उत्तराखंड के मंत्री अरविंद पांडे ने दी इस्तीफे की धमकी, जानें क्यों?

अरविंद पांडे ने कहा कि वह शिक्षा मंत्री रहेंगे तो एनसीईआरटी की किताबें, फ़ीस एक्ट लागू करवाकर रहेंगे और ईमानदारी से काम करने वाले शिक्षकों को भी न्याय दिलवाएंगे.

Bharti Saklani | News18 Uttarakhand
Updated: July 25, 2019, 4:50 PM IST
उत्तराखंड के मंत्री अरविंद पांडे ने दी इस्तीफे की धमकी, जानें क्यों?
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे तो अधिकारियों से इतने नाराज़ नज़र आए कि उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफ़े की धमकी तक दे डाली.
Bharti Saklani
Bharti Saklani | News18 Uttarakhand
Updated: July 25, 2019, 4:50 PM IST
उत्तराखंड के शिक्षा विभाग में सब-कुछ ठीक नहीं चल रहा है. विभिन्न वर्गों में शिक्षक तो इस बात की शिकायत करते ही थे, अब शिक्षा मंत्री ने भी यह बात स्वीकार की है. शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे तो अधिकारियों से इतने नाराज़ नज़र आए कि उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफ़े की धमकी तक दे डाली. इसके साथ ही उन्होंने ट्रांसफर एक्ट का फ़ायदा ज़रूरतमंद शिक्षकों को न मिल पाने पर अफ़सोस भी ज़ाहिर किया.

शिक्षकों से मांगी माफ़ी 

जवान बेटे की मौत का प्रभाव स्कूली शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे पर गुरुवार को भी दिखा. करीब एक महीने बाद विधानसभा पहुंचे अरविंद पांडे आवाज़ और अंदाज़ से आज अलग नज़र आए. दबंग माने जाने वाले शिक्षा मंत्री आज शिक्षकों से, अभिभावकों से माफ़ी मांगते दिखे.

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अरविंद पांडे ने अपनी बात की शुरुआत उन शिक्षकों से माफ़ी मांगकर की जिन्हें ट्रांसफर एक्ट का फ़ायदा नहीं मिला है. उन्होंने कहा, ‘सबसे पहले तो मैं उन शिक्षकों से क्षमा चाहता हूं, जिन्हें यह उम्मीद थी कि ट्रांसफर एक्ट से उन्हें न्याय मिलेगा. ऐसे बहुत से शिक्षक हैं, जो जवानी में दुर्गम में गए थे, उन पर बुढ़ापा आ गया लेकिन आज तक उनकी किसी ने नहीं सुनी. ऐसे लोगों को ट्रांसफर एक्ट से जो उम्मीद जगी है, मैं कोशिश करूंगा कि उन्हें इसका लाभ मिले.’

अभिभावकों से माफ़ी मांगी 

इसके बाद शिक्षा मंत्री ने किताबों की कालाबाज़ारी से परेशान अभिभावकों से भी माफ़ी मांगी. उन्होंने कहा कि स्कूलों में माफ़ियागर्दी को रोकने के लिए राज्य में एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया गया था लेकिन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने की वजह से इस कानून को पूरी तरह लागू नहीं किया जा सका. उन्होंने कहा, “अभिभावकों को एनसीईआरटी के अलावा माफ़ियागर्दी द्वारा थोपी गई किताबें भी लेनी पड़ीं, मैं इसके लिए भी माफ़ी चाहता हूं.”
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अरविंड पांडे ने किताब माफ़िया पर अपनी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने ऐसे लोगों के ग़लत धंधे बंद करवाए तो ये लोग लामबंद होकर उनके ख़िलाफ़ दुष्प्रचार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों की परवाह नहीं करते और अभिभावकों, शिक्षकों के भले के लिए काम करते रहेंगे.

सचिव की करेंगे शिकायत

फ़ीस एक्ट तैयार न हो पाने पर पांडे बेहद नाराज़ दिखे. उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के सचिव (आर मीनाक्षी सुंदरम्) ने कई बार निर्देश देने के बाद भी इस पर काम आगे नहीं बढ़ाया जबकि यह जनहित से जुड़ा काम है. उन्होंने कहा कि वह शिक्षा सचिव की शिकायत मंत्री सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे.

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अरविंद पांडे ने यह भी कहा कि संगठन ने ईमानदारी से काम करने पर उन्हें घर बैठे मंत्री बनाया है और वह दिए गए काम के परिणाम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि लेकिन अगर ऐसा ही चलता रहा तो वह मंत्री पद से इस्तीफ़ा तक देने को तैयार हैं. अगर शिक्षा मंत्री रहेंगे तो एनसीईआरटी की किताबें, फ़ीस एक्ट लागू करवाकर रहेंगे और ईमानदारी से काम करने वाले शिक्षकों को भी न्याय दिलवाएंगे.

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First published: July 25, 2019, 3:53 PM IST
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