पाकिस्तान बॉर्डर के पास आठ महीने पहले फिसल गया था जवान, अब मिला शव
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पाकिस्तान बॉर्डर के पास आठ महीने पहले फिसल गया था जवान, अब मिला शव
8 जनवरी 2020 को ऑनडयूटी लापता हुए 11वीं गढ़वाल राइफल के हवलदार राजेन्द्र सिंह नेगी. (फाइल फोटो)

8 महीने से हर दिन हवलदार राजेन्द्र का परिवार इस उम्मीद में था कि उनके बारे में कोई जानकारी मिले. राजेन्द्र की शहादत को उनकी पत्नी मानने को तैयार नहीं थीं. वह कहती रहीं कि उनके पति ड्यूटी पर ही हैं.

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  • Last Updated: August 15, 2020, 9:30 PM IST
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देहरादून. 8 जनवरी 2020 को ऑनड्यूटी लापता हुए 11वीं गढ़वाल राइफल के हवलदार राजेन्द्र सिंह नेगी का पार्थिव शरीर आखिरकार 8 महीने बाद भारतीय सेना (Indian Army) ने ढूंढ़ निकाला है. 21 मई को बैटल कैजुअल्‍टी मान चुकी भारतीय सेना ने उनकी पत्नी की जिद के आगे सर्च ऑपेरशन (Search operation) जारी रखा और आखिरकार सेना ने परिवार को फोन कर उनकी बॉडी मिलने की जानकारी दी.

पत्र और फोन के जरिए रेस्क्यू की मांग करती रही थीं पत्नी

बैटल कैजुअल्टी का सर्टिफिकेट पाने के बावजूद हवलदार राजेन्द्र की पत्नी और बच्चे इस आस में थे कि हवलदार राजेन्द्र नेगी अब भी डयूटी पर हैं और इस जिद में थे कि जब तक पार्थिव शरीर नहीं मिलेगा, वे आस नहीं छोड़ेंगे. हवलदार राजेंद्र की पत्नी राजेश्वरी नेगी सेना की यूनिट में फोन और लेटर के जरिये अपने पति को रेस्क्यू करने की मांग करती रहीं.



सोमवार को किया जाएगा शहीद का अंतिम संस्कार
8 जनवरी को पाकिस्तानी सीमा (Pakistan border) पर अनंतनाग (Anantnag) में पैर फिसलने से लापता हुए हवलदार राजेंद्र सिंह नेगी को 21 मई को सेना ने बैटल कैजुअल्‍टी मान लिया था. लेकिन पिछले 8 महीने से हर दिन हवलदार राजेन्द्र का परिवार इस उम्मीद में था कि उनके बारे में कोई जानकारी मिले. राजेन्द्र की शहादत को उनकी पत्नी मानने को तैयार नहीं थीं. वह कहती रहीं कि उनके पति ड्यूटी पर ही हैं. अब शनिवार को शहीद का शव गुलमर्ग लाया गया और रविवार को परिवार को सौंपा जाएगा. सोमवार को हरिद्वार में शहीद का अंतिम संस्कार किया जाएगा.
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