आज से तीन दिन तक उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी, प्रशासन हाई अलर्ट पर

मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए शासन-प्रशासन हाई अलर्ट पर है.
मौसम विभाग के भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए शासन-प्रशासन हाई अलर्ट पर है.

मौसम विभाग ने प्रदेश में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई है.

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देहरादून. उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग (Meteorological Centre Dehradun, MCD) ने 22 जुलाई से 25 जुलाई तक के लिए भारी से भारी बारिश (Heavy Rain) का अलर्ट जारी किया है. MCD के बारिश के अलर्ट को देखते हुए शासन-प्रशासन हाई अलर्ट (High Alert) पर है. MCD ने 22 जुलाई से 24 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया है जिसमें प्रदेश के लगभग सभी 13 जिलों में भारी से भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. MCD ने प्रदेश में कहीं-कहीं आकाशीय बिजली (Lightning) गिरने की भी आशंका जताई है.

इन ज़िलों में होगी बहुत भारी बारिश

MCD ने 22 जुलाई को उत्तराखंड के उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. MCD के अलर्ट में कहा गया है कि 22 जुलाई को उत्तराखंड मैं कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है.



MCD के 23 जुलाई और 24 जुलाई के अलर्ट में उत्तराखंड के पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चमोली जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. 25 जुलाई के अलर्ट में मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, पौड़ी, चमोली, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है तो उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, टिहरी, अल्मोड़ा, चंपावत और हरिद्वार में हल्की से मध्यम बारिश की भी चेतावनी मौसम विभाग ने जारी की है.
तैयारियां 

MCD के अलर्ट को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी पुख्ता तैयारियां कर ली हैं क्योंकि भारी बारिश के अलर्ट में कहा गया है कि ज्यादा बारिश होने के दौरान भूस्खलन, रोड ब्लॉक और नदियों में बाढ़ आ सकती है. इसलिए सभी ज़िलाधिकारियों, आपदा प्रबंधन की टीमों, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है.

अगर प्रदेश में बारिश के बाद सड़कों की हालत की बात करें तो अब तक 80 से ज्यादा सड़कें बारिश की वजह से मलबा आने के कारण बंद है जिनको खोलने का लगातार प्रयास किया जा रहा है. बारिश के अलर्ट को देखते हुए आपदा कंट्रोल रूम अलर्ट पर है. यहां से प्रदेश में हर स्थिति पर नज़र रखी जा रही है.

आपदा कंट्रोल रूम के इंचार्ज राहुल जुगरान ने बताया कि रेड अलर्ट को देखते हुए उन सभी जिलों में प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है. ख़ासकर जिन 5 जिलों में मौसम विज्ञान केंद्र ने भारी बारिश का रेड अलर्ट दिया है, वहां भी पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.

राहत और बचाव कार्य 

जुगरान ने बताया कि पिथौरागढ़ मैं राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहा है. इसके साथ ही राहत और बचाव के लिए आइटीबीपी को भी भेजा गया है. समाचार लिखे जाने तक टांगा गांव में 11 लोग लापता थे.

भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ में 22 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं. इसके साथ ही देहरादून में हरबर्टपुर एनएच 123 के साथ 13 ग्रामीण मोटर मार्ग बंद हैं. इसी तरह से पौड़ी जिले में 10 ग्रामीण मोटर मार्ग मलबा आने के कारण बंद हैं तो चमोली जिले में ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग NH-58 लामबगड़ और तोता घाटी के पास अवरुद्ध है.

इसी तरह से टिहरी में 6, चंपावत में 7, बागेश्वर में एक, नैनीताल में 8 सड़क मार्ग बंद हैं. राहुल जुगरान ने के अनुसार सड़कों को खोलने का काम लगातार जारी है. इसके साथ ही बिजली, पानी और स्वास्थ्य ज़रूरतों के साथ खाने-पीने की चीजों को लेकर लगातार प्रभावित इलाकों में व्यवस्था की जा रही है.
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