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OMG: 10 साल की उम्र में देहरादून की रिद्धिमा ने लिखी साइंस फिक्शन, दिल्ली के प्रकाशक ने छापी किताब

Trapped In Time: रिद्धिमा के मुताबिक, इस साइंस फिक्शन में दो सहेलियों की कहानी दिलचस्प अंदाज में बताई गई है. ये दोनों ब ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट : हिना आज़मी

देहरादून. आज के आम बच्चों से बिल्कुल अलग कहानी है देहरादून की रिद्धिमा सजवान की. जिस उम्र में बच्चे खाना-पीना, खेल-कूद और मनोरंज से इतर कुछ और नहीं सोचते, उस उम्र में रिद्धिमा ने साइंस फिक्शन लिख डाली. बता दें कि रिद्धिमा की उम्र फिलहाल 10 साल है और वह महज 5 की उम्र से कहानियां लिख रही हैं.

रिद्धिमा सजवान का घर देहरादून के मसूरी रोड पर है. उन्हें छोटी उम्र से ही किताबें पढ़ना और लिखना पसंद है. रिद्धिमा ने News18 Local से बताया कि उन्हें लिखने और पढ़ने का बहुत शौक है. वह पहले शॉर्ट स्टोरी लिखा करती थीं, लेकिन इस बार वह कहानी लिखती गईं और पूरी किताब बन गई. उनकी किताब टाइम ट्रैवल थीम पर बेस्ड है जिसका नाम है ‘ट्रैप्ड इन टाइम’.

रिद्धिमा के मुताबिक, इस साइंस फिक्शन में दो सहेलियों की कहानी दिलचस्प अंदाज में बताई गई है. ये दोनों बच्चियां टाइम मशीन के जरिये बीत चुके वक्त के अलग-अलग हिस्सों का सफर करती हैं. रिद्धिमा ने बताया कि उन्हें साइंस सब्जेक्ट और साइंस फिक्शन बहुत पसंद है. उनका कहना है कि हमें हमेशा किताबों से प्यार करना चाहिए, क्योंकि किताबें बहुत अच्छी दोस्त होती हैं. बता दें कि रिद्धिमा के इस लेखन कौशल को परवान चढ़ाने में उनकी मां दीक्षा सजवान का बड़ा सपोर्ट रहा है.

मां दीक्षा सजवान ने बताया कि रिद्धिमा बचपन से ही किताबें पढ़ती और लिखती है. मैंने एक दिन रिद्धिमा की एक कहानी पढ़ी. मुझे बहुत खुशी हुई कि मेरी बेटी में यह हुनर है. उन्होंने बताया कि रिद्धिमा की किताब के लिए देहरादून में पब्लिशर नहीं मिल रहे थे, जिस वजह से उन्हें दिल्ली में जाना पड़ा.

Tags: Dehradun news, Literature, Uttarakhand news

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