देहरादून नारी निकेतन दुष्कर्म, गर्भपात कांड में 9 दोषियों को 2 से 7 साल तक की क़ैद

2015 में देहरादून नारी-निकेतन में रहने वाली मूक-बधिर संवासिनी के साथ बलात्कार किया गया था और गर्भवती होने के बाद उसका जबरन गर्भपात करवाया गया था.

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: September 2, 2019, 6:39 PM IST
देहरादून नारी निकेतन दुष्कर्म, गर्भपात कांड में 9 दोषियों को 2 से 7 साल तक की क़ैद
देहरादून के बहुचर्चित संवासिनी बलात्कार-गर्भपात कांड में सभी 9 दोषियों को 2 से 9 साल की सज़ा सुनाई गई है. (फ़ाइल फ़ोटो)
satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: September 2, 2019, 6:39 PM IST
देहरादून के बहुचर्चित नारी निकेतन दुष्कर्म और गर्भपात के मामले में देहरादून के अपर जिला एवं सत्र की अदालत ने दोषियों को सज़ा सुना दी है. इस मामले में अदालत ने 5 महिलाओं सहित 9 लोगों को सात साल से दो साल तक की क़ैद की सज़ा सुनाई है. साल 2015 में एक स्थानीय अख़बार में ख़बर छपने के बाद देहरादून के नारी निकेतन में मूक-बधिर संवासिनी से बलात्कार और गर्भपात करवाने का ये मामला सामने आया था और एसआईटी ने मामले की जांच की थी. आज अदालत ने मुख्य आरोपी को बलात्कार, उसके दो साथियों को अपराध में मदद, चार महिला कर्मचारियों गर्भपात करवाने, भ्रूण छुपाने और तत्कालीन नारी निकेतन अधीक्षिका को साक्ष्य छुपाने का दोषी मानते हुए सज़ा सुनाई.

शुक्रवार को ठहराया था दोषी 

बता दें कि यह मामला साल 2015 का है जिसमें देहरादून नारी-निकेतन में रहने वाली मूक-बधिर संवासिनी के साथ नारी निकेतन में ही बलात्कार किया गया था और गर्भवती होने के बाद उसका जबरन गर्भपात भी करवाया गया था.

इस मामले के सामने आने के बाद एसआईटी ने केस की जांच की थी और नारी निकेतन में कार्यरत पांच महिलाओं और चार पुरुषों को बलात्कार और साक्ष्य छुपाने के आरोप में गिरफ़्तार किया था. मामले में लगातार सुनवाई की गई थी. शुक्रवार को अदालत ने सभी अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सज़ा सुनाने के लिए सोमवार का दिन तय किया था.

ये मिली सज़ा 

सरकारी वकील संजीव सिसोदिया ने बताया कि मुख्य अभियुक्त गुरुदास को बलात्कार के अपराध में सात साल की कैद और 10,000 रुपये का जुर्माने की सज़ा सुनाई गई है. उसकी मदद करने के दोष में हाशिम और ललित को 5-5 साल की कैद के साथ 10,000 के जुर्माने की सज़ा सुनाई गई.

कोर्ट ने चार महिला कर्मचारियों चंद्रकला क्षेत्री, शमा निगार, किरन नौटियाल, अनीता मैंदोला को पीड़ित संवासिनी का गर्भपात करने और भ्रूण को छुपाने के अपराध में महिलाओं को तीन धाराओं में सज़ा सुनाई गई हैं. धारा 313 (गर्भपात करवाने) में चार-चार साल की सज़ा, धारा 201 में दो-दो साल की सज़ा और धारा 120 में छहृ-छह महीने की सज़ा सुनाई है. इन्हें 5-5 हज़ार रुपये जुर्माना भी देना होगा.
Loading...

ये भी देखें: 

देहरादून नारी निकेतन की रेप पीड़िता को 25 लाख मुआवज़ा देने का आदेश

नारी निकेतन में होता है लड़कियों का शोषण, सुधार करना होगाः आर्य

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देहरादून से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 2, 2019, 6:14 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...