Lockdown के नाम पर वसूली कर रहे थे 3 पुलिसवाले, 20000 रिश्वत मांगी, हुए सस्पेंड

पीड़ित ने 26 मई को मामले की शिकायत डीआईजी (DIG) अरुण मोहन जोशी से की

20 हजार रुपये की वसूली करना पुलिस के जवानों को महंगा पड़ा, जांच के बाद डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने तीनों जवानों को निलंबित कर मुकदमे के दिये आदेश.

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देहरादून. कोरोना संकट (corona crisis) से जूझ रहे पूरे देश से लाॅकडाउन (Lockdown) के समय पुलिस फोर्स ने कोरोना वाॅरियर (corona warriors) के रूप में खूब तारीफ बटोरीं, लेकिन ऐसे समय में भी पुलिस के कुछ कांस्टेबल रिश्वतखोरी से बाज नहीं आए. शिकायत के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद ऐसे पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है. लाॅकडाउन काल में उत्तराखण्ड पुलिस (Uttarakhand Police) ने अपने काम से काफी हद तक अपनी छवि सुधार भी ली थी. कोरोना महामारी में पुलिस द्वारा किये गए कार्यों की सराहना हर स्तर पर देखने को मिल रही है लेकिन कुछ ऐसे भी पुलिस के जवान हैं जो पुलिस की छवि को लगातार धूमिल कर रहे हैं. देहरादून जिले में एक ऐसी ही घटना सामने आई है जहां उच्च पुलिस के अधिकारियों की जांच के बाद तीन पुलिस कर्मियों को निलम्बित कर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है.

20 हजार की मांगी रिश्वत
पूरा मामला राजधानी देहरादून का है जहां तीन पुलिस जवानों पर आरोप लगा था कि तीनों ने लॉकडाउन का उल्लघंन करने वाले व्यक्ति पर पुलिस की कार्रवाई का खौफ दिखाकर व्यक्ति से 20 हजार रुपये की रिश्वत ली थी. मामला 22 मई का है जब पीड़ित अविनय राय डोईवाला से ऋषिकेश अपने एक साथी के साथ टू व्हीलर से जा रहा था. रानीपोखरी थाना इलाके में पीड़ित को तीन पुलिस कर्मियों द्वारा रोका गया और पूछताछ की गई. पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस कर्मियों को बताया कि उसके पास कुछ मादक पदार्थ है. जिस पर तीनों पुलिस जवानों द्वारा पीड़ित से कार्रवाई न करने के लिए 20 हजार की रिश्वत मांगी जिसमें से 10 हजार रुपये पीड़ित द्वारा दिए भी गए.

पीड़ित ने 26 मई को पूरे मामले की शिकायत डीआईजी (DIG) अरुण मोहन जोशी से की. शिकायत के बाद ही डीआईजी ने मामले का संज्ञान लिया तो पता चला कि तीनों पुलिस कर्मी अपने थाना इलाके को छोड़कर दूसरे इलाके में वसूली करने गए थे. डीआईजी ने तत्काल जांच के आदेश देते हुए तीनों पुलिस जवानों को दफ्तर में सम्बद्ध कर दिया. मामले की जांच सीओ डोईवाला (CO Doiwala) को सौंपी गई. मामले की जांच रिपोर्ट सोमवार को डीआईजी अरुण मोहन जोशी के पास पहुंची. जांच में तीनों पुलिस कर्मी दोषी पाये गये जिसके बाद सोमवार को तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ निलम्बन के आदेश जारी कर डीआईजी अरुण मोहन जोशी ने मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं.

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