होम /न्यूज /उत्तराखंड /2016-17 कैग रिपोर्टः विभागों की ‘लापरवाही’ से हुआ करोड़ों का नुक़सान

2016-17 कैग रिपोर्टः विभागों की ‘लापरवाही’ से हुआ करोड़ों का नुक़सान

सदन पटल पर आज कैग की रिपोर्ट रखी गई. साल 2016 -17 की इस रिपोर्ट में कई गम्भीर मामले उठाए गए हैं.

सदन पटल पर आज कैग की रिपोर्ट रखी गई. साल 2016 -17 की इस रिपोर्ट में कई गम्भीर मामले उठाए गए हैं.

भाजपा का कहना है कि रिपोर्ट कांग्रेस सरकार के कामों में गड़बड़ियां बता रही है और वे इसे जल्द ठीक करेंगे. कांग्रेस ने भाज ...अधिक पढ़ें

    सदन पटल पर आज कैग की रिपोर्ट रखी गई. साल 2016 -17 की इस रिपोर्ट में कई गम्भीर मामले उठाए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार आबकारी विभाग, खनन विभाग, स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से करोड़ों रुपये का नुक़सान हो गया है. कैग ने यह भी कहा कि सरकार ने खुले में सरकार ने खुले में शौच से मुक्त होने की ग़लत घोषणा की. कैग ने गंगा सफ़ाई के सरकार के दावों की धज्जियां भी उड़ा दीं.

    एक नज़र कैग की रिपोर्ट के ख़ास बिंदुओं पर...


    • शराब कारोबारियों पर छोड़े 258 करोड़ रुपये- आबकारी विभाग ने पर्यावरण नियमों के उल्लंघन पर लगाना था जुर्माना.

    • देहरादून में खनन विभाग ने किया 30 लाख रुपये के राजस्व का नुकसान - अवैध खनन करने वालों पर नरमी बरती.

    • उत्तराखंड खुले में शौच से मुक्ति की घोषणा सही नहीं थी- कैग ने कहा कि मई 2017 तक उत्तराखंड खुले में शौच से मुक्त नहीं था.

    • गंगा नदी में बह रहा है अनियंत्रित मल- कैग रिपोर्ट के अनुसार गंगा नदी में 112 नालों में से 65 नालों से रोज़  26.292 मिलियन लीटर मल गिराया जा रहा है.

    • कैग रिपोर्ट में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के 1.25 करोड़ रुपये का संदिग्ध गबन का भी अंदेशा जताया गया है.


    कैग रिपोर्ट आने के बाद सियासत गरम है. भाजपा का कहना है कि रिपोर्ट कांग्रेस सरकार के कामों में गड़बड़ियां बता रही है और वे इसे जल्द ठीक करेंगे. उधर कांग्रेस डिफेन्सिव नज़र आ रही है. कांग्रेस का कहना है कि रिपोर्ट लोक लेखा समिति में आएगी तो इस पर चर्चा की जाएगी और भाजपा को चुनौती दी है कि सरकार किसी भी स्तर की जांच करवा सकती है.

    (किशोर रावत के साथ रॉबिन सिंह चौहान की रिपोर्ट)

    टॉप स्टोरीज
    अधिक पढ़ें