Home /News /uttarakhand /

छह महीने बाद हरीश रावत की धरना पॉलिटिक्स शुरु... कांग्रेस के अन्य क्षत्रप भी सक्रिय

छह महीने बाद हरीश रावत की धरना पॉलिटिक्स शुरु... कांग्रेस के अन्य क्षत्रप भी सक्रिय

हरीश रावत के साथ ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी सक्रिय नज़र आने लगे हैं.

हरीश रावत के साथ ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी सक्रिय नज़र आने लगे हैं.

पेट्रोल-डीज़ल के दामों में वृद्धि के विरोध में सोमवार को बैलगाड़ी यात्रा निकाल हरीश रावत ने 6 महीने बाद धरना-प्रदर्शन किया था.

देहरादून. 6 महीने के ब्रेक के बाद पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की धरना पॉलिटिक्स शुरु हो गई है. आज वह अकेले ही राजभवन के बाहर धरना देने निकले थे. हालांकि उन्हें पहले ही पुलिस ने रोक लिया था और राजभवन से 50 मीटर दूर उन्होंने सांकेतिक धरना दिया. ख़ास बात यह भी है कि हरीश रावत के साथ ही नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश, प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय भी सक्रिय नज़र आने लगे हैं. राजनीतिक हल्कों में माना जा रहा है कि यह 2022 की तैयारी है. यूं भी उत्तराखंड का 20 साल का इतिहास बताता है कि कोई भी पार्टी यहां दोबारा नहीं आती और अब चूंकि चुनाव में पौने दो साल से भी कम समय बचा है इसलिए विपक्षी पार्टी चुनावी मूड में आ गई है.

सब एकजुट हैं

उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी इन्हीं 4 नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती नज़र आ है. हरीश रावत पूर्व मुख्यमंत्री तो हैं ही कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं. इंदिरा ह्रदयेश पार्टी की वरिष्ठ नेता तो हैं ही, नेता प्रतिपक्ष भी हैं. 5 बार के विधायक प्रीतम सिंह प्रदेश अध्यक्ष हैं. किशोर उपाध्याय पूर्व प्रदेश अध्यक्ष हैं और 2017 के चुनाव में संगठन की कमान उनके हाथ में ही थी.

उत्तराखंड में हर 5 साल में सत्ता परिवर्तन का इतिहास कांग्रेस के मन में उम्मीद जगा रहा है कि शायद सत्ता का दरवाज़ा इस बार उसके लिए ही खुलेगा. हालांकि हरीश रावत का कहना है कि डेढ़ साल बाद चुनाव होंगे और उसे लेकर अभी कुछ कह पाना मुश्किल है.

तो क्या पार्टी एकजुट होकर कारगर विपक्ष की भूमिका निबाहने में जुट गई है? इस सवाल के जवाब में हरीश रावत कहते हैं कि उनके कमांडर राहुल गांधी हैं और सेक्टर कमांडर प्रीतम सिंह हैं. इन्हीं के निर्देशों पर आगे बढ़ा जाएगा. पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय का कहना है कि सब एकजुट हैं, फिर वह चाहे राहुल गांधी के साथ हों, प्रीतम सिंह के साथ हों या इंदिरा ह्रदयेश के साथ.

बुधवार को पेट्रोल पंप पर धरना

पेट्रोल-डीज़ल के दामों में वृद्धि के विरोध में सोमवार को बैलगाड़ी यात्रा निकाल पूर्व मुख्यमंत्री ने धरना-प्रदर्शन पॉलिटिक्स की शुरुआत की थी. आज राजभवन के बार सांकेतिक धरना दे रहे हरीश रावत ने कहा कि अब वह चुप बैठने वाले नहीं है. बुधवार को वह पेट्रोल पंप पर धरना देंगे और उसके बाद रोडवेज़ की बस के आगे लेटकर विरोध जताएंगे क्योंकि उत्तराखंड रोडवेज़ की हालत खराब है.

हरीश रावत ने दिसंबर 2019 में कहा था कि वह 3 महीने यानि मार्च 2020 तक किसी पॉलिटिकल प्रोग्राम में शामिल नहीं होंगे. उसके बाद 14 जून तक वह लॉकडाउन में दिल्ली में रहे और अब करीब 6 महीने बाद उन्होंने फिर धरना पॉलिटिक्स शुरू की है.

Tags: Harish rawat, Sharp rise of petrol and diesel prices, Uttarakhand Congress, Uttarakhand news

विज्ञापन

राशिभविष्य

मेष

वृषभ

मिथुन

कर्क

सिंह

कन्या

तुला

वृश्चिक

धनु

मकर

कुंभ

मीन

प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
और भी पढ़ें
विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें

अगली ख़बर