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देहरादून सब्ज़ी मंडी में दुकानों का किराया बढ़ाने के विरोध में आढ़ती... मंडी समिति ने कहा, बाहर लगाएं दुकान

देहरादून सब्ज़ी मंडी में दुकानों का किराया बढ़ाने के विरोध में आढ़ती... मंडी समिति ने कहा, बाहर लगाएं दुकान

देहरादून की निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी समिति समिति की आय बढ़ाने के उपायों पर विचार किया जा रहा है.

देहरादून की निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी समिति समिति की आय बढ़ाने के उपायों पर विचार किया जा रहा है.

कृषि उपज और पशुधन विपणन अध्यादेश 2020 के अमल में आने के बाद अब मंडी शुल्क खत्म कर दिए गए हैं. इससे मंडी समिति की कमाई बंद हो गई है.

देहरादून. कृषि उपज और पशुधन विपणन अध्यादेश 2020 के अमल में आने से किसानों को फ़ायदा कब होगा यह तो अभी पता नहीं है लेकिन इससे मंडी समिति और आढ़तियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सरकार के इस फैसले के बाद मंडी समिति के लिए अपने कर्मचारियों की सैलेरी निकालना भी मुश्किल हो गया है. नई परिस्थितियों में  जिसकी भरपाई मंडी समिति अपने संसाधनों का अधिकतम आर्थिक इस्तेमाल करके करना चाह रही है. लेकिन मंडी समिति कोई कदम उठा पाए इससे पहले ही इसका विरोध शुरु हो गया है और यह शुरु हुआ है आढ़तियों से हालांकि मंडी समिति झुकने को तैयार नहीं.

दरअसल कृषि उपज और पशुधन विपणन अध्यादेश 2020 के अमल में आने के बाद अब मंडी शुल्क खत्म कर दिए गए हैं. इससे मंडी समिति की कमाई बंद हो गई है और उसके लिए कर्मचारियों की सैलेरी निकलना भी मुश्किल हो गया है. इसलिए मंडी समिति इनकम बढ़ाने के लिए कई तरह के उपायों पर विचार कर रही है.

ऐसे होगी आमदनी 

निरंजनपुर मंडी समिति के अध्यक्ष राजेश कुमार का कहना है कि अन्य सोर्स तलाशने होंगे जिसके लिए प्रपोजल तैयार है. इन उपायो में शामिल है...

मंडी परिसर में वाहन पार्किंग ठेके पर देना

डेरी उत्पादों को भी मंडी में खोलने की जगह दी जाएगी

बकरा मंडी को भी निरंजनपुर मंडी में जगह देने की योजना

मंडी परिसर में दुकानों का किराया बढ़ाया जाएगा

2 प्रतिशत यूज़र चार्ज भी लगाया जाएगा

विरोध और चुनौती 

लेकिन आढ़ती मंडी परिषद की इस योजना के ख़िलाफ़ खड़े हो गए हैं. दुकानों का किराया बढ़ाने के फ़ैसले का निरंजनपुर आढ़ती संघ ने अनुरोध किया है. आढ़ती संघ के अध्यक्ष जितेंद्र आनंद का कहना है कि मंडी के बाहर शुल्क नहीं लगेगा और अंदर किराया बढ़ाने से लेकर यूज़र चार्ज तक बढ़ाया जा रहा है. यह गलत है और इसका सभी आढ़ती विरोध कर रहे हैं.

लेकिन भारी आर्थिक दबाव में आ गई मंडी परिषद के नेता अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार को तैयार नहीं नज़र आते. राजेश कुमार कहते हैं कि जिस आढ़ती को शुल्क देने में दिक्कत है, वह परिसर के बाहर अपनी दुकान लगाए. दोनों पक्षों के रुख को देखते हुए लगता है कि निरंजनपुर सब्ज़ी मंडी में शुरु हुआ यह विवाद जल्द थमने वाला नहीं है.

 

Tags: Agriculture producers, Farmers, Mandi, Uttarakhand news

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