दून हॉस्पिटल में गंभीर लापरवाही, कोविड वार्ड में दिखे ABVP कार्यकर्ता, मचा हड़कंप

डीएम देहरादून आशीष कुमार श्रीवास्तव ने माना कि ये गंभीर लापरवाही है.

डीएम देहरादून आशीष कुमार श्रीवास्तव ने माना कि ये गंभीर लापरवाही है.

Uttarakhand News: नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) की गाइडलाइनस के अनुसार कोविड वार्ड जैंसे हाई रिस्क जोन में मेडिकल स्टॅाफ के अलावा किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है लेकिन देहरादून के इस सबसे बडे कोविड डेडीकेटेड हॉस्पिटल में एबीवीपी के वर्कर्स न सिर्फ घूम रहे हैं, बल्कि मरीजों को जूस पिलाने का वीडियो भी बना रहे हैं.

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देहरादून. उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. देहरादून के सबसे बडे कोविड डेडिकेटेड सरकारी हॉस्पिटल दून हॉस्पिटल की हैं. यहां कोविड वार्ड में घुसकर पीपीईकिट पहने कुछ लोग कोविड पेशेंट का ऑक्सीजन पाइप हटाकर उनको जूस पिला रहे हैं. ये लोग बीजेपी की स्टूडेंट विंग अखिल भारतीय विधार्थी परिषद, एबीवीपी के वर्कर्स हैं. कोविड में वार्ड में घूम-घूमकर कोविड पेशेंट को जूस पिलाने उनका वीडियो बनाने की तस्वीरें सामने आने के बाद हलचल मच गई है. नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल की गाइडलाइनस के अनुसार कोविड वार्ड जैंसे हाई रिस्क जोन में मेडिकल स्टॅाफ के अलावा किसी को भी जाने की इजाजत नहीं है लेकिन देहरादून के इस सबसे बडे कोविड डेडीकेटेड हॉस्पिटल में एबीवीपी के वर्कर्स न सिर्फ घूम रहे हैं, बल्कि मरीजों को जूस पिलाने का वीडियो भी बना रहे हैं. इनकी पीपीई किट पर बकायदा एबीवीपी का स्टीकर भी चस्पा किया गया है. सवाल उठता है कि जब मरीजों के तीमारदारों तक को संक्रमण के डर और सुरक्षा के लिहाज से कोविड वार्ड में जाने की अनुमति नहीं है, तो फिर एबीवीपी के वर्कर्स को किसने और कैंसे कोविड वार्ड में जाने की इजाजत दे दी.

दून मेडिकल कॉलेज के प्रिसिपल डा. आशुतोष सयाना का कहना है कि एबीवीपी के वर्कर्स को हॉस्पिटल कैंपस में व्यवस्थाएं बनाने में हेल्प करने की इजाजत दी गई थी. सवाल उठता है कि फिर ये लोग वार्ड में कैसे घुस गए. इस पर सयाना कुछ नहीं बोले. हालांकि, डीएम देहरादून आशीष कुमार श्रीवास्तव ने माना कि ये गंभीर लापरवाही है. इस तरह किसी बाहरी व्यक्ति को कोविड वार्ड में जाने की परमशिन नहीं दी जा सकती है. डीएम देहरादून ने पूरे मामले की जांच के आदेश कर दिए हैं.

ताजा मामले में कांग्रेस सरकार को घेर रही है. कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दशौनी का कहना है कि सत्ताधारी पार्टी को ज्यादा जवाबदेह होना चाहिए लेकिन, सिर्फ नंबर गेन करने के लिए इस हद तक चले जाना. दशौनी का कहना है कि ये चिंताजनक स्थिति है. राज्य सरकार को इस पर कड़ा एक्शन लेना चाहिए. कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. धस्माना को पिछले साल मार्च में जिला प्रशासन ने 28 दिन के लिए क्वारंटीन कर दिया था. क्योंकि, धस्माना व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए डाक्टरों की मौजूदगी में कोविड वार्ड के पास तक पहुंच गए थे. धस्माना का कहना है कि आज भी वही डीएम हैं, वहीं हॉस्पिटल है, कोविड की स्थिति आज कई गुना ज्यादा खतरनाक है, लिहाजा जिला प्रशासन अब भी कार्रवाई करे. दूसरी ओर बीजेपी ने पूरे मामले से पल्ला झाड़ लिया है. बीजेपी के प्रदेश महामंत्री कुलदीप नेगी का कहना है कि एबीवीपी बीजेपी का संगठन नहीं है. एबीवीपी आरएसएस का आनुषांगिक संगठन है, लिहाजा संघ ही इस पर बीजेपी से बेहतर टिप्पणी कर सकता है.
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