बाबा रामदेव की कोरोना दवाई 'Coronil' पर सियासत, सीएम त्रिवेंद्र रावत ने तोड़ी चुप्पी
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बाबा रामदेव की कोरोना दवाई 'Coronil' पर सियासत, सीएम त्रिवेंद्र रावत ने तोड़ी चुप्पी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और योगगुरु बाबा रामदेव

सीएम ने कहा कि निम्स राजस्थान के डायरेक्टर से उनकी बात हुई तो बताया गया कि दवाई के बहुत अच्छे रिजल्ट हैं. हमें खुश होना चाहिए अगर हमारे राज्य में ऐसी कोई दवाई बन गई है तो.

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देहरादून. कोरोना (Coronavirus) की दवाई (Medicine) बनाने का दावा और आयुष विभाग द्वारा बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की दिव्य योग फार्मेसी को नोटिस भेजने के मामले में सीएम त्रिवेंद्र रावत ने पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी है. सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि जो भी काम हो विधिक तरीके से होना चाहिए. सरकार इस तरह की जब कोई भी परमिशन जारी करती है, तो उसका एक प्रोसेस होता है. ये प्रोसीज़र तो पूरा करना ही चाहिए. सीएम ने कहा कि निम्स राजस्थान (NIIMS Rajasthan) के डायरेक्टर से उनकी बात हुई तो बताया गया कि दवाई के बहुत अच्छे रिजल्ट हैं. हमें खुश होना चाहिए अगर हमारे राज्य में ऐसी कोई दवाई बन गई है तो.

रामदेव का दावा
दरअसल, मंगलवार को बाबा रामदेव ने कोरोना किट लॉन्च की थी. जिसमें दिव्या स्वासरी वटी और दिव्या कोरोनिल टेबलेट के साथ ही अणु तेल मौजूद था. रामदेव ने दावा किया था कि ये दवा कोरोना की दवा है. इससे कोरोना के पेशेंट शत-प्रतिशत ठीक हो जाएंगे. जिसके बाद मंगलवार शाम होते-होते बाबा रामदेव के इस दावे पर केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने संज्ञान ले लिया. आयुष मंत्रालय ने इसे ड्रग एवं कॉस्मेटिक एक्ट-1940 और ड्रग एवं मैजिक रैमिडिज एक्ट-1954 का उल्लंघन मानते हुए दिव्य योग फार्मेसी को नोटिस जारी किया कि दिव्य योग फार्मेसी को इसका लाइसेंस किसने जारी किया? किस आधार पर बाबा इसे कोरोना की दवाई बताते हुए शत प्रतिशत ठीक होने का दावा कर रहे हैं?

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मैजिकल ट्रीटमेंट का कोई दावा नहीं कर सकता


नोटिस में कहा गया है कि इस तरह मैजिकल ट्रीटमेंट का कोई दावा नहीं कर सकता. आयुष मंत्रालय ने राज्य सरकार के आयुष विभाग का इस संबंध में जवाब तलब कर संबंधित पत्रावलियां मांगी. इस पर हरकत में आए राज्य के आयुष विभाग ने अपनी सफाई पेश की. आयुष विभाग का कहना था कि उसने 12 जून को दिव्य योग फार्मेसी को एक लाइसेंस जारी किया. जो केवल इम्यूनिटी बूस्टर, सर्दी जुकाम और खांसी की दवाइयों के लिए था. इसमें कोरोना का कहीं जिक्र तक नहीं था. आयुष विभाग ने इससे संबंधित पत्रावलियां भी केंद्र को तत्काल मेल द्वारा भेजा.

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दवा के दावे का आधार क्या?
इधर बुधवार को स्टेट ड्रग कंट्रोलर वाईएस रावत ने बाबा रामदेव की दिव्य योग फार्मेसी को भी नोटिस भेजा है. नोटिस में कहा गया है कि दिव्य योग फार्मेसी कोरोना की जो दवा बनाने का दावा कर रही है उसका आधार क्या है? फार्मेसी ने कोरोना किट बनाने की परमिशन कहां से ली? दूसरा, प्रचार-प्रसार के लिए फार्मेसी ने परमिशन क्यों नहीं ली? कहा गया है कि फार्मेसी ने ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट-1940 की धारा-170 का उल्लंघन कर भ्रामक प्रचार किया है. नोटिस में कहा गया है कि कोई भी इस तरह का मैजिकल ट्रीटमेंट का दावा नहीं कर सकता. फिर बाबा रामदेव किस आधार पर शत प्रतिशत ठीक होने का दावा कर रहे हैं.

हफ्ते भर में देना है जवाब
फार्मेसी ने इसमें भी ड्रग एंड मैजिक एक्ट -1954 का उल्लंघन किया है. फार्मेसी को हफ्ते भर के अंदर नोटिस का जवाब देने को कहा गया है. आयुष विभाग के स्टेट ड्रग कंट्रोलर यतेंद्र सिंह रावत का कहना है कि यदि फार्मेसी ने नोटिस का संतोष जनक जवाब नहीं दिया तो उसे विभाग द्वारा जो लाइसेंस इम्यूनिटी बूस्टर दवाओं के लिए जारी किया गया है, उसे निरस्त भी किया जा सकता है.

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उत्तराखंड सरकार बाबा रामदेव के इस दावे पर थोड़ा नरम

दूसरी ओर इस मामले में देश भर में हंगामा मचा हुआ है. सोशल साईट पर लोग बाबा रामदेव के इस दावे की हकीकत जानना चाहते हैं. राजस्थान सरकार ने बाबा रामदेव के इस दावे को मैजिकल ट्रीटमेंट बताते हुए अपने राज्य में इस दवा को परमिशन न देने का ऐलान कर दिया है. लेकिन, उत्तराखंड सरकार बाबा रामदेव के इस दावे पर थोड़ा नरम नजर आ रही है. राज्य के आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने भी ऐसा कोई लाइसेंस जारी करने से इनकार किया है. लेकिन वे इससे आगे भी कुछ नहीं बोले. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है. केंद्र ने इसका संज्ञान लिया है, राज्य सरकार को मामले में तत्काल एक्शन लेना चाहिए.

सरकार फूंक-फूंक कर बढ़ा रही है कदम
वहीं शासकीय प्रवक्ता एवं हरिद्वार से भाजपा के विधायक मदन कौशिक को ये विषय गंभीर नहीं लगता. मदन कौशिक कहते हैं कि बाबा रामदेव आयुर्वेद के क्षेत्र में बड़ा नाम हैं. कुछ प्रक्रिया अधूरी रह गई होंगी, वो पूरी हो जाती हैं तो क्या दिक्कत है. दरअसल, बाबा रामदेव के साथ उत्तराखंड सरकार ने जड़ी बूटी दोहन समेत कई मामलों में करार किया है. बाबा रामदेव के साथ अपने रिश्तों को लेकर सरकार फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है. ताजा मामले में भी विवाद पैदा होने से पहले सरकार के प्रवक्त मदन कौशिक खुद इसे एक बड़ी उपलब्धि बता चुके थे.
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