उत्तराखंड में खत्म हुआ दो दशक का इंतजार, खेल नीति को कैबिनेट ने दी मंज़ूरी... यहां जानिए ख़ास बातें

राज्य में हर साल 8 से 14 साल तक की 50-50 लड़कियों और लड़कों को मुख्यमंत्री खिलाडी उन्न्यन छात्रवृति दी जाएगी.
राज्य में हर साल 8 से 14 साल तक की 50-50 लड़कियों और लड़कों को मुख्यमंत्री खिलाडी उन्न्यन छात्रवृति दी जाएगी.

राज्य में खेलों के विकास, खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, प्रशिक्षण के लिए मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया जाएगा. राज्य की कुल जीडीपी का एक प्रतिशत खेलों के विकास पर खर्च होगा.

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देहरादून. दो दशक के लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार राज्य ने अपनी खेल नीति बना ली है. बुधवार को कैबिनेट ने इसे सैद्धांतिक मंज़ूरी दे दी है. वित्त विभाग से जुड़े कुछ मसलों पर और अधिक स्पष्टता के लिए इसे वित्त विभाग को रेफ़र कर दिया गया है. खेल मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि राज्य की खेल नीति राज्य के युवाओं के विकास में कारगर साबित होगी. शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने खेल नीति की विस्तार से जानकारी दी.

उत्तराखंड की खेल नीति की कुछ खास बातें

  • राज्य में खेलों के विकास, खिलाड़ियों के प्रोत्साहन, प्रशिक्षण के लिए मुख्यमंत्री खेल विकास निधि का गठन किया जाएगा. राज्य की कुल जीडीपी का एक प्रतिशत खेलों के विकास पर खर्च होगा.

  • बजट के लिए आबकारी पर 0.5 प्रतिशत स्पोर्ट्स सेस लगाया जाएगा.

  • ओलंपिक गेम्स, एशियन गेम्स , कॉमनवेल्थ गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया जाएगा.



  • खेल पदक विजेताओं को समूह क, ख और ग में नियुक्तियां दी जाएंगी.

  • राज्य में हर साल 8 से 14 साल तक की 50-50 लड़कियों और लड़कों को मुख्यमंत्री खिलाडी उन्नयन छात्रवृति दी जाएगी.

  • राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाडि़यों को सेकेंड क्लास का ट्रेन टिकट या नॉन एसी बस का किराया दिया जाएगा.

  • देवभूमि उत्तराखंड खेल रत्न पुरस्कार राज्य का सर्वोच्च खेल पुरस्कार होगा. हर साल यह एक खिलाड़ी को दिया जाएगा. उसे पांच लाख की नकद राशि दी जाएगी.

  • प्रतिवर्ष छह खिलाडि़यों को हिमालय पुत्र खेल पुरस्कार दिया जाएगा. पुरस्कार राशि एक लाख रुपये होगी.

  • हर साल दो प्रशिक्षकों को द्रोणाचार्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. पुरस्कार राशि तीन लाख रुपये होगी

  • राज्य के ग्रामीण अंचलों में खेले जाने वाले दो परंपरागत खेलों को राज्य स्तरीय खेलों में शामिल किया जाएगा

  • ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को दो करोड़ रुपये, रजत पदक जीतने वाले खिलाड़ी को डेढ़ करोड़ और कांस्य पदक जीतने वाले खिलाड़ी को एक करोड़ की धनराशि पुरस्कार स्वरूप दी जाएगी. इसके अलावा ओलंपिक में शामिल होने वाले खिलाड़ी को 10 लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा.

  • इसी तरह विश्व चैंपियनशिप में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को दो लाख रुपये, विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक लाने वाले खिलाड़ी को 30 लाख, रजत पदक लाने वाले खिलाड़ी को 20 लाख और कांस्य पदक लाने वाले खिलाड़ी को 15 लाख का नकद पुरस्कार दिया जााएगा.

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