होम /न्यूज /उत्तराखंड /Dehradun: आखिर उत्तराखंड में सियासी दलों को क्यों सताने लगी है बेरोजगारों की चिंता ? ये रही वजह

Dehradun: आखिर उत्तराखंड में सियासी दलों को क्यों सताने लगी है बेरोजगारों की चिंता ? ये रही वजह

प्रतीकात्मक तस्वीर (News18 creative by Mir Suhail)

प्रतीकात्मक तस्वीर (News18 creative by Mir Suhail)

Uttarakhand Unemployment: उत्तराखंड में अचानक सियासी दलों को बेरोजगारों की चिंता सताने लगी है. वे चुनाव के पहले नौकरी क ...अधिक पढ़ें

देहरादून. उत्तराखंड (Uttarakhand) में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बेरोजगारी का मुद्दा खूब छाया हुआ है. जुलाई में जब विधायक पुष्कर धामी ने बतौर सीएम राज्य की कमान संभाली तो चंद घण्टों के भीतर ही उन्होंने विभिन्न विभागों में रिक्त पड़े करीब 24 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की. इसी 19 सितम्बर को सीएम ने बताया कि करीब 6,000 पदों के लिए भर्ती का अधियाचन भेजा जा चुका है. अगले एक दो महीने में ये संख्या दुगुनी हो जाएगी.

इधर, हाल ही में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी पर तंज कसा और घोषणा की कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. इसके बाद आम आदमी पार्टी भी मैदान में कूद पड़ी. रविवार को दिल्ली से उत्तराखंड पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने तो इससे भी दो कदम आगे बढ़कर घोषणा कर डाली कि अगर आप सत्ता में आई तो छह महीने के भीतर एक लाख नौकरियों का सृजन किया जाएगा. नौकरी लगने तक बेरोजगारों को पांच हजार रुपए प्रति माह बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा.

अब सवाल उठता है कि अचानक सियासी पार्टियों को बेरोजगारों की चिंता क्यों सताने लगी है. इसके पीछे भी एक बड़ा गणित है. इससे पहले जान लेते हैं राज्य में बेरोजगारी की स्थिति क्या है. इसी महीने जारी सांख्यिकी मंत्रालय की नेशनल सेंपल सर्वे रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड देश के उन दस राज्यों में शामिल है, जहां बेरोजगारी की दर 11 फीसदी से अधिक पहुंच गई है. 15 से 29 ऐज ग्रुप में तो बेरोजगारी का ये आंकड़ा राष्ट्रीय औसत से भी नौ गुना अधिक बढ़कर 27 फीसदी पहुंच गया. इस एज ग्रुप में बेरोजगारी नेशनल औसत 3.2 फीसदी है. इन आंकड़ों ने सियासी दलों को जैसे संजीवनी दे दी है.

दरअसल, उत्तराखंड में मौजूद करीब अस्सी लाख वोटर्स में करीब 57 फीसदी वोटर्स युवा वर्ग से हैं. करीब 44 लाख के आसपास युवा वोटर्स का आंकड़ा है. ऐसे में इतने बड़े वोट बैंक को कोई भी नजरअंदाज नहीं करना चाहता. यही कारण है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले अचानक बेरोजगार और बेरोजगारी सियासत का केंद्र बन गया.

Tags: Dehradun news, Pushkar Dhami, Unemployment Rate, Uttarakhand Assembly Election 2022, Uttarakhand Congress, Uttarakhand news, Uttarakhand Unemployment, उत्तराखंड

टॉप स्टोरीज
अधिक पढ़ें