स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन गेट पर धरना दे रहे भीमलाल आर्य समर्थकों के साथ गिरफ़्तार... ये थी विरोध की वजह

पुलिस ने तुरंत सभी प्रदर्शनकरियों को गिरफ़्तार कर पुलिसलाइन भेज दिया, जहां सभी को नज़र बन्द रखा गया.

Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: August 15, 2019, 5:31 PM IST
स्वतंत्रता दिवस पर राजभवन गेट पर धरना दे रहे भीमलाल आर्य समर्थकों के साथ गिरफ़्तार... ये थी विरोध की वजह
पूर्व विधायक घनसाली भीमलाल आर्य अपने कुछ समर्थको के साथ एनसीसी अकादमी को पौड़ी शिफ्ट किए जाने के विरोध में राजभवन के गेट के आगे धरना देने पहुंच गए थे.
Kishore Kumar Rawat | News18 Uttarakhand
Updated: August 15, 2019, 5:31 PM IST
एनसीसी अकादमी को टिहरी से पौड़ी शिफ्ट किए जाने का विरोध बढ़ता ही जा रहा है. आलम यह है कि ये विरोध राजभवन के गेट के आगे तक पहुंच गया है. गुरुवार को जब देश आजादी की 73वीं वर्षगांठ और रक्षाबंधन मना रहा था तब कुछ लोग, जिनमें पूर्व विधायक घनसाली भीमलाल आर्य अपने कुछ समर्थको के साथ एनसीसी अकादमी को पौड़ी शिफ्ट किए जाने के विरोध में राजभवन के गेट के आगे धरना देने पहुंच गए.  पुलिस ने तुरंत सभी प्रदर्शनकरियों को गिरफ़्तार कर पुलिसलाइन भेज दिया, जहां सभी को नज़र बन्द रखा गया. इस दौरान पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों ती हल्की धक्का-मुक्की भी हुई.

जनता से छल 

प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे घनसाली के पूर्व विधायक भीमलाल आर्य ने कहा कि हमारा धरना और विरोध तब तक रहेगा जब तक एनसीसी अकादमी को पौड़ी से वापस टिहरी शिफ्ट नहीं किया जाता. आर्य ने कहा कि पूर्व की सरकार ने एनसीसी अकादमी को टिहरी जिले के लिए दिया गया था लेकिन वर्तमान सरकार ने आंतरिक राजनीति के कारण इसे पौड़ी शिफ्ट कर दिया है.

bhimlal arya taken by force, पुलिस ने तुरंत सभी प्रदर्शनकरियों को गिरफ़्तार कर पुलिसलाइन भेज दिया, जहां सभी को नज़र बन्द रखा गया.
पुलिस ने सभी प्रदर्शनकरियों को गिरफ़्तार कर पुलिसलाइन भेज दिया, जहां सभी को नज़र बन्द रखा गया.


भीमलाल आर्य ने इसे प्रदेश की जनता के साथ छल बताते हुए कहा कि जब तक उनको लिखित में यह नहीं दिया जाता कि एनसीसी अकादमी को वापस टिहरी शिफ़्ट किया जा रहा तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा.

ये है वजह 

बता दें कि इस मुद्दे को लेकर स्थानीय लोग पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं. इन लोगों का कहना है कि 5 दिसंबर, 2016 को अकादमी का शिलान्यास टिहरी जिले के देवप्रयाग ब्लॉक स्थित श्रीकोट माल्डा में तत्कालीन सरकार ने किया था. लेकिन 29 जून, 2019 को मौजूदा सरकार ने अकादमी को पौड़ी जिले के देवार में शिफ्ट करने का निर्णय लिया है. इससे टिहरी जिले की जनता में काफी आक्रोश और  गुस्सा है.
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आंदोलनकारी ये भी कह रहे हैं कि उनका उद्देश्य पौड़ी गढ़वाल का विरोध नहीं करना है. यह विरोध  सरकार की जनविरोधी नीति का है. स्थानीय निवासी पूछ रहे हैं कि जब एनसीसी अकादमी टिहरी के लिए दी गई थी तो अब उसे पौड़ी में क्यों शिफ्ट किया गया?

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First published: August 15, 2019, 5:31 PM IST
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