जोर का झटका... आपदा से 5 बड़ी जल विद्युत परियोजनाएं ठप, 120 लाख यूनिट रोज़ का नुक़सान

satendra bartwal | News18 Uttarakhand
Updated: August 21, 2019, 12:12 PM IST
जोर का झटका... आपदा से 5 बड़ी जल विद्युत परियोजनाएं ठप, 120 लाख यूनिट रोज़ का नुक़सान
उत्तरकाशी में आपदा से बिजली विभाग को करोड़ों का नुक़सान हुई है.

विद्युत विभाग को अब तक करोड़ों रुपये का नुक़सान हो चुका है. हालात सामान्य होने में अभी समय लग सकता है.

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रविवार को मोरी तहसील में बादल फटने के आई आपदा से स्थानीय स्तर पर जनजीवन तो बुरी तरह प्रभावित हुआ ही है उसका असर बाकी राज्य पर भी पड़ा है. टौंस और यमुना नदी में उफ़ान आने की वजह से राज्य की 5 जल विद्युत परियोजनाओं को बंद करना पड़ा है. इसकी वजह से प्रदेश को रोज़ 120 लाख यूनिट का नुक़सान उठाना पड़ रहा है. ज़ाहिर तौर पर विद्युत उत्पादन घटने की वजह से इसकी आपूर्ति भी प्रभावित हुई और विद्युत विभाग को अब तक करोड़ों रुपये का नुक़सान हो चुका है. हालात सामान्य होने में अभी समय लग सकता है.

मोरी में बादल फटने की वजह से टौंस और यमुना नदी पर स्थित 5 बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं को बंद करना पड़ा जिससे रोज़ 12 मिलियन यूनिट का नुक़सान राज्य को हो रहा है. दरअसल टौंस और यमुना नदियों का जलस्तर बढ़ने की वजह से पानी में सिल्ट की मात्रा बढ़ गई है. इसके चलते 240 मेगावाट की छिबरो, 120 मेगावाट की खोदरी, 51 मेगावाट की ढालीपुर, 33.75 मेगावाट के ढकरानी और 30 मेगावाट की कुल्हाल जल विद्युत परियोजनाओं का उत्पादन ठप हो गया है.

कई गुना हुआ सिल्ट 

यूजेवीएनएल के एमडी एसएन वर्मा कहते हैं कि जब भी इस तरह की बाढ़ जैसी स्थिति होती है तो उसमें मलबा बहुत बढ़ जाता है और मशीनों को चलाना सुरक्षित नहीं रहता. वर्मा बताते हैं कि 3000 पीपीएम तक सिल्ट के साथ मशीनें चल सकती हैं और अभी ये 11000 पीपीएम तक बढ़ गया है. अब फिर से उत्पादन करने के सिल्ट कम होने का इंतज़ार करना होगा.

मोरी तहसील के करीब 52 गांव में भी बिजली आपूर्ति अब भी ठप पड़ी है और अगले 10 दिन में इसे सुचारु होने की उम्मीद भी नहीं है. इस आपदा से विद्युत आपूर्ति करने वाले निगम यूपीसीएल को करीब 2 करोड़ रुपये का नुक़सान हुआ है.

बिजली आपूर्ति बहाल करने की कोशिश जारी

मोरी तहसील में 33 किलोवाट की 26 किलोमीटर और 11,000 किलोवाट की 18 किलोमीटर की लाइनें ध्वस्त हो गई हैं. इसके अलावा 8 बड़े ट्रांसफार्मर्स को भी नुक़सान पहंचा है. यूपीसीएल के एमडी बीसीके मिश्रा कहते हैं कि इलाक़े में बिजली आपूर्ति की कोशिशें की जा रही हैं. त्यूणी और आराकोट बेस स्टेशन में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और प्रभावित गांवों तक भी जल्द ही बिजली पहुंचाने की कोशिशें जारी हैं.
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First published: August 21, 2019, 12:12 PM IST
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