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उत्तराखंड में भी पहुंचा बर्ड फ़्लू! देहरादून में मरे पाए गए पांच कौवे

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई पक्षी मरा हुआ पाया जाता है तो वे तत्काल विभाग को इसकी सूचना भेजें.
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई पक्षी मरा हुआ पाया जाता है तो वे तत्काल विभाग को इसकी सूचना भेजें.

वन विभाग ने अपील की है कि अगर किसी क्षेत्र में कोई पक्षी मरा हुआ पाया जाता है तो लोग टोल फ़्री नंबर 1926 पर कॉल कर वन विभाग को इसकी सूचना दें.

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देहरादून. राजस्थान, केरल, हिमाचल, दिल्ली के बाद उत्तराखंड में भी बर्डफ़्लू यानी एवियन इनफ्लुएंजा H5N8 के संक्रमण की आशंका प्रबल हो गई है. उत्तराखंड में राजधानी देहरादून में पिछले 3 दिनों में अलग-अलग क्षेत्रों में 5 कव्वे मरे हुए पाए गए. इनमें से एसएसपी ऑफिस कैंपस से लगे रेजिडेंशियल एरिया में आज दो कौवे मरे हुए पाए गए. इसके बाद सभी चिड़ियाघरों और रेस्क्यू सेंटर्स को अलर्ट कर दिया गया है. मृत पाए गए कौवों के सैंपल्स जांच के लिए भेजे गए हैं. एवियन इनफ्लुएंजा का संक्रमण माइग्रेटरी बर्ड्स से होते हुए अन्य जानवरों के साथ ही मनुष्यों में भी होता है. यह वायरस इंसान के फेफड़ों पर हमला करता है.

हाई अलर्ट 

एसएसपी ऑफ़िस कैंपस में दो कौवों के मरे हुए मिलने की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की रेस्क्यू टीम ने दोनों कौवों को बरामद किया. देहरादून फ़ॉरेस्ट डिवीजन के डीएफ़ओ राजीव धीमान ने बताया कि मृत कौवों के सैम्पल HSADL भोपाल स्थित लैब को भेजे जा रहे हैं.



उत्तराखंड में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के निर्देश के बाद पहले ही अलर्ट घोषित कर दिया गया था. खासकर फॉरेस्ट एरिया में सभी जू और रेस्क्यू सेंटरों को भी अलर्ट कर दिया गया है.
देहरादून जू के डायरेक्टर पीके पात्रों ने बताया कि देहरादून चिड़ियाघर में रेस्क्यू सेंटर भी है. इसलिए अगले आदेश तक रेस्क्यू कर लाई जाने वाली बर्ड को चिड़ियाघर में रखने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. देहरादून चिड़ियाघर में 300 से अधिक जानवर, पक्षी मौजूद हैं, इसलिए यहां भी हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है.

पक्षी मरा मिले तो वन विभाग को बताएं 

उत्तराखंड के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस सुहाग का कहना है कि मृत कौवों के सैंपल भोपाल स्थित लैब को भेजे जा रहे हैं. वहां से रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुष्टि हो पाएगी कि कौवों की मौत बर्ड फ्लू से ही हुई या फिर कुछ और कारणों से.

वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में कोई पक्षी मरा हुआ पाया जाता है तो वे तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना भेजें. वन विभाग को टोल फ़्री नंबर 1926 पर कॉल कर सूचना दी जा सकती है.
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