लाइव टीवी

पिथौरागढ़ के एक होटल में मिले चमोली के 31 क्षेत्र-ज़िला पंचायत सदस्य, ख़रीद-फ़रोख़्त की आशंका

Sunil Navprabhat | News18 Uttarakhand
Updated: October 28, 2019, 6:43 PM IST
पिथौरागढ़ के एक होटल में मिले चमोली के 31 क्षेत्र-ज़िला पंचायत सदस्य, ख़रीद-फ़रोख़्त की आशंका
चमोली के 31 क्षेत्र और ज़िला पंचायत सदस्य पिथौरागढ़ के एक होटल में मिले हैं जो बिना किसी पहचान पत्र के ठहरे हुए हैं.

हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने वाले विपुल जैन राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं.

  • Share this:
देहरादून/पिथौरागढ़ः उत्तराखंड हाईकोर्ट ने ज़िला और ब्लॉक पंचायत प्रमुखों के चुनाव में ख़रीद-फ़रोख़्त की बात को स्वीकार करते हुए राज्य निर्वाचन आयोग को स्पष्ट शब्दों में इसे रोकने के निर्देश दिए थे. लेकिन लगता नहीं कि राज्य निर्वाचन आयोग ऐसा करने में कामयाब रहा है. चमोली के 31 क्षेत्र और ज़िला पंचायत सदस्य पिथौरागढ़ के एक होटल में मिले हैं जो बिना किसी पहचान पत्र के ठहरे हुए हैं.  न्यूज़ 18 ने सबसे पहले कई पंचायत सदस्यों के अपने क्षेत्रों से गायब होने  की खबर दी थी. इस पर भी मुहर लग गई है.

होटल का किया चालान

बता दें कि पंचायत चुनाव के परिणाम घोषित होते ही पिथौरागढ़, पौड़ी, नैनीताल, चम्पावत से कई सदस्यों के गायब होने की सूचनाएं आ रही थीं. सीमांत ज़िले चमोली से भी 31 पंचायत सदस्य गायब चल रहे थे. ख़रीद-फ़रोख़्त की आशंकाओं के बीच चमोली से गायब सभी क्षेत्र और जिला पंचायत सदस्य पिथौरागढ़ के धारचूला के एक होटल में ठहरे हुए मिले हैं.

सोमवार को पुलिस ने जब होटल में छापेमारी की तो पाया कि 31 लोग बिना किसी पहचान पत्र के रुके हुए हैं. जांच की गई तो पता लगा कि ये महानुभाव चमोली ज़िले के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधि हैं. बिना आईडेंटिटी के ठहराने के आरोप में पुलिस ने होटल का चालान तो कर दिया लेकिन चुनाव की लोकत्रांत्रिक प्रणाली को धता बता रहे इन 31 पंचायत सदस्यों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की.

गहनता से छानबीन की ज़रूरत 

पुलिस का कहना है कि पंचायत सदस्यों ने ख़रीद-फ़रोख्त या अपहरण किए जाने की बात से इनकार किया है लेकिन सवाल उठता है कि चमोली से चार सौ किलोमीटर दूर धारचूला में ये पंचायत प्रतिनिधि आखिर कर क्या रहे थे.

इस मामले में अब सरकारी मशीनरी और निर्वाचन आयोग को लेकर सवाल उठने लगे हैं. पंचायत जनाधिकार मंच के अध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट कहते हैं कि यह बेहद गंभीर मामला है और इससे ख़रीद-फ़रोख़्त की पुष्टि होती है. बिष्ट कहते हैं कि चमोली ही नहीं अगर गहनता से छानबीन करवाई जाए तो पता चलेगा कि कितने क्षेत्र पंचायत और ज़िला पंचायत सदस्य अपने घरों में नहीं हैं.
Loading...

dehradu

इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका लगाने वाले विपुल जैन राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हैं. वह पूछते हैं कि अभी तक चुनाव की तारीख घोषित क्यों नहीं की गई है जबकि हाईकोर्ट ने साफ़ शब्दों में सात से 10 दिन में चुनाव करवाने के निर्देश दिए थे.

हाईकोर्ट ने इसी 17 अक्टूबर को पंचायत प्रतनिधियों की ख़रीद-फ़रोख्त के लेकर दायर विपुल जैन की याचिका पर कड़े निर्देश जारी किए थे. हाईकोर्ट ने कहा था कि ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष पद का निर्वाचन संपन्न होने तक यदि निर्वाचित प्रतिनिधि जिले से बाहर भी जाते हैं तो इसकी सूचना अनिवार्य रूप से डिस्ट्रिक्ट मेजिस्ट्रेट को देनी होगी. लेकिन सूचना देना तो दूर गायब सदस्यों के बरामद होने पर भी सब आंखें मूंदे हुए हैं.

ये भी देखें: 

राज्य निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, चुनाव के लिए पंचायत सदस्यों के अपहरण पर रोक लगाई

पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट के फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है बीजेपी, चुनाव प्रक्रिया पर असर नहीं पड़ेगा 

 

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 28, 2019, 6:33 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...