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एक दिन हमारा काम करके दिखा दें मंत्री रेखा आर्य, आंदोलन ख़त्म कर लौट जाएंगेः आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चुनौती

एक दिन हमारा काम करके दिखा दें मंत्री रेखा आर्य, आंदोलन ख़त्म कर लौट जाएंगेः आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की चुनौती

आंदोलनकारियों ने रेखा आर्य को चुनौती दी है कि वे इतने कम मानदेय पर एक दिन काम करके दिखा दें.

आंदोलनकारियों ने रेखा आर्य को चुनौती दी है कि वे इतने कम मानदेय पर एक दिन काम करके दिखा दें.

50 दिन से आंदोलनरत आंगनबाड़ी वर्कर्स को मनाने में पूरी तरह असफल रही मंत्री रेखा आर्य की आंदोलनरत कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी ने आग में घी का काम कर दिया है.

    देहरादून. 50 दिन से आंदोलनरत आंगनबाड़ी वर्कर्स को मनाने में पूरी तरह असफल रही मंत्री रेखा आर्य की आंदोलनरत कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी ने आग में घी का काम कर दिया है. आंगनबाड़ी वर्कर्स इससे और भड़क गई हैं. आंदोलनकारियों ने रेखा आर्य को चुनौती दी है कि वे इतने कम मानदेय पर एक दिन काम करके दिखा दें. प्रशासन, सरकार और तो और अपने परिजनों की उपेक्षा झेलकर आंदोलन कर रहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि अगर रेखा आर्य एक दिन काम कर दें तो वह काम पर लौट जाएंगी.

    परेड ग्राउंड में धरना 

    उत्तराखंड में बाल विकास और महिला सशक्तिकरण विभाग के तहत करीब 20,000 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं काम करती हैं. ये ‘समान कार्य, समान वेतन’ की मांग के साथ आंदोलनरत हैं और 18 हज़ार रुपये प्रतिमाह वेतन देने की मांग कर रही हैं.

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता देहरादून के परेड ग्राउंड में बीते पचास दिन से धरना परेड ग्राउंड में धरना दे रही हैं और अनशन कर रही हैं. विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रेखा आर्य पहले तो इन्हें नज़रअंदाज़ करती रहीं लेकिन अंततः बात करनी ही पड़ी. जब बात नहीं बनी तो रेखा आर्य ने कार्रवाई की चेतावनी दे दी.

    नोटिस जारी, कार्रवाई की चेतावनी 

    रेखा आर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की हड़ताल की वजह से विभाग का काम प्रभावित हो रहा है और यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. अधिकारियों को सभी हड़ताली कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी करने को कह दिया गया है, इसके बाद भी काम पर नहीं लौटती हैं तो उनके ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है.

    इससे पहले रेखा आर्य यह भी कह चुकी थीं कि तीन घंटे के काम के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को साढ़े सात हज़ार रुपये मिलते हैं जो काफ़ी हैं. उन्हें यह मानदेय बढ़ाने की कोई ज़रूरत महसूस नहीं होती.

    चुनौती 

    मंत्री की बेरुखी से पहले ही तमतमाई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ताज़ा बयान से और भड़क गई हैं. उन्होंने मंत्री को चैलेंज किया कि रेखा आर्य एक बार उनके सेंटर पर जाकर सब काम करके दिखा दें जो आंगनबाड़ी वर्कर्स करती हैं. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने चुनौती दी कि अगर रेखा आर्य एक दिन उनका काम तीन घंटे में करके दिखा दें तो बिना किसी शिकायत के पुराने वेतन पर काम पर लौट जाएंगीं.

    आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बाल विकास विभाग के तहत अपने छह कामों को तो अंजाम देती ही हैं. इसके अलावा जनगणना, पल्स पोलियो, निर्वाचन और अन्य सरकारी अभियानों में उनको जब चाहे तब तैनात कर दिया जाता है. इसके बदले में उनको अधिकतम साढ़े सात हजार रुपये वेतन मिलता है. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानना है कि जो काम वह करती हैं उसके अनुपात में यह बहुत कम है.

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    Tags: Dehradun news, Uttarakhand BJP, Uttarakhand news

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