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उत्तराखंड आने से पहले मौसम का हाल जानना होगा आसान, लैंसडाउन और सुरकंडा में भी लगेंगे डॉप्लर रडार

सीएम रावत ने कहा कि बिजली इत्यादि की भी व्यवस्था कर दी गई है..
सीएम रावत ने कहा कि बिजली इत्यादि की भी व्यवस्था कर दी गई है..

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (Chief Minister Trivendra Singh Rawat) ने कहा कि अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के पश्चात राज्य सरकार वहां पर लगने वाले रडार के लिए जगह को विकसित करने में भी सहयोग देगी.

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देहरादून. आपदा के लिहाज से बेहद संवेदनशील उत्तराखंड (Uttarakhand) में आने वाले समय में तीन डॉप्लर रडार (Doppler Radar) काम करने लगेंगे. शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि राज्य सरकार, प्रदेश में लगने वाले 3 डॉप्लर मौसम रडारों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. राज्य सरकार ने मुक्तेश्वर (Mukteshwar) में रडार स्थापना हेतु भूमि, मूलभूत सुविधाएं जैसे सड़क, बिजली, पानी उपलब्ध कराने एवं जगह को विकसित करने में पूर्ण सहयोग दिया है. दूसरे रडार की स्थापना के लिए भी राज्य सरकार ने सुरकंडा में भूमि आवंटित एवं विकसित की है. इसके साथ ही बिजली इत्यादि की भी व्यवस्था कर दी गई है.

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रडार के उपकरणों को सड़क के अभाव के चलते सुरकंडा पहुंचाने के लिए एयर लिफ्ट करने में भी सहयोग करेगी. सीएम ने कहा कि भविष्य में सुरकंडा में डॉप्लर मौसम रडार के संचालन में तैनात कार्मिकों के निशुल्क आवागमन के लिए वहां लग रहे रोपवे में उचित प्रावधान किया जाएगा. लैंसडाउन में भी डॉप्लर रडार लगाने की योजना है. सीएम ने कहा कि अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के पश्चात राज्य सरकार वहां पर लगने वाले रडार के लिए जगह को विकसित करने  में भी सहयोग देगी.

मौसम बताने में माइल स्टोन
उत्तराखंड में अब धार्मिक यात्रियों एवं पर्यटकों को मौसम की जानकारी  उपलब्ध कराने के लिए भारत मौसम विज्ञान विभाग पांच जगह मौसम डिस्प्ले स्क्रीन लगाने की योजना पर काम कर रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग को आवश्यक सुविधाओं के साथ 5 स्थान उपलब्ध करा दिये हैं. मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास में भारत मौसम विज्ञान विभाग के 146वें स्थापना दिवस समारोह में वर्चुअली प्रतिभाग किया. मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर मुक्तेश्वर (नैनीताल) में डॉप्लर वेदर रडार स्टेशन का वर्चुअली उद्घाटन भी किया. उत्तराखण्ड में मौसम सम्बन्धित आपदाओं जैसे भारी वर्षा, बादल फटना, भूस्खलन, बाढ़ एवं भारी बर्फबारी इत्यादि से हर वर्ष जान-माल की बहुत हानि होती है. मौसम की पूर्व सूचना मिल जाने के कारण डॉप्लर रडार जान- माल की हानि को कम करने की दिशा में माइल स्टोन साबित हो सकते हैं.
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