ढाई सौ साल पुराने भोजपत्र पर 1881 में लिखी गई थी भगवान बद्री विशाल की आरती

भगवान बद्री विशाल की स्तुति में गाई जाने वाली आरती ढाई सौ साल पुराने एक भोजपत्र पर 140 साल पहले लिखी गई थी.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: May 17, 2019, 11:59 PM IST
ढाई सौ साल पुराने भोजपत्र पर 1881 में लिखी गई थी भगवान बद्री विशाल की आरती
ढाई सौ साल पुराने भोजपत्र पर लिखी गई भगवान बद्री विशाल की आरती.
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: May 17, 2019, 11:59 PM IST
भगवान बद्री विशाल की स्तुति में गाई जाने वाली आरती एक भोजपत्र पर 140 साल पहले लिखी गई थी. यह आरती 1881 में लिखी गई थी. सबसे बड़ी बात ये है कि आज भी ये भोजपत्र सुरक्षित हालत में है. पवन मंद सुगंध शीतल हेम मंदिर शोभितम् निकट गंगा बहत निर्मल श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्...... इस आरती को आप सब ने सुनी होगी. ये आरती करोड़ों हिंदुओं की आस्था का धाम भगवान बदरी नारायण यानि बद्रीनाथ की स्तुति में हर दिन गाई जाती है. अब तक यह माना जाता था कि इस आरती को उत्तराखंड के नंदप्रयाग में रहने वाले मुस्लिम समुदाय के बदरुद्दीन नामक भक्त ने लिखा है. लेकिन इस आरती को लेकर अब साफ हो चुका है कि इस आरती को 1881 में उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के धन सिंह बर्त्वाल ने करीब ढाई सौ साल पुराने एक भोजपत्र पर लिखा था. इस भोजपत्र की कार्बन डेटिंग करवाई गई जिससे पता लगा कि भोजपत्र आज से ढाई सौ साल पहले यानी 1775 में बनी थी.

अब जब सामने आ गया है कि भगवान बद्रीनाथ की आरती कितने साल पहले लिखी गई है तो ऐसे में धन सिंह बर्त्वाल की सातवीं पीढ़ी के सदस्य इस पांडुलिपि को संरक्षित करने की मांग कर रहे हैं. साथ ही तथ्यों के आधार पर रिकॉर्ड में बदरुद्दीन की जगह धन सिंह बर्त्वाल के नाम लिखने की भी मांग कर रहे हैं. महेंद्र सिंह बर्त्वाल के मुताबिक इस पांडुलिपि को भगवान बद्रीनाथ धाम में रखा जाए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु इसका भी दर्शन कर सकें.



बता दें कि उत्तराखंड के कई क्षेत्रों में कई ऐसे रहस्य हैं, जिनपर शोध करने की जरूरत है. ऐसा इसलिए ताकि भविष्य के लिए इतिहास को सुरक्षित रखा जा सके.

ये भी पढ़ें - चार धाम यात्रा में लागू होगा ड्रेस कोड, मिलेगा लोगों को रोजगार

ये भी पढ़ें- अब नर करेंगे भगवान बदरी विशाल की पूजा, छह महीने बाद आएगा देवताओं का नंबर

Facebook पर उत्‍तराखंड के अपडेट पाने के लिए कृपया हमारा पेज Uttarakhand लाइक करें.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स
Loading...

 
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...

News18 चुनाव टूलबार

  • 30
  • 24
  • 60
  • 60
चुनाव टूलबार