टयूलिप गार्डन के बाद मुनस्यारी में अब बनेगा पक्षी पर्यटन केंद्र
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टयूलिप गार्डन के बाद मुनस्यारी में अब बनेगा पक्षी पर्यटन केंद्र
मुनस्यारी नेचर एजुकेशन एंड इको पार्क सेंटर में अब पक्षी पर्यटन केंद्र बनेगा. (फाइल फोटो)

ट्यूलिप गार्डन विकसित होने से सुर्खियों में आए मुनस्यारी नेचर एजुकेशन एंड इको पार्क सेंटर (Munsiyari Nature Education and Eco Park Center) में अब पक्षी पर्यटन केंद्र (Bird Tourism Center) भी बनेगा, जहां प्रकृति प्रेमी करीब 130 पक्षी प्रजातियों के दीदार कर सकेंगे.

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देहरादून. ट्यूलिप गार्डन विकसित होने से सुर्खियों में आए मुनस्यारी नेचर एजुकेशन एंड इको पार्क सेंटर (Munsiyari Nature Education and Eco Park Center) में अब पक्षी पर्यटन केंद्र (Bird Tourism Center) भी बनेगा जहां प्रकृति प्रेमी करीब 130 पक्षी प्रजातियों के दीदार कर सकेंगे. पिछले कुछ सालों में पिथौरागढ़ (Pithoragarh) जिले का मुनस्यारी उच्च हिमालयी क्षेत्र बर्ड वाचिंग के लुभावने स्थल के रूप में उभर रहा है और इसे एक अच्छे अवसर में बदलने के लिए बहुउददेशीय पक्षी पर्यटन केंद्र को विकसित किया जा रहा है.

पिथौरागढ के वन प्रभागीय अधिकारी विनय भार्गव ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस केंद्र को चरणबद्ध तरीके से तीन सालों में 85 ग्राम पंचायतों और 300 स्वयं सहायता समूहों से भी जोड़ा जाएगा और 500 स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. इसके अलावा, भार्गव ने कहा कि बर्ड वाचिंग के लिए आने वाले लोगों का लाभ भी यहां के स्थानीय होटलों तथा टूर एंड ट्रेवल उद्योग से जुडे अन्य लोगों को मिलेगा .

समय-समय पर पक्षी महोत्सवों का भी आयोजन होगा
उन्होंने बताया कि इसे करीब 67.50 लाख रू की लागत से विकसित किया जाएगा और अनुमान है कि इससे 1.5 करोड-दो करोड़ रुपए की वार्षिक आमदनी होगी. बर्ड वाचिंग के लिए 500 मीटर से लेकर पांच किलोमीटर तक की ट्रेल विकसित करने की भी योजना है जिससे पक्षियों के आवास के बारे में पक्षी प्रेमियों को स्पष्ट रूप से पता चल सके. भार्गव ने बताया कि केंद्र में पक्षियों से संबंधित साल भर चलने वाली गतिविधियों के लिए एक कैलेंडर भी विकसित किया गया है जिसके तहत समय-समय पर पक्षी महोत्सवों का भी आयोजन होगा.
जगह-जगह व्यू प्वाइंटस बनाए जाएंगे


पक्षियों को देखने के लिए इस केंद्र में दूरबीन, स्पाटिंगस्कोप, कैमरा, फील्ड गाइड और टूल किटस भी उपलब्ध रहेंगे. इसके अलावा, जगह-जगह व्यू प्वाइंटस बनाए जाएंगे जहां पक्षियों के बारे में जानकारी देने वाले बोर्ड भी लगे होंगे. पक्षियों के अलावा प्रकृति प्रेमियों को यहां वन्यजीव और वनस्पति, जैव विविधता, स्थानीय परंपरा, संस्कृति, आर्किड, अल्पाइन स्विस हट, हेरिटेज वॉक, साहसिक गतिविधियों जैसे ट्रैकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, पर्वतारोहण आदि का आनंद भी मिलेगा.

विकसित की जाएंगी दो झीलें
भार्गव ने बताया कि इसके अतिरिक्त यहां वॉच टॉवर भी बनाए जाएंगे जहां से जौहार घाटी की प्राकृतिक सुंदरता को भी निहारा जा सकता है. केंद्र में दो झीलें भी विकसित की जाएंगी. इन सब योजनाओं के मद्देनजर वन विभाग चाहता है कि यह केंद्र एक वन स्टॉप फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित हो, जो वहां के स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा सके.

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