एसोचैम के प्रतिनिधि मिले सीएम से, दिए निवेश योजनाओं के प्रज़ेंटेशन

पीके जैन ने उत्तराखंड में फूड एंड प्रोसेसिंग सेक्टर में आपार संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया.

News18 Uttarakhand
Updated: April 16, 2018, 1:15 PM IST
एसोचैम के प्रतिनिधि मिले सीएम से, दिए निवेश योजनाओं के प्रज़ेंटेशन
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से नई दिल्ली में रविवार को एसोचैम के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की.
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Updated: April 16, 2018, 1:15 PM IST
मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत से नई दिल्ली में रविवार को एसोचैम के प्रतिनिधिमण्डल ने भेंट की. प्रतिनिधमण्डल में एसोचैम के फूड एंड प्रोसेसिंग काउंसिल के चेयरमैन पीके जैन, एसोचैम के सचिव डीएस रावत और निदेशक यूके जोशी शामिल थे.

प्रतिनिधिमंडल की ओर से पीके जैन ने उत्तराखंड में फूड एंड प्रोसेसिंग सेक्टर में आपार संभावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया. एसोचैम के सचिव डीएस रावत ने मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत के विज़न 13 जिले-13 नये टूरिज्म डेस्टिनेशन के अन्तर्गत विभिन्न पर्यटन योजनाओं में निवेश के सिलसिले में कई प्रस्ताव रखे.

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एसोचैम के प्रतिनिधियों से सकारत्मक सहयोग का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में निवेश के लिए निवेशकों एव उद्यमियों के अनुकूल माहौल उपलब्ध कराया जाएगा और राज्य सरकार सुनिश्चित करेगी कि एसोचैम के सभी सदस्यों को भरपूर सहयोग और सुविधाएं मुहैया हो.

मुख्यमंत्री ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती से हटकर कार्य करने की दिशा में भी पहल की जा रही है, इसके लिए ग्रोथ सेंटरों की स्थापना की जा रही है. परम्परागत उत्पादों, प्राकृतिक फलों आदि की प्रोसेसिंग, गे्रडिंग, मार्केटिंग के साथ ही रेडीमेड गारमेंट्स, एल.ई.डी. बल्बों के उत्पादन आदि को इन ग्रोथ सेंटरों से जोड़ा जा रहा है. इन ग्रोथ सेंटरों में पूंजी निवेश पर सब्सिडी, ट्रांसपोर्ट पर रियायत आदि का भी ध्यान रखा गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों को भी आर्थिक रूप से मजबूत होकर शहरी विकास की गति से जुड़ने में मदद मिल सके.

मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि राज्य के उत्पादों में व्यवसायिक गुण विकसित करने की ज़रूरत है. हमारे लोग स्वभाव में सांस्कारिक हैं. यदि हम केरल की पहाड़ियों के टी गार्डनों में खोले गये छोटे-छोटे होटलों की तरह चैकोड़ी व अन्य क्षेत्रों में ऐसे प्रयोग करें, तो इस ओर पर्यटक निश्चित रूप से आकर्षित होंगे. यहां पर ग्रीन टी के एक कप का भी अच्छा मूल्य मिल सकता है. इसके लिये सरकार द्वारा प्रोत्साहन नीति लागू की जा रही है. हॉर्टि-टूरिज्म की दिशा में भी पहल की जा सकती है. यदि हमारे यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी तो राजस्व भी बढ़ेगा तथा जनता को भी उसका फायदा मिलेगा.
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