाए ताकि क्षेत्र में सेब की फसल खराब न हो.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: August 20, 2019, 7:47 PM IST
उत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा से 130 करोड़ रुपये का नुक़सान, CM ने कहा राहत कार्यों में पैसे की कमी नहीं होगी
मुख्यमंत्री ने सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया.
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: August 20, 2019, 7:47 PM IST
उत्तराखंड में भारी बारिश और बादल फटने की वजह से आई आपदाओं की वजह से करीब 130 करोड़ रुपये का नुक़सान होने का अनुमान है. शुरुआती आकलन में यह अनुमान लगा है. मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत आराकोट, त्यूणी और मोरी के आपदाग्रस्त क्षेत्रों का जायज़ा लेने के बाद यह बताया. उन्होंने सचिवालय स्थित आपदा प्रबन्धन केन्द्र का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आपदा के सम्बन्ध में सभी जनपदों से प्रभावी समन्वय बनाए रखा जाए.

सेब की फ़सल को भी बचाएं 

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबन्धन केन्द्र में सचिव आपदा प्रबन्धन अमित नेगी, प्रभारी सचिव एसए मुरुगेशन, गढ़वाल के आईजी संजय गुंज्याल, डीआईजी राजीव रौतेला, एसटीएफ डीआईजी रिद्धिम अग्रवाल, एसडीआरएफ कमाडेंट तृप्ति भट्ट के साथ आपदा की स्थिति पर चर्चा की. मुख्यमंत्री ने हाल ही आई आपदा में त्वरित कार्रवाई किए जाने की स्थिति पर सन्तोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों से हर समय सतर्क रहने को कहा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा ग्रस्त गांवों से जिस प्रकार लोगों को रेस्क्यू किया जा रहा है. उसी व्यवस्था के तहत गांवों से सेब को सड़क तक लाने की व्यवस्था बनाई जाए ताकि क्षेत्र में सेब की फसल खराब न हो तथा काश्तकारों को नुकसान न हो. उन्होंने कहा कि इसके लिये यदि अतिरिक्त धनराशि की आवश्यकता होगी तो उसकी अलग से व्यवस्था की जाएगी. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि जिन गांवों में संचार व्यवस्था उपलब्ध नहीं है. वहां पर सेटेलाइट फ़ोन की व्यवस्था की जाए.

फ़सलों के नुक़सान का भी करें आकलन 

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में फसलों को हुए नुकसान का भी आकलन किए जाने को कहा. मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा राहत के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी. उन्होंने आपदा में मारे गए लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये के साथ ही घायलों के उपचार की निशुल्क व्यवस्था करने को कहा.

मुख्यमंत्री ने बताया कि आपदा राहत कार्यों के लिए ज़िलों को भी पर्याप्त धनराशि दी गई है. आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पर्याप्त खाद्यान की आपूर्ति के साथ ही सड़क मार्गों की मरम्मत, विद्युत आपूर्ति, स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है. इन क्षेत्रों में 10 हैलिपैड बनाए गए हैं. राहत कार्यों के लिए सेना के साथ मिलकर चार हैलिकॉप्टरों की व्यवस्था की गई है. इस काम के लिए 300 कर्मचारियों की तैनाती की गई है. सम्पर्क मार्गों की मरम्मत का काम भी तेज़ी से किया जा रहा है.
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First published: August 20, 2019, 7:42 PM IST
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