रानीखेत: रोजा तोड़कर मुस्लिम युवक ने 13 साल की कविता के लिए डोनेट किया खून
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रानीखेत: रोजा तोड़कर मुस्लिम युवक ने 13 साल की कविता के लिए डोनेट किया खून
रक्तदान हमेशा ही स्वेच्छा से किया जाता है. यह एक तरह की सेवा है जो एक इंसान दूसरे इंसान के लिए करता है.

रानीखेत के कोट्यूड़ा गांव (Kotuda Village) के रहने वाले गोपाल राम (Gopal Ram) की 13 साल की बेटी कविता को थैलेसीमिया की बीमारी है. उसे अस्पताल में ए पॉजिटिव खून नहीं मिला. ऐसे में...

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देहरादून. दुनिया में इंसानियत से बड़ा कुछ नहीं होता, यह कर दिखाया है रानीखेत (Ranikhet) के अमन शेख ने. अमन शेख (Aman Sheikh) ने खून देकर एक 13 साल की लड़की को नई जिन्दगी दी है. इसके लिए लड़की के घर वाले अमन शेख का धन्यवाद देते नहीं थक रहे हैं. साथ ही अब इस मानवता के काम के लिए अमन शेख की स्थानीय लोग भी प्रशंसा कर रहे हैं. भला लोग प्रशंसा करें भी तो क्यों नहीं, क्योंकि अनम ने खून डोनेट कर एक बच्ची की जो जान बचाई है.

दैनिक अखबार हिन्दुस्तान में छपी खबर के मुताबिक, रानीखेत के कोट्यूड़ा गांव (Kotuda Village) के रहने वाले गोपाल राम (Gopal Ram) की 13 साल की बेटी कविता को थैलेसीमियाकी बीमारी है. ऐसे में गोपाल राम कविता का इलाज कराने के लिए उसे गोविंद सिंह माहरा राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया. इस दौरान गोपाल का 11 साल का बेटा भी साथ में था. अस्पताल में डॉक्टरों ने कहा कि कविता को खून चढ़ाना पड़ेगा. जांच में पता चला कि कविता का खून ए पाजिटिव है जो अस्पताल में नहीं मिला. ऐसे में ब्लड बैंक में मौजूद कर्मचारियों ने कहा कि यदि रानीखेत में ए पाजिटिव का इंतजाम नहीं हुआ तो बच्ची को बाहर ले जाना पड़ेगा.

गोपाल आर्थिक रूप से कमजोर है
ये सुनते ही गोपाल राम उदास हो गया. जानकारी के मुताबिक, गोपाल आर्थिक रूप से कमजोर है. वह मजदूरी का काम करता है. लेकिन लॉकडाउन के कारण उसे पिछले कई दिनों से काम नहीं मिला है. ऐसे में वह काफी परेशान दिख रहा था. तभी गोपाल की हालत देख ब्लड बैंक के तकनीशियन अजय मेहरा व सामाजिक कार्यकर्ता विनीत चौरसिया ने संपर्क साधने शुरू किए. इसी क्रम में रानीखेत में ही एक होटल के मैनेजर अमन शेख का फोन लगाया तो वे खून डोनेट करने के लिए तैयार हो गए. इसके बाद वे अस्पताल आए और रोजा तोड़कर अमन शेख ने कविता के लिए खून दिया, जिससे उसकी जान बच गई. अमन ने खुशी जताते हुए कहा कि अल्लाह ने उन्हें रमजान के इस पाक महीने में किसी जरूरतमंद की जान बचाने का मौका दिया है.



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