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जब नेताओं के हैं कॉलेज तो फ़ीस कम कौन करेगा और क्यों करेगा?

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: November 19, 2019, 11:31 AM IST
जब नेताओं के हैं कॉलेज तो फ़ीस कम कौन करेगा और क्यों करेगा?
निजी कॉलेजों के आयुष छात्र 50 दिन से धरने पर बैठे हैं.

उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत दावा कर रहे हैं कि अंब्रेला एक्ट आएगा तो प्राइवेट कॉलेज मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे.

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देहरादून. दिल्ली में चल रहे जेएनयू छात्रों के आंदोलन के शोर में उत्तराखंड में फ़ीस वृद्धि के ख़िलाफ़ चल रहे आंदोलनों की आवाज़ कुछ दब सी गई है. उत्तराखंड (Uttarakhand) में आयुष छात्र (Ayush Students) तीन गुना फ़ीस वृद्धि के ख़िलाफ़ 50 दिन से धरने पर बैठे हैं तो गढ़वाल विश्वविद्यालय (Garhwal University) के छात्र भी तीन गुना फ़ीस बढ़ाने के ख़िलाफ़ आंदोलनरत हैं. इस सबके बीच उच्च शिक्षा राज्य मंत्री (Higher Education Minister of state) धन सिंह रावत (Dhan singh Rawat) दावा कर रहे हैं कि अंब्रेला एक्ट (umbrella act) आएगा तो प्राइवेट कॉलेज मनमानी फीस नहीं वसूल पाएंगे. लेकिन कांग्रेस और अभिभावकों के नुमाइंदे पूछ रहे हैं कि जब कॉलेज ही नेताओं के हैं तो कानून मानेगा कौन?

...तो कर चुके होते रोल बैक 

कांग्रेस का कहना है कि ज़्यादातर कॉलेज बीजेपी नेताओं के हैं इसलिए इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी रतूड़ी कहते हैं कि ज़्यादातर निजी कॉलेज बीजेपी नेताओं के हैं और इसीलिए सरकार आयुष छात्रों के इतने लंबे धरने के बावजूद चुपचाप बैठी है. रतूड़ी कहते हैं कि अगर निजी कॉलेज कांग्रेसियों के होते तो यह सरकार कबका रोल बैक कर चुकी होती.

बीजेपी इस आरोप को बेबुनियाद बता रही है. पार्टी के प्रदेश महामंत्री खजान दास कहते हैं कि ये बातें बेकार हैं. अब एक्ट आएगा तो वह सभी पर लागू होगा चाहे कोई बीजेपी नेता का कॉलेज हो, कांग्रेस नेता का या किसी और का.

कोर्ट के आदेश ही नहीं मान रही यह सरकार 

बीजेपी नेता और मेडिकल कॉलेज पेरेंट्स एसोसिएशन के संयोजिक रविंद्र जुगरान कहते हैं कि अंब्रेला एक्ट की बातें आंखों में धूल झोंकने की कोशिश है. सारे मेडिकल, इंजीनियरिंग कॉलेज मंत्रियों, विधायकों, माफ़िया के हैं और अपवादस्वरूप ही कोई नेता होगा जो इसमें शामिल नहीं होगा.

जुगरान कहते हैं कि जो सरकार हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू नहीं करवा पा रही है वह एक्ट लाकर ही क्या कर लेगी?ये भी देखें: 

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First published: November 19, 2019, 11:27 AM IST
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