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शीतलहर से निपटने के लिए तैयार रहें सभी ज़िले... मौसम विभाग की रिपोर्ट पर मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

सचिवालय सभागार में शीतलहर से निपटने के लिए विभागों और ज़िला स्तर पर की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक लेते मुख्य सचिव ओमप्रकाश.
सचिवालय सभागार में शीतलहर से निपटने के लिए विभागों और ज़िला स्तर पर की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक लेते मुख्य सचिव ओमप्रकाश.

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन से जुड़े अधिकारियों को प्रत्येक ज़िले की संसाधनों की मांग को पूरा करने के निर्देश दिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 11, 2020, 6:00 PM IST
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देहरादून. उत्तराखंड में सर्दियों से निपटने के लिए शासन ने सभी ज़िलों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि शीतलहर के सीज़न में उनके यहाँ पर्याप्त खाद्य आपूर्ति का स्टॉक उपलब्ध हो या निर्बाध आपूर्ति बरकरार बनी रहे. मुख्य सचिव ने शुक्रवार को आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी रैनबसैरों में पर्याप्त मात्रा में कम्बल उपलब्ध हों और उनमें पेयजल, शौचालय तथा पर्याप्त साफ-सफाई रहे. कोविड-19 से अधिक प्रभावित मैदानी ज़िलों के रैनबसैरों में अतिरिक्त कम्बल की आपूर्ति की जाए जिससे कोरोना के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत कम्बल-बिस्तर की अदला-बदली की जा सके.

अतिरिक्त संसाधनों की मांग 

सचिवालय सभागार में शीतलहर से निपटने के लिए विभागों और ज़िला स्तर पर की गयी तैयारियों के सम्बन्ध में आयोजित समीक्षा बैठक में उत्तराखण्ड क्षेत्र के मौसम विभाग के निदेशक विक्रम सिंह ने आने वाले दिनों के मौसम के बारे में जानकारी दी. प्रेजेन्टेशन के माध्यम से उन्होंने उत्तराखण्ड में शीतलहर से प्रभावित होने वाले मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ़बारी, कुहरे आदि से सम्बन्धित घटनाओं की संभावना और उसकी तीव्रता के बारे में बताया.



इसके बाद मुख्य सचिव ने हर ज़िले से शीतलहर को लेकर की गई पूर्व तैयारी, बनाए गए प्लान और उनके संसाधनों आदि की जानकारी ली. इसके साथ ही विभिन्न ज़िलों में शीतलहर से निपटने के लिए संसाधनों की मांग के बारे में भी पूछा.
इस दौरान विभिन्न ज़िलों के अधिकारियों ने शीतलहर से निपटने के लिए अपने-अपने स्तर पर बनाए गए SOP (स्टेडर्ण्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तथा उपलब्ध संसाधनों के बारे में बताया और अपने ज़िलों में अतिरिक्त संसाधनों की मांग की.

एमरजेंसी के लिए सार्वजनिक करें अधिकारियों के नंबर

मुख्य सचिव ने आपदा प्रबन्धन से जुड़े अधिकारियों को प्रत्येक ज़िले की संसाधनों की मांग को पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि शीतलहर के दौरान आवश्यकतानुसार ज़िले के विभिन्न क्षेत्रों में अलाव जलते रहेंगे, रैनबसैरों को आवश्यकतानुसार बढ़ाया जाए अथवा उनकी क्षमता बढ़ाई जाए. जिन ज़िलों में बर्फ के चलते सड़क जाम की समस्या आती है, वहां पर पर्याप्त मात्रा में स्नोफॉल क्लीयरिंग मशीन, जेसीबी और प्रशिक्षित कार्य बल उपलब्ध कराया जाए.

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अपने फ़ोन नंबरों को बेहतर और प्रभावी सूचनाओं के आदन-प्रदान के लिए रिमोट एरियाज में सूचना बोर्ड पर और आपातकालीन स्थिति के लिए महत्वपूर्ण अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित करने के निर्देश दिए.

इसके अतिरिक्त मुख्य सचिव ने राज्य में आने वाले पर्यटकों की सुविधा के लिए भी तथा आपात स्थिति में उनके लिए ज़रूरी व्यवस्थाएं पूर्व में ही संपादित करने के निर्देश दिए. इस दौरान बैठक में प्रभारी सचिव आपदा प्रबन्धन एसए मुरुगेशन, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण रिद्धिम अग्रवाल, देहरादून डीएम आशीष कुमार श्रीवास्तव, अधिशासी निदेशक राज्य आपदा प्रबन्धन पीयूष रौतेला उपस्थित थे.
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