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कांग्रेस नेता के ब्राह्मण विरोधी बयान को बीजेपी ने बताया सामाजिक जीवन पर धब्बा, प्रीतम ने जताई छेड़छाड़ की आशंका

Deepankar Bhatt | News18 Uttarakhand
Updated: January 20, 2020, 5:57 PM IST
कांग्रेस नेता के ब्राह्मण विरोधी बयान को बीजेपी ने बताया सामाजिक जीवन पर धब्बा, प्रीतम ने जताई छेड़छाड़ की आशंका
कांग्रेस नेता राजेंद्र भंडारी का एक ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह खुद को ब्राह्मण विरोधी और कट्टर ठाकुर बता रहे हैं.

नेताजी यह भूल गए हैं कि देवभूमि का शायद ही कोई गांव हो जो जातियों में बंटा हो. इसके उलट हर गांव में हर जाति के लोग मिलजुल रहते हैं.

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देहरादून. जाति उत्तराखंड ही नहीं देश की राजनीति का सच है और कभी-कभी जातिगत भेद की कड़वी बातें भी सामने आ जाती हैं. कांग्रेस के एक नेता, राजेंद्र भंडारी, का ब्राह्मणों के विरोध की बातें करते हुए ऑडिया वायरल होने के बाद कांग्रेस से इस मामले पर जवाब देते नहीं बन रहा है. दूसरी ओर बीजेपी राजेंद्र भंडारी की सोच पर सवाल खड़े कर रही है और जातिगत बयान को कांग्रेस के गर्त में जाने की तैयारी बता रही है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं भंडारी 

राजनीति में अपनी दुकान चलाने के लिए नेताओं के पास सिर्फ बयान होते हैं और कई बार बयानों में नेताओं की सोच जाहिर हो जाती है. जैसे खुद को ब्राह्मण विरोधी और कट्टर ठाकुर बताते हुए कांग्रेस नेता राजेंद्र भंडारी की हुई. अब हालात ये हैं कि अपने नेता की जातिगत टिप्पणी पर कांग्रेस से जवाब देते नहीं बन रहा है.

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ऑडियो की हकीकत स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं और कहते हैं ‘साइंस के युग’ में कुछ भी हो सकता है यानी कि भंडारी की आवाज़ की सत्यता पर वह सवाल उठाते हैं. भंडारी को वरिष्ठ नेता बताते हुए प्रीतम सिंह कहते हैं कि उनके ऐसा करने की उम्मीद नहीं है.

बीजेपी के सवाल 

दूसरी ओर बीजेपी बयानवीर नेता की सोच पर सवाल खड़े कर रही है. कृषि मंत्री सुबोध उनियाल इसे विनाश काले विपरीत बुद्धि बताते हैं. वह कहते हैं कि ऐसा बयान देने वाला नेता राजनीति और समाज पर धब्बा है.

20 साल के उत्तराखंड में राजनीति के लिए कुछ नेताओं की सोच कितनी गिर गई  है यह कांग्रेस नेता के ऑडियो ने साफ़ कर दिया है और नेताजी यह भूल गए हैं कि देवभूमि का शायद ही कोई गांव हो जो जातियों में बंटा हो. इसके उलट हर गांव में हर जाति के लोग मिलजुल रहते हैं लेकिन कुर्सी के लिए कुछ नेताओं को यह बात समझ नहीं आती.ये भी देखें: 

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First published: January 20, 2020, 5:50 PM IST
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