हिल टॉप व्हिस्की प्लांट के मुद्दे पर कठघरे में BJP सरकार, संत समाज, VHP और कांग्रेस ने दी ये चेतावनी

Hill Top Whiskey Plant, VHP, Congress-देवप्रयाग के शराब बॉटलिंग प्लांट के मसले पर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी संत समाज और विश्व हिंदू परिषद के सुर में सुर मिला रही है.

Rajiv Tiwari | News18Hindi
Updated: August 11, 2019, 5:04 PM IST
हिल टॉप व्हिस्की प्लांट के मुद्दे पर कठघरे में BJP सरकार, संत समाज, VHP और कांग्रेस ने दी ये चेतावनी
देवप्रयाग के शराब बॉटलिंग प्लांट के मसले पर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी संत समाज और विश्व हिंदू परिषद के सुर में सुर मिला रही है.
Rajiv Tiwari | News18Hindi
Updated: August 11, 2019, 5:04 PM IST
उत्तराखंड के देवप्रयाद में बनी हिल टॉप व्हिस्की बॉटलिंग प्लांट का अब राष्ट्रीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है. भारतीय संत समिति, विश्व हिंदू परिषद और कांग्रेस पार्टी ने इस बॉटलिंग प्लांट पर कड़े तेवर अख्तयार कर लिए हैं.

उत्तराखंड में धड़ल्ले से खुल रही शराब की दुकानें, शराब की फैक्ट्री और शराब फैक्ट्री लगाने के लिए लाइसेंस देने के मुद्दे पर संत समाज और कांग्रेस पार्टी गुस्से में है.

पीएम मोदी से संत समाज करेगा अपील
संत समाज इस मसले पर जल्द प्रधानमंत्री से राज्य में नशे के कारोबार को बंद करने अपील भी करने वाले है. अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्र नंद स्वामी का कहना कि वे इन मसले पर जल्द प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी को खत लिखकर पूरे मामले से अवगत कराएंगे.

उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहूंगा कि आपने गुजरात में शराब और ड्रग्स बन्द कराकर बहुमत हासिल किया, लेकिन उत्तराखंड में नशे का कारोबार कराकर कौन सा आपकी पार्टी बहुमत हासिल करना चाहती है, अगर इसे रोका नहीं गया तो ठीक नहीं होगा.'

अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री जितेंद्र नंद स्वामी ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अखितयार करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री को आड़े हाथों लिया और कहा कि सबको पाप का दंड भुगतना पड़ता है, कही ऐसा ना हो सीएम को रोने के लिए आंसू भी ना मिले.

साथ ही उन्‍होंने सीएम को चेतावनी देते हुए कहा,' देव भूमि को देवभूमि रहने दे, मुख्‍यमंत्री उत्तराखंड को पब और बार में ना तब्दील करें. पैसा कमाने के लिए और भी कारोबार किए जा सकते हैं, लेकिन जिस तरह से नशा के कारोबार को राज्य में बढ़ाया जा रहा है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है.'
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हिल टॉप व्हिस्की बॉटलिंग प्लांट का अब राष्ट्रीय स्तर पर विरोध शुरू हो गया है.


महामंडलेश्वर मनमोहन दास ने कही ये बात
जबकि महामंडलेश्वर मनमोहन दास ने कहा कि उत्तराखंड सरकार जो कर रही है, बहुत ही गलत है. मैं मां गंगा से प्रार्थना करूंगा कि मुख्यमंत्री को सद्बुद्धि दे और अगर मुख्यमंत्री नहीं माने तो बहुत ही जल्द आंदोलन करेंगे.

यही नहीं, विरोध में संत समाज के साथ विश्व हिंदू परिषद भी खड़ी हो गयी है. वीएचपी नेता जगदीश अग्रवाल कहना है कि सभी में पैसा कमाने की होड़ में लगी हुई हैं, लेकिन आज जरूरत है चरित्र मजबूत करने की. अगर हमारी संस्कृति और हमारे चरित्र मजबूत नही होंगे तो हम बेहतर काम नहीं कर सकते हैं. आज जरूरत है आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाया जाए और भारत को विश्व गुरु बनाया जाए.

कांग्रेस ने भी मिलाया सुर
देवप्रयाग के शराब बॉटलिंग प्लांट के मसले पर राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी संत समाज और विश्व हिंदू परिषद के सुर में सुर मिला रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि प्रदेश में जिस तरह से नशे का कारोबार बढ़ रहा है ऐसा लगता है जैसे पंजाब से होड़ लगी हुई है.

हरीश रावत ने कहा है कि राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार के विरोध में वे 17 तारीख को हल्द्वानी में पदयात्रा करेंगे. यह पदयात्रा किसी के खिलाफ नहीं होगा बल्कि ये लोगों को जागरूक करने के लिये होगा कि नशे के कारोबार और राज्य सरकार की भूमिका पर लोग अवगत हों.

विरोध के स्वर रुकने का नाम नही ले रहा है, उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि पहले मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत कहते थे कि प्रदेश में धीरे-धीरे नशा का कारोबार कम होगा, लेकिन अब देखा जाए तो उन्हीं के संरक्षण में प्रदेश में नशे का कारोबार तेजी से फल-फूल रहा है धड़ल्ले से लाइसेंस दिए जा रहे हैं. 2 साल में इन्होंने 10 से अधिक लाइसेंस दिए हैं. देखा जाए तो अभी इनकी सरकार 3 साल बची है और अभी कितना लाइसेंस बांटेगे क्या कहा जाए. नशे के कारोबार को रोकना बहुत जरूरी है उत्तराखंड देवभूमि है इसको ध्यान में रखने की जरूरत है. वहीं नेता प्रतिपक्ष इंद्रा हृदेश्य कहना है कि राज्य में बढ़ते नशे के कारोबार से केवल संत समाज ही नहीं, बल्कि प्रदेश का हर नागरिक त्रिवेंद्र रावत सरकार से नाराज है.

बहरहाल, देखा जाए तो देवप्रयाग में व्हिस्की वाटलिंग प्लांट का मुद्दा बाहर आने के बाद त्रिवेंद्र रावत सरकार नशे के मुद्दे पर कठघरे में है. देहरादून से दिल्ली तक समाज के सभी तबकों से विरोध के स्वर मुखर होते जा रहे हैं, जो आने वाले समय में उसके लिए चुनौती बन सकता है.

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First published: August 11, 2019, 4:53 PM IST
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