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चारधाम यात्रा पर पहुंचे रिकॉर्ड 32 लाख श्रद्धालु, PM मोदी के आगमन से बढ़ी पर्यटकों की दिलचस्पी

भाषा
Updated: November 3, 2019, 2:55 PM IST
चारधाम यात्रा पर पहुंचे रिकॉर्ड 32 लाख श्रद्धालु, PM मोदी के आगमन से बढ़ी पर्यटकों की दिलचस्पी
विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के पूर्ण समापन से करीब एक पखवाड़े पहले तक ही यहां 32 लाख श्रद्धालुओं के आगमन का नया रिकॉर्ड बन चुका है. (File Photo)

विश्व प्रसिद्ध चारधाम (Chardham) यात्रा के पूर्ण समापन से करीब एक पखवाड़े पहले तक ही यहां 32 लाख श्रद्धालुओं (Thirty Two Lakh Devotees) के आगमन का नया रिकॉर्ड (New Record) बन चुका है.

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देहरादून. विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा (Chardham Visit) के पूर्ण समापन से करीब एक पखवाड़े पहले तक ही यहां 32 लाख श्रद्धालुओं (Thirty Two Lakh Devotees) के आगमन का नया रिकॉर्ड (New Record) बन चुका है. गढ़वाल हिमालय के चार धाम में से तीन धाम- गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद किए जा चुके हैं और बद्रीनाथ धाम के कपाट 17 नवंबर को बंद होने वाले हैं. चारधाम यात्रा हमेशा देश-विदेश के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही है. उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अनुसार, अब तक 34,10,380 श्रद्धालु इन चार धाम और प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं. चमोली जिले में स्थित हेमकुंड साहिब को प्रदेश का पांचवां धाम कहा जाता है. श्रद्धालुओं की यह संख्या पिछले वर्ष के मुकाबले 22.6 प्रतिशत ज्यादा है.

मौसम भी रहा मेहरबान
इस वर्ष चारधाम यात्रा का आरम्भ सात मई को अक्षय तृतीया के दिन गंगोत्री एवं यमुनोत्री मंदिर के कपाट खुलने के साथ हुआ था. मई एवं जून में हिमालयी क्षेत्रों में खुशगवार मौसम के चलते श्रद्धालु भारी संख्या में इन धामों के दर्शन के लिए पहुंचे जबकि जुलाई में बरसात के चलते यात्रियों की संख्या में कुछ कमी आई. हालांकि, सितंबर से यात्रा ने फिर तेजी पकड़ ली.

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उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अनुसार, अब तक 34,10,380 श्रद्धालु इन चार धाम और प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं.


चार धाम और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए 34.10 लाख श्रद्धालु पहुंचे
इस वर्ष चार धाम और हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिये अब तक कुल 34.10 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं, जबकि पिछले वर्ष 2018 में 27.81 लाख तीर्थयात्री इन धामों के दर्शन के लिए पहुंचे. हर धाम में इस बार पिछले वर्षों से अधिक यात्री दर्शन के लिए पहुंचे. सर्वाधिक आश्चर्यजनक आंकडे़ केदारनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों के रहे. पिछले वर्ष यहां आए 7.32 लाख श्रद्धालुओं के मुकाबले इस वर्ष लगभग 10 लाख यात्रियों ने बाबा केदार के दर पर दस्तक दी, जो एक कीर्तिमान है.

एक लाख से ज्यादा लोगों ने लिया हेलिकॉप्टर का सहारा
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वर्ष 2013 में आई भयावह आपदा के बाद इतनी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं का केदारनाथ पहुंचना राज्य सरकार के लिए एक असाधारण उपलब्धि है. केदारनाथ मंदिर तक पहुंचने के लिए 18 किलोमीटर के पैदल रास्ते को देखते हुए एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने हेलीकाप्टरों का सहारा लिया. राज्य के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने श्रद्धालुओं के रिकॉर्ड आगमन पर खुशी जाहिर की और केदारनाथ पुन: निर्माण के लिए युद्ध स्तर पर किए गए अवस्थापना कार्यों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष आभार प्रकट किया.

प्रधानमंत्री के आने से बढ़ी पर्यटकों की दिलचस्पी
प्रधानमंत्री स्वयं समय-समय पर केदारनाथ पहुंचकर, वहां चल रहे पुन: निर्माण कार्यों का जायजा लेते रहे हैं. इस वर्ष भी लोकसभा चुनावों के समाप्त होने और उनका परिणाम आने से पहले वह केदारनाथ आए थे और उन्होंने वहां रूद्र गुफा में ध्यान साधना की थी, जिसके बाद यह गुफा श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केन्द्र बन गई. राज्य के पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने कहा कि चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती संख्या स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है.

बदरीनाथ मंदिर कपाट बंद होने में अभी एक पखवाड़ा बाकि
चमोली जिले में स्थित भगवान विष्णु का धाम बदरीनाथ मंदिर हमेशा की तरह इस बार भी सर्वाधिक श्रद्धालुओं के आगमन का केंद्र बना रहा जहां अब तक 11.74 लाख श्रद्धालु दर्शन के लिये पहुंचे. गौरतलब है कि बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने में अभी एक पखवाड़ बाकी है, इसलिए इस संख्या में अभी और इजाफा होगा. पिछले वर्ष बदरीनाथ में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 10.48 लाख थी.

यमुनोत्री धाम का कपाट बंद होने तक पहुंचे 4.66 श्रद्धालु
उत्तरकाशी जिले में स्थित यमुनोत्री धाम में 29 अक्टूबर को कपाट बंद होने तक करीब 4.66 श्रद्धालु मां यमुना के दर्शन कर चुके थे जबकि पिछले वर्ष यह आंकडा 3.94 लाख था. उत्तरकाशी जिले में स्थित एक अन्य धाम गंगोत्री में पिछले साल के 4.48 लाख श्रद्धालुओं के मुकाबले इस वर्ष का आंकडा 5.30 लाख रहा. हेमकुंड साहिब में पिछले वर्ष आए 1.59 लाख श्रद्धालुओं के मुकाबले इस वर्ष 2.40 लाख श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे.

सर्दियों में भारी बर्फवारी और भीषण ठंड के कारण सभी धाम अक्टूबर नवंबर में श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिए जाते हैं और गर्मी के मौसम में अप्रैल-मई में दोबारा खोल दिए जाते हैं. छह माह के इस यात्रा सीजन को गढ़वाल हिमालय की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है.

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First published: November 3, 2019, 2:29 PM IST
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