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नए साल पर परिवार को मिली बड़ी खुशखबरी, 6 साल बाद मिला केदारनाथ आपदा में लापता बुजुर्ग

केदारनाथ आपदा के समय लापता हुए बुजुर्ग को पुलिस ने परिवार से मिला दिया. (केदारनाथ आपदा का File Photo)

केदारनाथ आपदा के समय लापता हुए बुजुर्ग को पुलिस ने परिवार से मिला दिया. (केदारनाथ आपदा का File Photo)

उत्तराखंड पुलिस (uttarakhand Police) ने केदारनाथ आपदा (Kedarnath disaster) के एक पीड़ित परिवार को नए साल के शानदार तोहफे के रूप में लापता हुए बुजुर्ग को मिला दिया.

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    गोपेश्वर. उत्तराखंड में वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा (Kedarnath disaster) में कई लोगों की मौत हुई थी तो कई लोग लापता हुए थे. 2013 की आपदा में उधमसिंह नगर (Udhamsingh Nagar) के एक बुजुर्ग भी लापता हुए थे, जिन्हें उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन स्माइल' (Operation Smile) की बदौलत करीब सात साल बाद बुधवार को ढूंढ निकाला. पुलिस ने बुजुर्ग मजदूर को अपने परिवार से दोबारा मिला दिया.

    नए साल के बेहतरीन तोहफे के रूप में पुलिस ने उधमसिंह नगर जिले के सितारगंज के रहने वाले जलील अहमद अंसारी को उनके परिवार से मिलाया. अंसारी केदारनाथ आपदा के दौरान लामबगड़ कस्बे में लापता हो गए थे. चमोली के पुलिस अधीक्षक यशवंत सिंह चौहान ने बताया, "हांलांकि हादसे के दौरान उन्हें बचा लिया गया, हालांकि वह अपना नाम और पता ठीक से याद नहीं कर पा रहे थे इसलिए उन्हें गोपेश्वर स्थित समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रम में रखा गया था."

    वृद्धाश्रम में रह रहा था बुजुर्ग
    उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले 'ऑपरेशन स्माइल' टीम को वृद्धाश्रम गोपेश्वर से सूचना मिली थी कि एक बुजुर्ग पिछले कई वर्षों से आश्रम में रह रहा है. उन्होंने बताया, "पूछताछ के दौरान जब उनसे याददाश्त पर जोर देने को कहा गया, तब उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2009 में सितारगंज से मजदूरी की तलाश में जोशीमठ आए थे और 2013 में लामबगड़ में काम करते थे."

    सोशल मीडिया की मदद से बुजुर्ग के परिवार का पता लगा
    उन्होंने बताया कि आपदा के दौरान उनका सारा सामान, पैसा और पहचान पत्र सबकुछ बह गए. हांलांकि, वह अपना नाम और पता ठीक से याद नहीं कर पा रहे थे. इस जानकारी के आधार पर उक्त बुजुर्ग की फ़ोटो लेकर चमोली जिले के गैरसैंण थाने से कॉन्स्टेबल चंदन नागरकोटी को सितारगंज भेजा गया. नागरकोटी ने स्थानीय पुलिस एवं सोशल मीडिया की मदद से उक्त बुजुर्ग के परिवार का पता लगाया.

    पत्नी ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

     

    पुलिस के मुताबिक, बुजुर्ग के परिवार में पत्नी के अलावा दो बेटे एवं दो बेटियां हैं. जब वीडियो कॉल द्वारा बुजुर्ग की परिवार से बात कराई गई तो परिवार ने बुजुर्ग को पहचान लिया और बताया कि उनका नाम जलील अहमद अंसारी है. वर्ष 2013 के बाद इनका परिवार से कोई सम्पर्क नहीं हो पाया था, जिसके बाद उनकी पत्नी ने सितारगंज पुलिस थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

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